एक्सप्लोरर

कांग्रेस या भाजपा जैसी पार्टियों का प्रवक्ता बनने के लिए किस डिग्री की होती है जरूरत?

कांग्रेस, भाजपा या किसी भी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बनने के लिए कोई निर्धारित डिग्री जरूरी नहीं है, लेकिन राजनीति विज्ञान, पत्रकारिता, मास कम्युनिकेशन और कानून की पढ़ाई फायदेमंद मानी जाती है.

टीवी डिबेट्स, प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया ब्रीफिंग में राजनीतिक दलों का पक्ष रखने वाले प्रवक्ता आज राजनीति का अहम चेहरा बन चुके हैं. कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी या अन्य बड़े राजनीतिक दलों के प्रवक्ता अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का रुख जनता के सामने रखते हैं. ऐसे में कई युवाओं के मन में सवाल उठता है कि आखिर किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता बनने के लिए कौन-सी डिग्री या योग्यता जरूरी होती है?

दरअसल, भारत में किसी भी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बनने के लिए संविधान, चुनाव आयोग या किसी सरकारी संस्था द्वारा कोई विशेष शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है. यानी प्रवक्ता बनने के लिए किसी खास डिग्री का होना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, कुछ विषयों में शिक्षा और अनुभव इस भूमिका में काफी मददगार साबित होते हैं.

कौन-सी डिग्री होती है फायदेमंद?

रिपोर्ट्स के अनुसार मास कम्युनिकेशन (Journalism and Mass Communication), राजनीति विज्ञान (Political Science), जनसंपर्क (Public Relations), कानून (Law), पत्रकारिता, लोक प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों की पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों को इस क्षेत्र में बढ़त मिल सकती है. इन विषयों की पढ़ाई से राजनीतिक व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन, जनसंपर्क और नीतिगत मुद्दों की बेहतर समझ विकसित होती है, जो प्रवक्ता की भूमिका निभाने में काफी उपयोगी साबित होती है.

यह भी पढ़ें- ​कितने पढ़े लिखे हैं कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों प्रवक्ता? जानिए कहां से ली है शिक्षा

सिर्फ डिग्री नहीं, ये स्किल्स भी हैं जरूरी

राजनीतिक प्रवक्ता बनने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होती. इस पद पर सफलता के लिए कई महत्वपूर्ण कौशलों की भी आवश्यकता होती है. एक प्रवक्ता का सबसे बड़ा हथियार उसकी बोलने की क्षमता होती है. उसे टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की बात स्पष्ट, प्रभावी और आत्मविश्वास के साथ रखनी होती है.

राजनीतिक और सामाजिक समझ

देश-दुनिया की घटनाओं, सरकारी नीतियों, विपक्ष के आरोपों और अपनी पार्टी की विचारधारा की गहरी जानकारी होना बेहद जरूरी है. प्रवक्ता को हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ जवाब देने में सक्षम होना चाहिए.

डिबेट और तर्क क्षमता

टीवी डिबेट में अक्सर तीखे सवाल और बहस का माहौल होता है. ऐसे में प्रवक्ता के पास मजबूत तर्क क्षमता, संयम और तुरंत जवाब देने की योग्यता होनी चाहिए. मीडिया के कामकाज और खबरों की प्रकृति को समझना भी महत्वपूर्ण है. यही वजह है कि कई पत्रकार, वकील और राजनीतिक विश्लेषक बाद में राजनीतिक दलों के प्रवक्ता बन जाते हैं.

कैसे बन सकते हैं राजनीतिक प्रवक्ता?

आमतौर पर राजनीतिक दल अपने सक्रिय और भरोसेमंद कार्यकर्ताओं को समय के साथ प्रवक्ता की जिम्मेदारी देते हैं. इसके लिए पार्टी में लंबे समय तक काम करना, संगठनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेना और नेतृत्व का विश्वास हासिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है.

यह भी पढ़ें- छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM ने दिए बड़े निर्देश

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कांग्रेस या भाजपा जैसी पार्टियों का प्रवक्ता बनने के लिए किस डिग्री की होती है जरूरत?
कांग्रेस या भाजपा जैसी पार्टियों का प्रवक्ता बनने के लिए किस डिग्री की होती है जरूरत?
​कितने पढ़े लिखे हैं कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों प्रवक्ता? जानिए कहां से ली है शिक्षा
​कितने पढ़े लिखे हैं कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों प्रवक्ता? जानिए कहां से ली है शिक्षा
छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM ने दिए बड़े निर्देश
छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM ने दिए बड़े निर्देश
Delhi Anganwadi Recruitment 2026: 12वीं पास से लेकर MA उम्मीदवारों के लिए नौकरी का शानदार मौका, 26 जून तक करें आवेदन
12वीं पास से लेकर MA उम्मीदवारों के लिए नौकरी का शानदार मौका, 26 जून तक करें आवेदन
Advertisement

वीडियोज

Khan Sir Controversy: आज कोर्ट में सरेंडर करेंगे खान सर? | Patna Coaching Firing
Khan Sir Controversy: खान सर की होने वाली है गिरफ्तारी? | Patna Coaching Firing | Breaking | Bihar
US Iran War Updates: Hormuz पर बड़ी कार्रवाई के बाद Trump का बयान | Khamenei | Breaking |Latest News
Sansani: ब्रेकअप का खूनी दरिंदा ! | Mohali Punjab | Crime News
Khan Sir Controversy: 'गोली कांड' में खान सर फंस गए! | Roshan Anand | Coaching Firing | Bihar News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत को धमकी देने वाले अमेरिका-यूरोप को पुतिन की दो टूक, कहा- 'PM मोदी के राज में प्रतिबंधों...'
भारत को धमकी देने वाले अमेरिका-यूरोप को पुतिन की दो टूक, कहा- 'PM मोदी के राज में प्रतिबंधों...'
दिल्ली: मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, शेफ केशव नेगी गिरफ्तार; अब तक दो आरोपी दबोचे
दिल्ली: मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, शेफ केशव नेगी गिरफ्तार; अब तक दो आरोपी दबोचे
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किन नेताओं को सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किसे सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
झूठे आरोपों का कबूलनामा कर बुरी फंसी शिल्पा शिंदे, अब होगी कार्रवाई? AICWA ने महाराष्ट्र के सीएम से कर दी है अपील
झूठे आरोपों के खिलाफ शिल्पा शिंदे पर अब होगी कार्रवाई? एआईसीडब्ल्यूए ने की ये तैयारी
IND vs AFG Live Streaming: आज कितने बजे से शुरू होगा भारत-अफगानिस्तान टेस्ट, जानिए किस चैनल और ऐप देखें लाइव मैच
आज कितने बजे से शुरू होगा IND vs AFG टेस्ट, जानिए किस चैनल और ऐप देखें लाइव मैच
'वो शिक्षक नहीं माफिया....पैसे का घमंड है', खान सर के मामले में आया गांव वाले चाचा का बयान
'वो शिक्षक नहीं माफिया....पैसे का घमंड है', खान सर के मामले में आया गांव वाले चाचा का बयान
BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान
BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान
Cockroach Janta Party Protest: क्या कोई भी कर सकता है जंतर मंतर पर आंदोलन? जानें, कैसे मिलती है इसके लिए इजाजत
क्या कोई भी कर सकता है जंतर मंतर पर आंदोलन? जानें, कैसे मिलती है इसके लिए इजाजत
Embed widget