महंगा हुआ ब्रेड, अब सुबह के नाश्ते के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे
Bread Price Hike: पश्चिम बंगाल में ब्रेड की कीमत बढ़ गई है. कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण नई कीमतें 17 अगस्त 2026 से लागू हुईं, जिससे अब रोजाना ब्रेड खरीदने वालों का बजट प्रभावित होगा.

West Bengal Bread Price News: अगर आपके दिन की शुरुआत चाय और ब्रेड के साथ होती है, तो यह खबर आपकी जेब पर पहले के मुकाबले ज्यादा असर डाल सकती है. हाल ही में पश्चिम बंगाल में ब्रेड की कीमतों में महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है. पश्चिम बंगाल बेकर्स एसोसिएशन ने कच्चे माल की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए एक पाउंड ब्रेड की कीमत बढ़ाने की इजाजत दे दी है.
बेकर्स एसोसिएशन के मुताबिक, आटा, चीनी और पैकेजिंग से जुड़ी लागत में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है. ऐसे में लंबे समय तक पुराने कीमतों को जारी रखना बेकरी कारोबारियों के लिए मुश्किल हो गया था. इसलिए ब्रेड की नई कीमत 17 अगस्त 2026 से लागू कर दी गई है. ऐसे में रोजाना ब्रेड खरीदने वाले लोगों के मासिक बजट पर इसका असर देखने को मिल सकता है. आइए जानते हैं ब्रेड के नई कीमत के बारे में...
क्या है ब्रेड की नई कीमत?
पश्चिम बंगाल बेकर्स एसोसिएशन के सीईओ अरिफुल इस्लाम के मुताबिक, कीमत बढ़ाने का फैसला 8 अगस्त को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया था. इसे 17 अगस्त से लागू कर दिया गया है. ऐसे में एक पाउंड यानी करीब 450 ग्राम ब्रेड की कीमत पहले 32 रुपये थी, जिसे अब बढ़कर 36 रुपये कर दी गई है.
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बेकर्स का कहना है कि उन्होंने कुछ समय तक कीमतों में बढ़ोतरी रोकने की कोशिश की, लेकिन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण ऐसा करना मुश्किल हो गया. राज्य में करीब 3,000 बेकरी इस बदलाव से प्रभावित होंगी. हालांकि, नई कीमतों के हिसाब से खुदरा विक्रेताओं को बिक्री के लिए 15 दिन का समय दिया गया है.
ब्रेड की कीमत बढ़ने की क्या है वजह?
दरअसल, ब्रेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा था, जिसका सीधा असर बेकरी कारोबार पर पड़ा है. बताया जा रहा है कि बीते महीने मैदे की कीमत में करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि चीनी की कीमत भी करीब 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक कर दी गई है.
इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण पैकेजिंग और दूसरी लागत भी बढ़ा दी गई है. यही वजह है कि इन सभी खर्चों का असर अब ब्रेड की कीमत पर देखने को मिल रहा है.
पहले ही बढ़ चुके हैं स्लाइस ब्रेड के दाम
ब्रेड की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे वक्त में की गई है, जब संगठित क्षेत्र के कई ब्रेड ब्रांड भी पहले से अपने दाम महंगे कर चुके हैं. हालांकि, कई जगह स्लाइस ब्रेड की कीमत में करीब 4 रुपये प्रति पाउंड की बढ़ोतरी की गई है. ऐसे में इसकी कीमत करीब 36 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति पाउंड तक की जा चुकी है. एसोसिएशन के मुताबिक, खुदरा विक्रेताओं को नई कीमत पर ब्रेड बेचने के साथ-साथ वितरकों को 22% तक की छूट देने की भी बात कही गई है.
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