योगी का बजट: अल्पसंख्यकों के लिए भी सरकार दरियादिल, दिए 2757 करोड़ रुपये
स्थायी मान्यता प्राप्त आलिया स्तर के 246 अरबी-फारसी मदरसों को अनुदान देने के लिये 215 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है.

लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिये आज पेश बजट में अल्पसंख्यकों से जुड़ी योजनाओं पर दिल खोलकर खर्च की व्यवस्था की है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में पेश बजट में अल्पसंख्यकों के विकास एवं कल्याण की योजनाओं के लिए 2757 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा है. इसके अलावा अरबी-फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना के लिये 404 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा गया है.
बजट में अरबिया मकतबों (मदरसों) को अनुदान देने के लिये लगभग 486 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है. साथ ही स्थायी मान्यता प्राप्त आलिया स्तर के 246 अरबी-फारसी मदरसों को अनुदान देने के लिये 215 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है. इसके अलावा, सरकार ने पॉवरलूम बुनकरों को रियायती दरों पर बिजली देने के लिये 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में की है.
उधर उद्योग मण्डल एसोचैम ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा पेश वर्ष 2018-19 के बजट को संतुलित और ‘व्यावहारिक‘ करार दिया है. उद्योग संगठन ने कहा है कि यदि बजट में घोषित योजनाओं पर अमल किया गया तो राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. एसोचैम महासचिव डी. एस. रावत ने एक बयान में कहा कि योगी सरकार द्वारा पेश बजट संतुलित है और इससे प्रदेश के विकास में तेजी आने की उम्मीद है. इससे प्रदेश में निवेश की सम्भावनाएं और बढ़ेंगी और रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा.
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