Loan Apps Banned: लेजीपे और इंडियाबुल्स होम लोन समेत कई ऐप्स सरकार ने किए बैन, जानिए क्या है वजह
Loan Apps Banned: सरकार ने सट्टेबाजी और ऑनलाइन लोन देने वाले कई ऐप्स पर बैन लगा दिया है. इसमें PayU के LazyPay ऐप का नाम भी शामिल है. आइए जानते हैं इस बारे में.

Online Loan Apps Banned: केंद्र की मोदी सरकार ने डिजिटल स्ट्राइक करते हुए फिनटेक फर्म LazyPay, IndiaBulls होम लोन समेत कई तरह के ऑनलाइन लोन ऐप्स और सट्टेबाजी के ऐप्स (Online Betting Apps) पर रोक लगा दी है. आईटी मिनिस्ट्री (IT Ministry) से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने कुव 232 ऐसे ऐप्स पर बैन लगाता है जो विदेशों से नियंत्रित किए जाते हैं. इसमें कई ऐसे ऐप्स भी शामिल हैं जो चीन से ऑपरेट किए जा रहे थे. इसके अलावा कई ऐसे ऐप्स पर भी इस फैसले का असर पड़ा है जो भारत से ऑपरेट किए जाते हैं.
LazyPay को किया गया ब्लॉक
आपको बता दें कि सरकार के इन ऐप्स को बैन करने के फैसले के बाद से ही कई ऐप्स ने यह जानकारी दी है कि उनकी वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया है. PayU के द्वारा चलाया जाने वाला लोन ऐप LazyPay ने जानकारी दी है कि उनकी आधिकारिक वेबसाइट और ऐप ने काम करना बंद कर दिया है. ऐसे में वह इस मामले को सुलझाने के लिए हर कदम उठाने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार के आईटी विभाग से जल्द इस बारे में बातचीत शुरू करेंगे.
इन वेबसाइट्स को भी किया गया ब्लॉक
LazyPay के अलावा मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (Meity) ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी इंडियाबुल्स हाउंसिंग फाइनेंस कंपनी और Kissht.com की भी वेबसाइट पर ब्लॉक कर दिया है. यह दोनों NBFC फर्म हैं तो RBI के पास रजिस्टर्ड थी. Kissht App भारत में एक ऑनलाइन लोन देने वाला ऐप है जो कि फ्रिज, टीवी, मोबाइल, लैपटॉप आदि सामान की खरीद पर लोन की फैसिलिटी देता है. वहीं इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस कंपनी होम लोन देती है. इसके अलावा सरकार ने जानकारी दी है कि कुल 138 सट्टेबाजी की वेबसाइट्स और 94 गैरकानूनी लोन ऐप्स को सरकार ने बैन करने का फैसला किया है.
इन ऐप्स को क्यों किया गया बैन
आईटी मिनिस्ट्री ने इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियों को आदेश जारी करते हुए इन ऐप्स पर बैन लगाने का आदेश जारी किया है. इन ऐप्स को बैन करने के पीछे यह कारण है कि उनमें से कई ऐप्स भारत में गैरकानूनी तरीके से सट्टेबाजी कर रहे थे. इसके अलावा लोन ऐप्स पर बैन लगाने के पीछे यह कारण है कि यह ऐप्स आरबीआई के नियमों के अनदेखी करके लोगों ने मनमाने तरीके से ब्याज वसूल रहे थें. ध्यान देने वाली बात ये है कि पिछले कुछ समय में भारत सरकार ने कई ऑनलाइन लोन देने वाले ऐप्स पर कार्रवाई की है. कोरोना महामारी के दौरान कई ऐप्स लोगों को लोन देकर मनमाने तरीके से ब्याज की वसूली कर रहे थें. लोगों की शिकायतों के बाद आरबीआई और आईटी मिनिस्ट्री ने इस ऐप्स पर कार्रवाई शुरू कर दी था.
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Source: IOCL





















