एक्सप्लोरर

NITI Aayog CEO: नीति आयोग ने माना, जीएसटी से कम हुआ राज्यों का राजस्व, केंद्र की इन योजनाओं से भी घाटा

CSEP's Seminar: नीति आयोग के सीईओ बी वी आर सुब्रमण्यम सोमवार को सीएसईपी के एक सेमिनार में हिस्सा ले रहे थे. इस दौरान उन्होंने राज्यों के फाइनेंस के मामलों में पारदर्शिता को लेकर बातें की...

जीएसटी यानी माल एवं सेवा कर को लागू हुए इसी महीने छह साल पूरे हुए हैं. इन छह सालों में लगातार इसके फायदे और नुकसान पर बहसें होती रही हैं. कई लोगों का मानना रहा है कि जीएसटी से राज्यों का राजस्व कम हुआ है. अब नीति आयोग ने भी इस मान्यता पर मुहर लगा दी है.

राज्यों को हो रहा है नुकसान

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि जीएसटी लागू होने से राज्यों का राजस्व कम हुआ है. वहीं केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं की संख्या बढ़ने से भी राजस्व के मोर्चे पर राज्यों को घाटा उठाना पड़ा है. नीति आयोग के सीईओ बी वी आर सुब्रमण्यम सोमवार को सेंटर फोर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (Centre for Social and Economic Progress) यानी सीएसईपी (CSEP) के एक सेमिनार में हिस्सा ले रहे थे.

इन मामलों में पारदर्शिता जरूरी

इस मौके पर उन्हेंने राज्यों के फाइनेंस के मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बातें कीं. उन्होंने कहा कि बेहतर पारदर्शिता सुनिश्चित करने से राज्यों को बाजार से सस्ती दरों पर फंड जुटाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही उन्होंने फिस्कल काउंसिल जैसा संस्थान बनाने की भी वकालत की. उन्होंने कहा कि बाजार को पारदर्शिता पसंद है. ऐसे में पारदर्शिता एहरूपता से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है. राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी न किसी रूप में सारी चीजें रिपोर्ट हों. इससे उन्हें ही मदद मिलेगी.

इन राज्यों का उदाहरण सामने

सुब्रमण्यम ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए कुछ राज्यों का उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि पिछले साल जो ऑफ-बजट बॉरोइंग हुई यानी बजट से इतर जो कर्ज जुटाए गए, उनमें 93 फीसदी हिस्सा पांच दक्षिणी राज्यों का रहा. वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल, पंजाब और राजस्थान जैसे ज्यादा राजकोषीय घाटे वाले राज्य बजट से इतर कर्ज जुटाने में काफी पीछे रह गए.

यह बदलाव लाना है जरूरी

उन्होंने कहा कि इसका कारण बाजार का अनुशासन रहा. बाजार बंगाल, पंजाब और राजस्थान की तुलना में दक्षिणी राज्यों को कर्ज देना अधिक पसंद कर रहा है. उन्होंने कहा कि जब राज्यों के पास अपना बॉन्ड मार्केट डेवलप नहीं होता है, तो उन्हें बाजार से फंड जुटाने के लिए भारत सरकार या आरबीआई के माध्यम से जाना पड़ता है. अगर राज्य बॉन्ड मार्केट डेवलप करें और पारदर्शिता रखें तो संभवत: बाजार उन्हें फंड देने पर विचार करे.

चार लाख करोड़ के नुकसान में राज्य

नीति आयोग सीईओ ने इसके साथ ही केंद्र सरकार के लिए भी बजट के अलावा फंड जुटाने के मामले में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत की बात कही.  उन्होंने सेस और सरचार्ज के मामले में अनुशासन को जरूरी बताया. उन्होंने यह स्वीकार किया कि माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी के लागू होने के बाद राज्यों का राजस्व कम होता जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की तरफ से प्रायोजित योजनाओं की संख्या बढ़ने से राज्यों का राजस्व करीब चार लाख करोड़ रुपये घट गया है.

ये भी पढ़ें: डॉलर की जगह भारत ने अपनाया युआन, रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पड़ गई ये जरूरत

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी! सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे मुनीर-शहबाज?
भारत ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी! सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे मुनीर-शहबाज?
दिल्ली में अभी शीतलहर नहीं छोड़ेगी पीछा, मौसम विभाग ने दिया अपडेट
दिल्ली में अभी शीतलहर नहीं छोड़ेगी पीछा, मौसम विभाग ने दिया अपडेट
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हलचल तेज, भारत समेत इन टीमों ने घोषित किए स्क्वाड
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हलचल तेज, भारत समेत इन टीमों ने घोषित किए स्क्वाड
गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- 'वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं'
गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- 'वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं'

वीडियोज

मेरठ के जल्लाद सनम का नया खेल | Sansani | Crime News
Indore: दूषित पानी से 9 मौत..एक्शन पर सवाल..हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट | Kailash Vijayvargiya
Bharat Ki Baat: king Khan पर सवाल, बांग्लादेशी खिलाड़ी पर बवाल | Mustafizur Rahman
Janhit: 'खलीफा' की कुर्सी खतरे में, सड़क पर उतरा Gen Z | Masoud Pezeshkian | Protest | Inflamation
Janhit: 'कट्टरपंथियों' के हाथ में न्यूयॉर्क? अमेरिका की 'हवा' बदल रही है? | New York

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी! सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे मुनीर-शहबाज?
भारत ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी! सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे मुनीर-शहबाज?
दिल्ली में अभी शीतलहर नहीं छोड़ेगी पीछा, मौसम विभाग ने दिया अपडेट
दिल्ली में अभी शीतलहर नहीं छोड़ेगी पीछा, मौसम विभाग ने दिया अपडेट
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हलचल तेज, भारत समेत इन टीमों ने घोषित किए स्क्वाड
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हलचल तेज, भारत समेत इन टीमों ने घोषित किए स्क्वाड
गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- 'वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं'
गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- 'वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं'
यूक्रेन से छीनी जगह पर न्यू ईयर का जश्न मना रहे लोगों पर ड्रोन अटैक, रूस ने किया 24 लोगों की मौत दावा, जानें पूरा मामला
यूक्रेन से छीनी जगह पर न्यू ईयर का जश्न मना रहे लोगों पर ड्रोन अटैक, रूस ने किया 24 लोगों की मौत दावा, जानें पूरा मामला
हरियाणा पुलिस में नौकरी का मौका​,​ 11 जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू​;​ जानें डिटेल्स
हरियाणा पुलिस में नौकरी का मौका​,​ 11 जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू​;​ जानें डिटेल्स
कितने रुपये में आता है ट्रेन का एक पहिया? कीमत होश उड़ा देगी
कितने रुपये में आता है ट्रेन का एक पहिया? कीमत होश उड़ा देगी
पेट की चर्बी होगी गायब! सुबह खाली पेट पिएं ये बेहद खास ड्रिंक
पेट की चर्बी होगी गायब! सुबह खाली पेट पिएं ये बेहद खास ड्रिंक
Embed widget