किसान कैसे पता लगाएं, उन्हें इनकम टैक्स भरना है या नहीं
वैसे तो किसानों को कम आमदनी के चलते टैक्स भरना नहीं है, लेकिन किसानों को यह जरूर पता लगाना चाहिए कि उन्हें इनकम टैक्स भरना है या नहीं. क्या वाकई में एक किसान की आय इतनी हो गई है कि वह टैक्स दे?

नई दिल्ली: टैक्सपेयर्स को आयकर विभाग की तरफ से बड़ी राहत मिली है. आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 31 अगस्त 2018 कर दी है. पहले इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2018 थी. हालांकि इसके बाद भी कई सारे टैक्सपेयर्स अपनी देनदारियों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं. तारीख के आगे बढ़ने से उन्हें कोई खास मदद नहीं मिलेगी, जब तक कि टैक्सपेयर्स खुद से कोई कदम नहीं उठाते. इसके साथ ही बड़ा सवाल यह भी है कि टैक्सपेयर्स को वाकई में टैक्स भरना भी है या नहीं.
वैसे तो किसानों को कम आमदनी के चलते टैक्स भरना नहीं है, लेकिन किसानों को यह जरूर पता लगाना चाहिए कि उन्हें इनकम टैक्स भरना है या नहीं. क्या वाकई में एक किसान की आय इतनी हो गई है कि वह टैक्स दे? हालांकि कुछ किसानों ने अपनी मेहनत और लगन से खुद को इस काबिल बना लिया है. लेकिन ज्यादातर किसानों के हालात अब भी ज्यादा अच्छे नहीं है. यह सिर्फ यहीं नहीं रुकता बल्कि यह इस पर निर्भर करता है कि किसानों की आय कहां से आ रही है.
यदि किसानों की कमाई खेती के अलावा भी किसी और माध्यम से आ रही है तो इसका हिसाब करते वक्त खेती से होने वाली उनकी कमाई को भी ध्यान में रखना चाहिए.
इसके बारे में और जानने के लिए इनकम टैक्स एक्ट की धार 2(IA) का रिफरेंस दिया जा सकता है.
कृषि से होने वाली कमाई का मतलब-
- 1.भारत में जमीन से मिलने वाला किसी भी तरह का किराया या रिवेन्यू कृषि के लिए उपयोग में लाया जा सकता है.
- कृषि किसी भी तरह की जमीन से होने वाली इनकम.
Source: IOCL























