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MRI Machine: अब देश में तैयार मशीनों से होगी सस्ती MRI, सरकार ने किया समझौता, जनता को मिलेगा फायदा

MRI Machine Siemens: अब देश में सस्ती कीमतों पर MRI कराने की सुविधा मिल सकेंगी. मोदी सरकार ने स्वदेशी MRI मशीनें बनाने के लिए समझौता किया है..जानिए क्या खास बात है इस खबर में.

Swadeshi MRI Machine In India: देश में मेडिकल सुविधाएं आज भी काफी महंगी है. अगर घर-परिवार में कोई भी सदस्य बीमार पड़ता है, तो बड़े-बुजुर्गो के दिमाग में सबसे पहले एक ही ख्याल आता है, कि अब अस्पताल और डॉक्टर के भारी खर्चे का इंतजाम करना होगा. साथ ही डॉक्टर मरीज की एमआरआई रिपोर्ट (MRI Report) कराने का बोल दें, तो मानो तकलीफ और बढ़ जाती है. सिर्फ MRI रिपोर्ट ही इतनी महंगी होगी, जितने में बाकी सारे टेस्ट हो जाते है. लेकिन अब इससे राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) ने सस्ती MRI उपलब्ध कराने के लिए एक समझौता किया है. जिसकी मदद से अब भारत में ही स्वदेशी एमआरआई मशीनें (Swadeshi MRI Machine) बनाई जा सकेंगी. और देश की जनता को सस्ती MRI की सुविधा मिल सकेगी. जानिए क्या है समझौता...

सीमेंस हेल्थीनीयर्स के साथ हुआ करार

केंद्र सरकार के MEITY (Ministry of Electronics and Information Technology) ने Siemens के साथ मिलकर इस संबध में समझौता किया है. इसमें MeitY के R&D संस्थान SAMEER ने भारत MRI तकनीक पर सीमेंस हेल्थीनीयर्स (Siemens Healthineers) के साथ मिलकर समझौता हुआ है. इसमें कहा गया है कि देश में ही स्वदेशी MRI मशीन बनाई जाएगी. जिससे लोगों को फायदा मिल सकेगा. भारत में गरीब जनता के लिहाज से एमआरआई की फीस काफी ज्यादा है, लेकिन अब उन्हें इससे राहत मिल सकेंगी.

स्वदेशी MRI से मिलेगी सस्ती रिपोर्ट 

स्वदेशी एमआरआई से हर भारतीय को फायदा मिलेगा. साथ ही सस्ता इलाज कराने में लाभ मिलेगा. राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश से देश की गरीब जनता को सस्ता इलाज और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसके लिए Siemens शुरुआती दौर में 1500 करोड़ से ज़्यादा का मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट के लिए खर्च करने जा रही है. पीएम का सपना है कि लोगों को देश में सटे दामों पर अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके.

मंत्री ने सीमेंस के बारे में क्या कहा 

राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार भारत में अगली पीढ़ी की प्रतिभा को तैयार करने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बैठने को तैयार है. सोसाइटी फॉर एप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च का संक्षिप्त नाम समीर है. उन्होंने कहा कि, मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग (MRI) और लीनियर एक्सिलरेटर्स (लाइनेक) में स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों में समीर और सीमेंस हेल्थीनीयर्स की विशेषज्ञता का तालमेल करते हुए संयुक्त गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी जो भारत में एमआरआई तक पहुंच में सुधार करेगी. उन्होंने कहा कि सीमेंस न केवल स्वास्थ्य देखभाल में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी भारत का एक अच्छा भागीदार है.

भारत के स्वास्थ्य मिशन को मिलेगी मजबूती 

समीर के महानिदेशक डॉ.पी. हनुमंत राव (SAMEER Director General Dr.P. Hanumant Rao) का कहना है कि, समीर निदान के लिए कैंसर थेरेपी और मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग सिस्टम के लिए उन्नत लीनियर एक्सिलरेटर्स में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा, यह साझेदारी सीमेंस हेल्थीनीयर्स के लिए स्थानीय उद्योग की पहुंच बनाने में मदद करेगी, और बदले में, समीर को उन्नत स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों में अगली पीढ़ी के अनुसंधान तक पहुंच मिलेगी. ये पहलें देश भर में जीवन बचाने के लिए प्रारंभिक निदान और उपचार के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों को तैनात करने की दिशा में भारत के स्वास्थ्य मिशन को सक्षम बनाएंगी.

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