जियो IPO का धमाका: मेगा इश्यू में रिटेल निवेशकों का भी कोटा फुल, बस कल तक का मौका
जियो आईपीओ एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाता जा रहा है. आईपीओ के पहले दिन शुरुआती 100 मिनट में QIB कोटा ओवरसब्सक्राइब हो गया. आज रिटेल निवेशक भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं.

- जियो IPO: पहले दिन संस्थागत कोटा 100 मिनट में भरा.
- दूसरे दिन खुदरा, गैर-संस्थागत, कर्मचारी कोटे भी भरे.
- आईपीओ आवेदन का कल अंतिम दिन, धन कर्ज चुकाएगा.
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस Jio प्लेटफॉर्म्स (Reliance Jio Platforms) के IPO का आज दूसरा दिन है. पहले दिन यानी कि 21 अक्टूबर को संस्थागत निवेशकों के बीच इसकी जबरदस्त डिमांड देखी गई. तभी इश्यू के लॉन्च होने के महज 100 मिनट के बाद क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया. आमतौर पर जब किसी पब्लिक इश्यू का साइज 10000 करोड़ या उससे ज्यादा होता है, तो उसे पूरा भरने में 2 से 3 दिन का समय लगता है, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स ने इसे कुछ ही मिनटों में हासिल कर एक नया रिकॉर्ड बनाया.
रिटेल निवेशकों ने भी दिखाया दम
आज आईपीओ के दूसरे दिन रिटेल निवेशक भी इसमें खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं. 22 अक्टूबर की सुबह 11 बजे तक रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1 गुना पार कर गया. यानी कि आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए रखे गए शेयरों के मुकाबले ज्यादा आवेदन आ चुके हैं. आईपीओ के पहले दिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा सिर्फ 0.73 गुना (73%) भरा था, जबकि दूसरे दिन निवेशकों ने इस कदर शेयरों की खरीदारी की कि यह कोटा 100% की सीमा को पार कर गया.
हालांकि, बीएसई की डेटा के मुताबिक, शेयरों की डिमांड के मामले में अभी भी संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) ही आगे हैं क्योंकि इन्होंने रिजर्व कोटे के मुकाबले 9.42 गुना ज्यादा बोलियां लगाईं. इससे साफ पता चलता है कि देश और दुनिया के बड़े वित्तीय दिग्गजों को जियो के बिजनेस और इसकी भविष्य की ग्रोथ पर पूरा भरोसा है. इसके बाद गैर-संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी को 2.34 गुना अभिदान मिला. शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 2.06 गुना और कर्मचारियों के कोटे को 1.61 गुना अभिदान मिला.
बस कल है आखिरी मौका
जियो के आईअपीओ का कल आखिरी दिन है. यानी कि कल 23 अक्टूबर को आईपीओ के लिए दांव लगाने का आखिरी मौका है. आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है. वहीं, कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं. यह पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू है.
यानी कि कंपनी के मौजूदा प्रमोटर (रिलायंस इंडस्ट्रीज) आईपीओ के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा बाहर नहीं निकाल रहे हैं आईपीओ में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं. इन शेयरों को बेचकर जो भी पैसा इकट्ठा होगा, वह कंपनी के खाते में जाएगा. इसका इस्तेमाल कर्ज को चुकाने, 5G/6G नेटवर्क के विस्तार, एआई (AI) टेक्नोलॉजी और भविष्य की नई योजनाओं के लिए करेगी.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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