Dollar vs Rupee: अमेरिका और Iran के बीच सकारात्मक बातचीत के संकेतों और वैश्विक तनाव में संभावित कमी के बीच भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली. गुरुवार को सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.85 पर पहुंच गया. कमजोर डॉलर और विदेशी निवेशकों की बढ़ती खरीदारी से घरेलू मुद्रा को सहारा मिला, हालांकि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने इसकी बढ़त को सीमित रखा.
रुपये में क्यों तेजी?
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Forex Market) में रुपया 90.86 पर खुला और 90.85 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ. इससे पहले बुधवार को यह 90.91 पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाता है, 0.13 प्रतिशत गिरकर 97.57 पर आ गया. घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख रहा और BSE Sensex 303 अंक चढ़कर 82,579.16 पर तथा Nifty 50 85.1 अंक बढ़कर 25,567.60 पर पहुंच गया.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता और व्यापार शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते रुपये में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. उनका मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो दबाव आ सकता है, लेकिन कमजोर डॉलर और Reserve Bank of India के संभावित हस्तक्षेप से निचले स्तरों पर रुपये को समर्थन मिल सकता है. उन्होंने डॉलर-रुपया हाजिर दर 90.70 से 91.20 के दायरे में रहने का अनुमान जताया है.
वैश्विक तेल मानक Brent Crude 0.21 प्रतिशत बढ़कर 71.00 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 2,991.64 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे रुपये और इक्विटी बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला.

























