अब नहीं लगेगा 500 प्रतिशत का हाई टैरिफ! अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर आ गया ये बड़ा अपडेट
अब भारत ने मॉस्को से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है और मौजूदा हालात को देखते हुए भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का खतरा लगभग खत्म होता नजर आ रहा है.

India-US Trade Deal: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. भारत भी रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है, जिससे इस बयान के बाद नई दिल्ली की चिंता बढ़ गई थी. हालांकि, अब भारत ने मॉस्को से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है और मौजूदा हालात को देखते हुए भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का खतरा लगभग खत्म होता नजर आ रहा है.
दरअसल, इसकी सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड डील का जल्द पूरा होना माना जा रहा है.
क्या जल्द होगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील?
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार जारी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऊंचे टैरिफ के बावजूद अमेरिका को होने वाले भारत के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है.
प्रेस को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और दोनों को लगता है कि किसी न किसी रूप में समझौता संभव है. उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के बीच डिजिटल माध्यम से अहम बैठक भी हो चुकी है.
किन मुद्दों पर अटकी रही डील?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब तक यह किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है. इसकी मुख्य वजह यह है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलने के पक्ष में नहीं है. वर्तमान में अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है.
इसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ शामिल है, जबकि रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है. इसके अलावा, अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई थी.
बयान से बढ़ी नई उम्मीद
हालांकि, वाणिज्य सचिव के ताजा बयान के बाद यह संकेत साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघल सकती है. ट्रेड डील पर सहमति बनने की स्थिति में न केवल भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का खतरा टलेगा, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को भी नई मजबूती मिल सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका दोनों ही एक-दूसरे को रणनीतिक और आर्थिक साझेदार के रूप में खोना नहीं चाहते, ऐसे में ट्रेड डील पर मुहर लगना अब केवल वक्त का सवाल है.
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