अगर आप विदेश में कमाते हैं तो अपने देश भारत में पैसा भेजने का है यह सही वक़्त
कच्चे तेल में तेजी, डॉलर के चढ़ते दाम, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती ट्रेड वॉर का असर भारतीय रुपये पर देखा जा रहा है और रुपये की कीमत लगातार गिरती जा रही है.

नई दिल्लीः डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से देश के आर्थिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है. उन कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिनका काम डॉलर में होता है या विदेशों से सामान आयात करते हैं और देश में बेचत हैं. देश के उन छात्रों के सामने भी परेशानी खड़ी होती है जो विदेशों में पढ़ाई करते हैं, लेकिन उन लोगों को खूब फायदा होता है जो विदेशों में कमाई करते हैं और अपने वतन पैसा भेजते हैं.
बीते एक महीने में डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है. कल रुपया अपने ऑलटाइम लो यानी डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. कल डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे लुढ़ककर अब तक के सबसे निचले स्तर 69.10 रुपये पर आ गया था. हालांकि आज रुपये में थोड़ा सुधार देखा गया है और डॉलर के मुकाबले रुपया 32 पैसे की बढ़त के साथ 68.44 रुपये पर बंद हुआ है.
कच्चे तेल में तेजी, डॉलर के चढ़ते दाम, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती ट्रेड वॉर का असर भारतीय रुपये पर देखा जा रहा है और रुपये की कीमत लगातार गिरती जा रही है. ऐसे में ये साफ है कि भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाएगा और इससे देश में महंगाई बढ़ने की भी संभावना है. इसके अलावा विदेश में इलाज कराना, विदेश में पढ़ाई के खर्च में भी इजाफा होगा.
हालांकि इन सब नुकसान के बीच रुपये की गिरती कीमत का एक फायदा भी है जो विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को मिल सकता है. ये वो नागरिक हैं जो फॉरेन करेंसी यानी डॉलर भारत भेजते हैं और उनके घर वालों को रुपये में ये रकम मिलती है. रुपये की गिरती कीमत के चलते उन्हें ये फायदा होगा कि उन्हें पहले के मुकाबले कम रकम घर भेजनी होगी और डॉलर की कीमत बढ़ने से भारत में रह रहे उनके परिवार जनों को ज्यादा रकम मिल पाएगी. इसको आप आगे दिए गए आंकड़ों से समझ सकते हैं.
1 जून को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 66.90 रुपये थी. मान लीजिए कि विदेश में रह रहे आपके परिजन पहले आपको 1000 डॉलर भेजते थे तो 1 जून के डॉलर की कीमत के हिसाब से आपको 66,900 रुपये मिलते थे. लेकिन कल डॉलर की कीमत 69.10 पर पहुंच गई जिसके बाद अगर आपके रिश्तेदार ने 1000 डॉलर भेजे हैं तो आपके 69,100 रुपये मिले होंगे. यानि बिना कुछ किए 1000 डॉलर पर ही 2200 रुपये का मुनाफा हो गया.
इसे दूसरे नजरिए से देखा जाए तो 1 जून को अगर आपको 1500 डॉलर भेजे गए तो आपको सिर्फ 1 लाख 350 रुपये की रकम ही हासिल हुई होगी. अगर आज के डॉलर के रेट के हिसाब से देखा जाए तो आपके रिश्तेदार द्वारा आपको 1500 डॉलर भेजे जाने पर आपको 1 लाख 3 हजार 650 रुपये की रकम हासिल होगी. यानि 3650 रुपये का सीधा-सीधा फायदा. इस तरह देखा जाए तो 1 महीने के अंदर ही रुपये की गिरावट से उन लोगों को अच्छा फायदा हो रहा है जिनके रिश्तेदार विदेश में रहकर उन्हें रकम भेजते हैं.
बाहर रहने वाले और कैसे उठाएं फायदा?
अक्सर देख जाता है कि विदेशों में काम करने वाले लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा जिस देश में रहते हैं वहां के बैंक में ही रखते हैं और जब वो साल दो साल में घर वापस आते हैं या घर पर जरूरत पड़ती है उसके हिबास से पैसे घर भेजते हैं. ऐसे लोगों को करना ये चाहिए कि अपना पैसा विदेशी बैंकों में नहीं रखकर फौरन भारत भेज दें ताकि उन्हें अपने पैसों की अच्छी कीमत मिल जाएगी. 1000 डॉलर पर ही एक जून के पुराने और आज के ताजा रेट से 2000 के करीब का फायदा हो रहा है.
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