Credit Card: आपकी सैलरी से ज्यादा क्यों होती है क्रेडिट लिमिट? जानिए इसके पीछे की असली वजह
Credit Card Tips: बैंक कई बार आपकी सैलरी से अधिक क्रेडिट कार्ड लिमिट देते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं इसके पीछे क्या वजह होती है और बैंक लिमिट तय करते समय किन बातों का ध्यान रखते हैं.

Credit Card Limit: आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ लोगों के पेमेंट का जरिया नहीं, बल्कि यह लोगों की लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन चुका है. अक्सर लोग ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल, मूवी टिकट, EMI और कैशबैक ऑफर जैसी कई जरूरतों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि जब उनकी सैलरी 50,000 या 60,000 रुपये है, तो बैंक उन्हें उससे भी ज्यादा की क्रेडिट लिमिट क्यों दे देते हैं.
दरअसल, बैंक सिर्फ आपकी इनकम को ही नहीं देखते, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर, पेमेंट का रिकॉर्ड को भी देखते हैं. हालांकि ज्यादा क्रेडिट लिमिट मिलने का मतलब यह नहीं है कि आप उस पूरी लिमिट को खर्च कर दें.
सैलरी से ज्यादा क्रेडिट लिमिट क्यों मिलती है?
बैंक आपकी सैलरी के साथ-साथ आपका क्रेडिट स्कोर और पेमेंट हिस्ट्री भी जांचते हैं. अगर आपका अच्छा क्रेडिट रिकॉर्ड है तो उस पर ज्यादा लिमिट मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है. इसमें बैंक को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आप कार्ड से जितना ज्यादा पेमेंट करते हैं, बैंक को मर्चेंट से उतनी ज्यादा कमीशन मिलता है. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि अगर आप पूरा बिल नहीं भरते हैं, तो बैंक ब्याज और लेट फीस से भी कमाई करते हैं.
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क्रेडिट कार्ड से कितना खर्च करना चाहिए?
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल टेक-होम सैलरी के 30% तक ही करना बेहतर माना जाता है. यानी अगर आपकी सैलरी 45,000 रुपये है, तो कोशिश करें कि कार्ड से 13,500 रुपये से ज्यादा खर्च न करें. अगर आप लिमिट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते है तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है.
क्या एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखना सही है?
- जरूरत के हिसाब से एक से ज्यादा कार्ड रखना गलत नहीं है.
- लेकिन सभी कार्ड का पेमेंट समय पर करना जरूरी है.
- ऑटो-पे या रिमाइंडर का इस्तेमाल करें, ताकि कोई पेमेंट मिस न हो.
- बिना जरूरत हर छोटी खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बचें.
























