अमेरिका से आई ऐसी खबर कि भरभराकर गिरे अडानी ग्रुप के शेयर, अब कंपनी ने दी सफाई
Adani Group: गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को ईमेल के जरिए समन भेजने के लिए US SEC द्वारा अमेरिकी कोर्ट से इजाजत मांगे जाने की खबरों के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई.

Adani Group: अडानी ग्रुप की कंपनियों- अडानी पावर, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन एनर्जी ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर सफाई दी. इन रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यूनाइटेड स्टेट्स सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (US SEC) अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को सीधे ईमेल समेत दूसरे तरीकों से कानूनी समन भेजने के लिए अमेरिकी कोर्ट से मंजूरी मांग रहा है.
कंपनी ने क्या दी सफाई?
फाइलिंग में अपनी बात रखते हुए अडानी ग्रुप की कंपनियों ने कहा कि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं और न ही कंपनी ऐसी किसी कार्यवाही में शामिल है. इसमें अडानी ग्रुप ने 21 नवंबर 2024 को दी गई अपनी पिछली सफाई को भी दोहराया, जिसमें उसने इसी मामले पर ब्लूमबर्ग की पिछली रिपोर्ट के बाद इसी तरह की चिंताओं पर बात की थी.
उस दौरान ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि भारत में रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए अडानी ग्रुप की कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों को 2 हजार करोड़ रुपए रिश्वत देने का प्लान बनाया था. हालांकि, तब भी अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि उन्होंने हमेशा कानून का पालन किया है. उस दौरान इन खबरों से अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में करीब 19 परसेंट तक की गिरावट आई थी. इससे कंपनी को भारी नुकसान पहुंचा था.
क्या है आरोप?
दरअसल, अरबपति कारोबारी गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी समेत 8 लोगों पर धोखाधड़ी से भारत में रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने का आरोप है. बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए पहले इन्होंने अमेरिकी इन्वेस्टर्स और बैंकों से झूठ बोलकर पैसा इकट्ठा किया. बाद में इन पैसों का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए किया, जो करीब 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,029 करोड़ रुपये के करीब था.
यह मामला 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में दर्ज हुआ था. चार्जशीट में कहा गया कि यह अमेरिका के फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट (FCPA) का उल्लंघन है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के डॉक्यूमेंट में रिश्वत ऑफर करने की प्लानिंग का जिक्र पाया गया. रिश्वत वाकई में दी गई इसका कोई जिक्र नहीं है. 20 नवंबर 2024 को कोर्ट में मामले की सुनवाई भी हुई थी.
1 दिन में 1.1 लाख करोड़ का नुकसान
अमेरिका से आई इस खबर का असर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर दिखा. अउानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में करीब 11 परसेंट तक की गिरावट आई. इसी तरह से अडानी ग्रीन एनर्जी में करीब 14.6 परसेंट, अडानी एनर्जी सॉल्यूशन्स में लगभग 12 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई. इतना ही नहीं, अंबुजा सीमेंट, ACC और अडानी टोटल गैस में भी गिरावट दर्ज की गई. इस भारी बिकवाली के चलते ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक दिन में 1.1 लाख करोड़ रुपये घटकर 12.45 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. इससे पता चला कि अडानी ग्रुप को लेकर अमेरिकी जांच की खबरों पर निवेशक लगातार नजरें बनाए हुए हैं और अलर्ट मोड पर हैं.
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Source: IOCL

























