इस राज्य के सरकारी कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा, महंगाई भत्ते में हुई 4 फीसदी की बढ़ोतरी
राज्य सरकार के कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग महंगाई भत्ते को लेकर बार-बार विरोध प्रदर्शन कर रहा था. सड़कों पर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा था.

पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा हुई है. पश्चिम बंगाल के वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राज्य बजट में डीए या महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है. बढ़ा हुआ डीए 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा.
बार-बार हो रहा था विरोध प्रदर्शन
राज्य सरकार के कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग महंगाई भत्ते को लेकर बार-बार विरोध प्रदर्शन कर रहा था. सड़कों पर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा था. आर्थिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे थे कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले आखिरी बजट में डीए में बढ़ोतरी की जाएगी. हालांकि, ममता बनर्जी की सरकार ने बुधवार को ही बजट में डीए बढ़ाने का प्रस्ताव रख दिया.
फोन भी दिया जाएगा
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने बुधवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया. वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट भाषण के दौरान सरकारी कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने की घोषणा की. इसके साथ ही आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन देने का ऐलान किया गया है. बढ़े हुए डीए के साथ अब कर्मचारियों को कुल 18% महंगाई भत्ता मिलेगा, जो 1 अप्रैल 2024 से लागू होगा. हालांकि, विपक्षी बीजेपी ने बजट का विरोध किया और इसमें रोजगार के नए अवसरों की कमी का आरोप लगाते हुए विधानसभा की कार्यवाही से वाकआउट कर दिया.
बजट 2024-25 में किए गए ये बड़े ऐलान
बंगाल आवास योजना
बांग्लार बाड़ी परियोजना के तहत अगले वित्त वर्ष में 16 लाख मकान बनाए जाएंगे.
इसके लिए 9600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटन किया गया, जिससे कुल राशि 23,000 करोड़ रुपये हो गई.
सड़क और पुल निर्माण
पथश्री परियोजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई. गंगासागर पुल (4.75 किमी लंबा) के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.
रोजगार और जल प्रबंधन
रिवर इंटरकनेक्शन परियोजना के तहत विभिन्न नदियों और जल निकायों को जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं. नदी कटाव रोकने के लिए मास्टर प्लान बनाने का फैसला लिया गया, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए योजना
200 करोड़ रुपये के बजट से सभी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन दिए जाएंगे. 2026 चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट यह बजट 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है. हालांकि, लक्ष्मी भंडार योजना की राशि में बढ़ोतरी नहीं की गई, लेकिन घाटल मास्टर प्लान के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा. बजट में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है, जबकि विपक्ष ने इसे अधूरा और जनविरोधी बताया है.
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Source: IOCL























