एक्सप्लोरर

क्या इतनी आसानी से लिखवा पायेगी ये सरकार देश का असल इतिहास?

देश की संसद में सरकार और विपक्ष के बीच भले ही लंबी तलवार खिंच गई हो लेकिन बीजेपी को सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने के 'भाग्यविधाता' समझे जाने वाले आरएसएस के एजेंडे में हिंदुत्व का मुद्दा आज भी अव्वल नंबर पर है. लिहाज़ा,  संघ को संसद के भीतर होने वाली इस सियासी लड़ाई से न पहले कभी फर्क पड़ा और न ही आज भी वो इसे इतना महत्व देता है. कृषि कानूनों को वापस लेने के राजनीतिक शोरगुल के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत के दिये एक भाषण की तरफ शायद कम ही लोगों का ध्यान गया होगा लेकिन वह बेहद महत्वपूर्ण है, जो देश के भविष्य की एक नई तस्वीर बनाने की तरफ इशारा देता है. वो इसलिये कि उन्होंने हिंदुत्व को मजबूत बनाने पर जोर देने के साथ ही मोदी सरकार को अपने संकेतों के जरिये ये समझा दिया है कि देश का असल इतिहास फिर से लौटाने पर ध्यान देना होगा. यानी, उसे दोबारा नये सिरे से लिखना होगा. 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के एक कार्यक्रम में भागवत ने जो कुछ कहा है, उसके बेहद गहरे मायने हैं जो आने वाले दिनों में देश की राजनीति की एक नई दिशा व दशा तय कर सकते है. जाहिर है कि सरकार की उस पहल पर भी विपक्षी दल जमकर हंगामा मचायेंगे. भागवत के मुताबिक, "अंग्रेज़ों ने भारत के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की और उसे अपने हिसाब से दोबारा लिखा,  लिहाज़ा हमें देश का असल इतिहास फिर से वापस लौटाने की ज़रूरत है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि मज़बूत समाज के लिए हमें हिंदुत्च को मज़बूत बनाने की ज़रूरत है."

ऐसा नहीं है कि संघ प्रमुख ने हिंदुत्व को मजबूत करने की बात कोई पहला बार की है लेकिन पिछले दिनों आई कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब और उस पर मचे बवाल का जिक्र किये बगैर उन्होंने इशारों में ही इसका जवाब दे दिया कि हिंदू और हिंदुत्व में कोई फर्क नहीं है. उस कार्यक्रम में भागवत ने जो अहम बात की है, वो ये है, ''हिंदू ही भारत है और भारत हिंदू है,  इस तथ्य को हमें मज़बूत बनाने की ज़रूरत है, क्योंकि अंग्रेजों ने हमारे इतिहास को फिर से लिखकर हमारी मूल पहचान ही बदल दी. जिन घुमक्कड़ों को अंग्रेज़ों ने अपराधी कहा और आज़ादी के बाद हमने जिन्हें नोटिफ़ाई किया, वे संत और सिद्धपुरुषों के आदमी थे. वे लोग समाज को गौरव देने के अभियान का हिस्सा थे."

सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब के जरिये हिंदू और 'हिंदुत्व' के जिस फर्क को बताने की अपनी एक नई परिभाषा देने की जो कोशिश की है, भागवत ने एक तरह से उसे सिरे से नकारते हुए यह भी कहा, "हिंदुत्व को भारत से और भारत को हिंदुत्व से अलग नहीं किया जा सकता. इस सोच ने हमें ख़ास बनाया लेकिन अंग्रेज़ों ने यहां आकर भारत के इतिहास को फिर से लिखा. अंग्रेजों ने लिखा कि हमारे पूर्वज 15 पीढ़ी पहले नहीं थे. क्योंकि इतिहास में कोई हिंदू नहीं यानी भारत नहीं है. इससे अखंड भारत टूट गया."

अगले कुछ महीने में यूपी के चुनाव सिर पर हैं और उसमें मुस्लिम वोटों की खैरात मिल जाये, इसी मकसद को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोहम्मद अली जिन्ना को इस देश का हीरो बताकर सियासी पारा गरम कर रखा है. जबकि अधिकांश इतिहासकार जिन्ना को विभाजन का एक मुख्य गुनहगार ही मानते रहे हैं. हालांकि इस सच को भी झुठलाया नहीं जा सकता कि विभाजन के लिए नेहरु व गांधी को भी उतना ही जिम्मेदार समझा जाता है और तबसे लेकर अब तक तमाम हिंदूवादी संगठनों की सोच यही है कि विभाजन के कारण ही हिंदू इतना कमजोर हुआ है. लिहाज़ा, संघ प्रमुख ने उस पहलू को छूते हुए ये बताने से कोई गुरेज नहीं किया कि भारत और हिंदू एक ही सिक्के के दो पहलू तब भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे, 1947 में हुए देश के विभाजन से हिंदुओं के कमज़ोर हो जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि "जब पाकिस्तान बना तो हमें नहीं बताया गया कि हम भारत और हिंदुस्तान बन जाते हैं. आपने उस देश का दूसरा नाम रखा क्योंकि उन्हें मालूम था कि भारत हिंदू है और हिंदू ही भारत है.''

जाहिर है कि कई राजनीतिक दल संघ की विचारधारा से सहमत नहीं हैं और वे सड़क से लेकर संसद तक इसका विरोध भी करते हैं लेकिन संघ अपनी स्थापना से लेकर अब तक घोषित रुप से ये कहता आया है कि इस राष्ट्र को फिर से अखंड भारत बनाना उसका सपना है, जिसे वह साकार करके दिखायेगा. इसीलिये भागवत ने अपने भाषण के जरिये ये संदेश देने की कोशिश करी कि, ''अखंड भारत वहां बंटा, जहां हिंदू कमज़ोर हैं. फिर भी यदि हम भारत में उन जगहों को देखें जहां के लोग परेशान हैं और जहां देश की अखंडता ख़तरे में है, तो पाएंगे उस जगह के हिंदू और हिंदुत्व के विचार कमज़ोर हैं. हमें अपनी आत्मा को ज़िंदा रखना है. इसलिए मोहम्मद इक़बाल ने कहा था कि 'कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी''

हालांकि इससे पहले भी भागवत मुस्लिम नेताओं को ये नसीहत दे चुके हैं कि कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ उन्हें एक स्पष्ट रवैया अपनाना चाहिए. तकरीबन ढाई महीने पहले पुणे में हुए एक समारोह में उन्होंने कट्टरपंथ की व्याख्या करते हुए कहा था कि, "ये एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारत में इस्लाम आक्रमणकारियों के साथ आया और ये ज़रूरी है कि इसे इसी तरह से कहा जाना चाहिए.  मुस्लिम समाज के समझदार नेताओं को कट्टरपंथ का विरोध करना ही होगा.  उन्हें कट्टरपंथी लोगों के ख़िलाफ़ स्पष्ट रूप से बोलने की ज़रूरत है.  इस काम में लंबे समय तक काम करने की ज़रूरत पड़ेगी और धीरज रखना होगा.  ये हम सब के लिए एक लंबा और मुश्किल इम्तिहान होगा.  हम इसे जितना जल्द शुरू करेंगे,  समाज को उतना कम नुक़सान होगा." लेकिन बड़ा सवाल ये है कि संघ के कहने पर एक नया इतिहास लिखने की कवायद सरकार क्या इतनी आसानी से पूरा कर पायेगी?

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार व आंकड़े लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
West Bengal Exit Poll 2026 Live:  काउंटिंग को लेकर एक्टिव मोड में बीजेपी, चुनाव नतीजों से 2 दिन पहले कोलकाता में बुलाई बड़ी बैठक
Bengal Exit Poll 2026 Live: काउंटिंग को लेकर एक्टिव मोड में बीजेपी, चुनाव नतीजों से 2 दिन पहले कोलकाता में बुलाई बड़ी बैठक
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही

वीडियोज

Bengal Exit Poll: बंगाल में बड़ा उलटफेर! Mamata Banerjee की विदाई, BJP की चढ़ाई? | TMC
Mira Road Horror: मुंबई दहलाने की बड़ी साजिश! मीरा रोड कांड के पीछे ISIS का 'Lone Wolf' Plan!
West Bengal Exit Poll 2026: Bengal Exit Poll में BJP के आंकड़ों ने चौंकाया | Assam | Mamata | TMC
अभिषेक मल्हान के लिए क्यों इंफ्लुएंसर पारुल सिंह ने बोला ‘Angry Young Man?’
Sansani: हिजबुल्लाह के सीक्रेट ठिकानों की अनदेखी पिक्चर ! | Crime News | America

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
West Bengal Exit Poll 2026 Live:  काउंटिंग को लेकर एक्टिव मोड में बीजेपी, चुनाव नतीजों से 2 दिन पहले कोलकाता में बुलाई बड़ी बैठक
Bengal Exit Poll 2026 Live: काउंटिंग को लेकर एक्टिव मोड में बीजेपी, चुनाव नतीजों से 2 दिन पहले कोलकाता में बुलाई बड़ी बैठक
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
Exit Polls: कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
eSIM से भर गया मन, फिजिकल सिम छोड़ने को तैयार नहीं हैं लोग, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
eSIM से भर गया मन, फिजिकल सिम छोड़ने को तैयार नहीं हैं लोग, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
Embed widget