एक्सप्लोरर

पीएम मोदी आखिर क्यों चाहते हैं दोबारा उद्धव ठाकरे का साथ?

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे क्या दोबारा बीजेपी से हाथ मिलाने वाले हैं? रायसीना हिल्स के गलियारों में जो सियासी खिचड़ी पक रही है, उसके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी चाहती है कि जितना जल्द हो सके, उद्धव ठाकरे वाले गुट की शिवसेना को फिर से एनडीए का हिस्सा बना लिया जाये. पिछले नौ साल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें, तो इस जोड़ी ने लगभग हर चुनाव जीतते हुए विपक्ष के कई मजबूत चेहरों को बीजेपी में लाने के अपने मकसद को बखूबी पूरा किया है.

बताते हैं कि अपने पुराने सहयोगी उद्धव ठाकरे को साथ जोड़ने के लिए कुछ ऐसे ही गेम प्लान को अंजाम देने की तैयारी पर गंभीरता से काम हो रहा है, लेकिन सवाल ये है कि मोदी-शाह की जोड़ी उद्धव को साथ लाने के लिये इतनी उतावली क्यों है? महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं और पीएम मोदी वहां की सियासत की इस जमीनी हकीकत से वाकिफ़ हैं कि एकनाथ शिंदे गुट के अलग हो जाने के बावजूद उद्धव गुट वाली शिवसेना का जलवा बरकरार है. लिहाजा, चुनाव से पहले बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन हो गया, तो उम्मीद से ज्यादा सीटों पर भगवा परचम लहराने में आसानी होगी और पीएम के रूप में लगातार अपना तीसरा और ऐतिहासिक कार्यकाल हासिल करने में भी कोई अड़चन नहीं आयेगी.

हालांकि महाराष्ट्र में अलग-अलग दलों के प्रमुख नेता इस बात पर आम राय रखते हैं कि पीएम मोदी के उद्धव ठाकरे और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से गर्मजोशी भरे निजी रिश्ते हैं, जो एकतरफा नहीं हैं यानी वे दोनों नेता भी इस रिश्ते की गहराई को समझते हैं. राजनीति की समझ रखने वाले विश्लेषकों ने अगर गौर किया हो तो एनडीए से अलग होने और सरकार गिरने के बाद उद्धव ठाकरे के निशाने पर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे तो रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसका खास ख्याल रखा कि उनका कोई भी बयान पीएम मोदी पर सीधा हमला करने वाला न हो.

वैसे तो उद्धव के लिए शरद पवार भी "ट्रबल शूटर" रहे हैं, जिन्होंने महा विकास अघाड़ी का गठबंधन करके सरकार बनाने का जादू कर दिखाया था जिसकी तब किसी को उम्मीद भी नहीं थी. बता दें कि एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाई थी, जो एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के बाद पिछले साल जून में गिर गई और फिर बीजेपी के समर्थन से शिंदे प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गये. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से हटाने की बड़ी वजह तो उनके विवादास्पद बयान ही बने, लेकिन एक वजह ये भी थी कि केंद्र नहीं चाहता था कि सेना के साथ उसके रिश्तों में कोई स्पीड ब्रेकर बनने की भूमिका निभाने लगे.

उधर, कांग्रेस में मची आंतरिक कलह ने भी महा विकास अघाड़ी के दोनों सहयोगी दलों को चिंता में डाल दिया है क्योंकि बृहन मुंबई नगर निगम यानी BMC के चुनाव की तारीख का जल्द ही होने वाला है. वह देश की सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका सालाना बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है. फिलहाल उस पर उद्धव गुट वाली शिवसेना का कब्जा है और बीजेपी सदन में दूसरे नंबर पर है. जाहिर है कि उद्धव गुट अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए जमीन-आसमान एक कर देगा. बीएमसी की सत्ता से ही शिवसेना को फंड मिलता है, इसलिये उद्धव ठाकरे भूलकर भी ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे कि दशकों पुराने इस गढ़ से वे अपना कब्जा खो बैठें.

दरअसल, उद्धव गुट की सेना को बीजेपी में लाने की मोदी की इच्छा को देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षा पर ब्रेक लगाने से भी जोड़कर देखा जा रहा है. ढाई साल तक सीएम की कुर्सी का स्वाद चख चुके फडणवीस फिलहाल डिप्टी सीएम हैं. बताते हैं कि वे दोबारा सीएम बनने के लिए बेताब हैं और उन्होंने पार्टी आलाकमान को फार्मूला सुझाया है कि एकनाथ शिंदे गुट वाली सेना का महाराष्ट्र बीजेपी में विलय कर दिया जाये और यही दोनों गुटों के अलग होने का तार्किक परिमाण है. हाल ही में पार्टी नेताओं ने भी खुलकर आवाज उठाई थी कि फडणवीस को ही सीएम होना चाहिये. शिंदे इससे बेहद नाखुश हैं और बताते हैं कि दोनों के रिश्तों की खटास भी अब बढ़ने लगी है.

बता दें कि मोदी-शाह के फरमान के बाद ही फडणवीस ने शिंदे की अगुवाई वाली सरकार में डिप्टी सीएम बनना मंजूर किया था. मकसद ये था कि गठबंधन सरकार अस्थिर न हो पाए, लेकिन लगता है कि आठ महीने बाद ही अस्थिरता के बादल मंडराने लगे हैं. फडणवीस को वित्त, गृह व कानून जैसे तमाम अहम मंत्रालयों में किनारे लगाने की शुरुआत हो चुकी है. बीते दिनों मुंबई की जनता को इस सरकार की ऐसी हास्यास्पद स्थिति देखने को मिली, जब शहर में दो पुलिस कमिश्नर नियुक्त कर दिए गए. एक की नियुकित सीएम ने तो दूसरे की नियुक्ति डिप्टी सीएम ने कर दी थी.

गौरतलब है कि आरएसएस के मुख्यालय वाला नागपुर ही फडणवीस का गृह जिला है. बीते दिनों वहां हुए विधान परिषद के चुनाव में बीजेपी को पांच में से महज एक सीट पर ही जीत मिली जबकि महा विकास अघाड़ी ने तीन सीटें जीतकर संघ व बीजेपी को शर्मिंदा होने पर मजबूर कर दिया. एक सीट पर निर्दलीय ने कब्जा किया.

इन नतीजों के बाद बीजेपी में फडणवीस विरोधियों ने खुलकर कहना शुरू कर दिया कि अगर पार्टी को भविष्य में ऐसी ही शर्मिंदगी झेलने से बचाना है, तो उनसे कहा जाये कि वे सरकार में जोड़तोड़ वाली राजनीति करने के बजाय पहले अपने घर को संभालें. बताते हैं कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी फडणवीस के इस हाई प्रोफाइल स्टाइल से खुश नहीं है और उन्हें हैसियत का अहसास कराना चाहता है. इसलिये उद्धव ठाकरे से हाथ मिलाकर बीजेपी उनके दोबारा सीएम बनने के ख्वाब को भी पूरा होने देने के मूड में नहीं है. 

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

Pakistan Afghanistan: डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
SA vs NZ Semi Final: 77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
ABP Premium

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Pakistan Afghanistan: डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष, अफगान सेना ने तबाह कीं पाकिस्तान की 7 चौकियां
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच JDU का विरोध शुरू, दे दी बड़ी चेतावनी
SA vs NZ Semi Final: 77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
77 पर गिरे 5 विकेट, फिर आया मार्को यानसेन का तूफान; सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ठोके 169 रन
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'हमें अपनापन और सुरक्षा महसूस हुई', बेटी के साथ दुबई में फंसी हैं लारा दत्ता, बोलीं- 'भारत आने की कोशिश कर रही हूं'
'कोई भी उत्तराधिकारी चुना...' खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले इजरायल ने ईरान को फिर दी धमकी
'कोई भी उत्तराधिकारी चुना...' खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले इजरायल ने ईरान को फिर दी धमकी
यूएस के हवाई हमलों का खौफ? क्यों टला ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम
यूएस के हवाई हमलों का खौफ? क्यों टला ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम
मर्चेंट नेवी में कैसे मिलती है जॉब, 12वीं के बाद इसमें कैसे बनाएं करियर?
मर्चेंट नेवी में कैसे मिलती है जॉब, 12वीं के बाद इसमें कैसे बनाएं करियर?
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास नीदरलैंड के सैलानियों पर चढ़ा होली का रंग, जमकर उड़ाया गुलाल, वीडियो वायरल
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास नीदरलैंड के सैलानियों पर चढ़ा होली का रंग, जमकर उड़ाया गुलाल, वीडियो वायरल
Embed widget