एक्सप्लोरर

BLOG: तेरी बेरुखी पे ऐ रमज़ान रोना आया!

वह भी क्या दिन थे, जब दिलों से ये दुआएं निकलती थी कि रमज़ान जल्दी आए, बहुत जल्दी आए. इसकी आमद का बेसब्री से इंतजार होता था. शब-ए-बरात से ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं. पूरे माहौल में खुशियां ऐसे डेरा जमाती थीं, जैसे इतर ने खुशबू बिखेर दी हो. हमारे खुश होने की कई वजहें थीं. पढ़ाई में छूट, गांव से बाहर रहे रिश्तेदारों, खानदान और महल्ले के लोग और खासकर हमउम्र बच्चों से एक मुद्दत के बाद मुलाकात का मौका, पूरे कुंबे के साथ होने का मज़ा यानि खुशियां की सैलाब का आना.

हम बच्चे एक दिन में ही कई कई 'रोज़े' रह जाया करते थे और सबसे ज्यादा जिस पल का इंतजार रहता था वो थी इफ्तारी. वजह साफ थी कि उस जमाने में जो पकवान खाने का मौका इफ्तारी में मिलता था आम दिनों में नदारद थे. मस्जिद में जाना, एक साथ सबका इफ्तार करना, वो भी पूरे तीस दिन. वो रुहानी महफिल जिसका अल्फाज में बयान मुमकिन नहीं.

हम बच्चों की जिम्मेदारी होती थी. मस्जिद के आंगन में चटाई के साथ दस्तरख्वान बिछाना, इफ्तारी को ढोकर मस्जिद लाना, रेकाब (बड़ी प्लेट) को बेहतरीन खानपोश से ढककर मस्जिद तक लाना और प्लेटों में इफ्तारी सजाना. इफ्तार के आखिरी वक्त में रुह अफज़ा की शरबतें गिलास में डालना.

हर रोज मस्जिद में कोई न कोई राहगीर होते थे, हम सब हमउम्र बच्चों की जिम्मेदारी होती थी कि उन्हें वक्त पर खाना और सेहरी खिलाएं. हम सब पूरे जोश-व-जुनून से ऐसा करते थे. सवाब की नीयत भी होती थी.

पूरा महीना बिल्कुल रुहानी त्यौहार जैसा होता था. आधी रात के बाद ही रोज़ेदारों को सेहरी के लिए जगाने का अलग से इहतिमाम (व्यवस्था) किया जाता था. रमजान के पहले 15 दिनों में सेहरी में जगाने वाले काफिला की पंक्तियां होती थीं- 'चला आ रहा रमजान प्यारा' और 15 दिन के बाद लाइन बदल जाती थी- 'चला जा रहा है रमज़ान प्यारा'.

 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 

सेहरी के तुरंत बाद घर की ख्वातीन (महिलाओं) की तेलावत-ए-कुरान (कुरान पढ़ने) की आवाज़ों से सुबह गुलजार होती थी और रात में हाफिज (कुरान को जबानी याद करने वाले) साहिब की बुलंद सुरीली आवाज़ में तरावीह की खास नमाज़ के साथ इख्तिताम (समापन)... पांचों नमाज में मस्जिदें पूरी तरह से भरी रहती थीं.

इफ्तार पार्टी और दावतों का भी लंबा सिलसिला चलता था. खानदान, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों को खुसूसी (विशेष) तौर पर दावत दी जाती थी और उन लोगों के यहां से दावत मिलती भी थी. आखिरी अशरे (दस दिन) में खरीदारी जोरदार होती थी और फिर ईद.

इन तीन दहाइयों में दुनिया भी बदली, हम भी बदले, रमजान भी बदला, लेकिन अब भी रमजान की रौनकें कायम थीं. सभी मस्जिदों में इफ्तार की रिवायत (परंपरा) ज़िंदा थी, तरावीह का एहतिमाम पूरे आन बान शान से जारी था. लेकिन कयास (अनुमान) व खयाल से ये बात ऊपर थी कि एक ऐसी वबा (महामारी) आएगी जो मुकद्दस (पवित्र) महीने की उन रुहानी महफिल को झटके में मिटा देगी जो हमारी तहजीबी शऊर (सांस्कृतिक चेतना) का असासा (दौलत) हैं. मस्जिदें वीरान हो जाएंगीं, नमाज़ी घरों में कैद हो जाएंगे. दावतों पर ऐसा कदगन (रोक) लगेगा कि लोग अपने पड़ोसी और जरूरमंदों को इफ्तार भेजने से भी गुरेज करेंगे.

सच कह दूं गर तू बुरा न माने - तेरी बेरुखी पे ऐ रमजान रोना आया!

लेखक से ट्विटर पर जुड़ने के लिए क्लिक करें - https://twitter.com/azadjurno और फेसबुक पर जुड़ने के लिए क्लिक करें - https://www.facebook.com/abdul.wahidazad.7

(उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है)

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

केरलम विधानसभा चुनाव के लिए AAP की पहली लिस्ट जारी, 22 उम्मीदवारों का ऐलान
केरलम विधानसभा चुनाव के लिए AAP की पहली लिस्ट जारी, 22 उम्मीदवारों का ऐलान
हाई कोर्ट पहुंचा सिलेंडर की सप्लाई का मामला, केंद्र को नोटिस जारी, 16 मार्च तक देना होगा जवाब
हाई कोर्ट पहुंचा सिलेंडर की सप्लाई का मामला, केंद्र को नोटिस जारी, 16 मार्च तक देना होगा जवाब
Watch: मंदिर में ट्रॉफी ले जाने के विवादित के बीच गुरुद्वारे पहुंचे गौतम गंभीर, कर दी सबकी बोलती बंद
मंदिर में ट्रॉफी ले जाने के विवादित के बीच गुरुद्वारे पहुंचे गौतम गंभीर, देखें वीडियो
नीना गुप्ता से आमिर खान तक, सूरज बड़जात्या के बेटे के वेडिंग रिसेप्शन में लगा सितारों का मेला
नीना गुप्ता से आमिर खान तक, सूरज बड़जात्या के बेटे के वेडिंग रिसेप्शन में लगा सितारों का मेला
ABP Premium

वीडियोज

Bollywood News: विवाद के बावजूद Sitaare Zameen Par को लेकर दर्शकों में उत्सुकता और चर्चा लगातार बनी हुई है (11-03-2026)
Mahadev & Sons: धीरज ने उठाई  विद्या  के लिए आवाज, क्या बाप-बेटे का रिश्ता हो जायेगा ख़तम?
Tesla Model Y vs Mercedes-Benz CLA electric range and power comparison | Auto Live #tesla #mercedes
Strait of Hormuz ही ईरान का सबसे बड़ा हथियार..चल दिया दांव! | US Israel Iran War | Khamenei
AI Impact Summit Congress protests: Rahul के बयान पर संबित का पलटवार | BJP MP

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केरलम विधानसभा चुनाव के लिए AAP की पहली लिस्ट जारी, 22 उम्मीदवारों का ऐलान
केरलम विधानसभा चुनाव के लिए AAP की पहली लिस्ट जारी, 22 उम्मीदवारों का ऐलान
हाई कोर्ट पहुंचा सिलेंडर की सप्लाई का मामला, केंद्र को नोटिस जारी, 16 मार्च तक देना होगा जवाब
हाई कोर्ट पहुंचा सिलेंडर की सप्लाई का मामला, केंद्र को नोटिस जारी, 16 मार्च तक देना होगा जवाब
Watch: मंदिर में ट्रॉफी ले जाने के विवादित के बीच गुरुद्वारे पहुंचे गौतम गंभीर, कर दी सबकी बोलती बंद
मंदिर में ट्रॉफी ले जाने के विवादित के बीच गुरुद्वारे पहुंचे गौतम गंभीर, देखें वीडियो
नीना गुप्ता से आमिर खान तक, सूरज बड़जात्या के बेटे के वेडिंग रिसेप्शन में लगा सितारों का मेला
नीना गुप्ता से आमिर खान तक, सूरज बड़जात्या के बेटे के वेडिंग रिसेप्शन में लगा सितारों का मेला
'खून से रंग देंगे फारस की खाड़ी...', ईरान ने अमेरिका-इजरायल को दी खुली धमकी, मिडिल ईस्ट में भारी बवाल
'खून से रंग देंगे फारस की खाड़ी...', ईरान ने अमेरिका-इजरायल को दी खुली धमकी, मिडिल ईस्ट में भारी बवाल
अमेरिका-ईरान जंग के बीच गुड न्यूज! दिल्ली-रियाद के बीच फिर से शुरू हुई फ्लाइट्स, जानें पूरा अपडेट
अमेरिका-ईरान जंग के बीच गुड न्यूज! दिल्ली-रियाद के बीच फिर से शुरू हुई फ्लाइट्स, जानें पूरा अपडेट
इन 5 तरीकों से कर सकते हैं गैस सिलेंडर बुक, जान लीजिए कौनसा सबसे आसान रहेगा
इन 5 तरीकों से कर सकते हैं गैस सिलेंडर बुक, जान लीजिए कौनसा सबसे आसान रहेगा
सरकारी नौकरी का मौका MPESB में 291 स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल पदों पर भर्ती,जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
सरकारी नौकरी का मौका MPESB में 291 स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल पदों पर भर्ती,जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
Embed widget