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चुनाव से पहले पंजाब का माहौल बिगाड़ने के लिए कौन है कसूरवार?

Punjab Election 2022: अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, उसके पीछे कोई बड़ी साजिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन सवाल उठता है कि पंजाब का माहौल खराब करने की इस साजिश के पीछे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का ही हाथ है या फिर वोटों का ध्रुवीकरण भी इसकी कोई वजह हो सकती है?

पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और फिर कपूरथला के गुरुद्वारे में बेअदबी की घटना में शामिल लोगों को पीट-पीटकर मारे जाने के बाद आज लुधियाना कोर्ट में हुए बम विस्फोट की घटना से इतना तो साफ है कि ये एक सुनियोजित रणनीति वाली साजिश का हिस्सा है, जिसमें घटना को अंजाम देने वालों को जिंदा नहीं रखा गया, ताकि जांच एजेंसियां ऐसी किसी साजिश की तह तक पहुंच ही न सकें. 

घटना के बाद सीएम चन्नी ने क्या कहा?

बम विस्फोट की घटना के बाद मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने कहा है कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि मारा गया शख्स खुद ही बम को ऑपरेट कर रहा था और इसी दौरान धमाका हुआ. यानी जिस आरोपी के जरिए मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचा जा सकता था, वही जिंदा नहीं रहा. लिहाजा जांच एजेंसियों को इस मामले में भी कोई बड़ी कामयाबी हाथ नहीं लगती दिखती, सिवा इसके कि वह बम किस तरह का था और ये IED ब्लास्ट था कि नहीं.

पंजाब में चुनाव से पहले ये घटनाएं नहीं हुईं 

चूंकि पंजाब सीमावर्ती राज्य है और वहां चुनाव होने हैं, लिहाजा ऐसी हर घटना के लिए शक की सुई पाकिस्तान की तरफ ही जाती है, लेकिन सवाल ये भी उठता है कि 90 के दशक के शुरुआती दौर में आतंकवाद का खात्मा होने के बाद से लेकर अब तक वहां कई चुनाव हो चुके हैं, पर किसी भी चुनाव से पहले बेअदबी या बम विस्फोट जैसी कोई घटना नहीं हुई. इसी चुनाव से पहले आखिर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इससे किसे फायदा हो सकता है? ये ऐसा सवाल है जिसका जवाब तलाशना जांच एजेंसियों के लिए भी उतना आसान नहीं है.

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट

हालांकि, ब्लास्ट के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है और दिल्ली से एनआईए की टीम भी वहां पहुंच गई है. पर महत्वपूर्ण ये है कि क्या वह इस साजिश के पीछे छुपे उस राजनीतिक एंगल का भी पता लगा पाएंगी, जिसकी आशंका जताई जा रही है. पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "जैसे-जैसे (विधानसभा) चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कुछ राष्ट्र विरोधी और राज्य विरोधी ताकतें इस तरह के घिनौने कृत्यों को अंजाम देने की कोशिश कर रही हैं....इसको लेकर सरकार सतर्क है और लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए."
 
राज्य विरोधी ताकतें आखिर कौन?

चन्नी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उनके बयान को अगर गौर से देखें, तो राष्ट्र विरोधी ताकतों की बात तो समझ में आती है, लेकिन ये राज्य विरोधी ताकतें आखिर कौन हैं, उन्हें इसका भी खुलासा करना चाहिए था. लुधियाना की घटना के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने तकरीबन एक-से बयान दिए हैं, जिसमें उनका इशारा पाकिस्तान जैसी बाहरी ताकतों की बजाय अंदरुनी ताकतों की तरफ ज्यादा है. 

पहले बेअदबी, अब विस्फोट- केजरीवाल 

केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, "पहले बेअदबी, अब विस्फोट. कुछ लोग पंजाब की शांति भंग करना चाहते हैं. पंजाब के तीन करोड़ लोग उनकी साजिशों को सफल नहीं होने देंगे." जबकि सिद्धू ने कहा है, ''लुधियाना कोर्ट परिसर में हुए धमाके, इसमें कोई संदेह नहीं छोड़ा है कि राज्य में शांति भंग करने वाली कई घटनाओं को अंजाम देने की साजिश बनाई जा रही है, ताकि पंजाब में कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा की जा सके."

घटना पर उप-मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

हालांकि, उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने माना है, "एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते बाहरी तत्वों के इस घटना में शामिल होने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता. हमारे दुश्मन कभी नहीं चाहते कि पंजाब स्थिर रहे, क्योंकि पंजाब जब स्थिर रहेगा, तो देश भी स्थिर रहेगा. ये घटना पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश भी हो सकती है."

बड़ा सवाल ये है कि क्या सचमुच ये घटनाएं पंजाब को उसी चरमपंथ की तरफ धकेलने की कोशिश हैं या फिर चुनाव होने तक किसी सियासी साजिश का हिस्सा भर हैं?

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार व आंकड़े लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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