एक्सप्लोरर

पाक तो 30 मिनट में साफ हो जाएगा पंडित जी, लेकिन भारत 30 साल पीछे चला जाएगा!

उड़ी में हुआ आतंकवादी हमला भारत के सीने में पाक द्वारा किया गया ऐसा घाव है जिसके दर्द से हर हिंदुस्तानी बिलख रहा है. अब उसे इंतज़ार इस बात का है कि भारत की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई पूर्ण बहुमत वाली सरकार इसका बदला किस शक्ल में लेती है. उधर पाकिस्तान में चुनी हुई नहीं बल्कि एक नुची हुई सरकार है जो सेना की मर्जी के बगैर सांस भी नहीं ले सकती. यह बात तब और पुख़्ता हो गई जब उड़ी हमले के बाद भारत का सख़्त किंतु संयमित रुख देखते हुए घबराए हुए पाक पीएम नवाज शरीफ ने यूएन में अपनी बात रखने से पहले पाक सेनाप्रमुख राहिल शरीफ से सीधे बात की और उड़ी हमले का ज़िक्र तक न करते हुए कश्मीरी आतंकवादी बुरहान वानी को हीरो बताया. ऐसे में प्रश्न यह भी उठता है कि कुत्ते की दुम बन चुके पाकिस्तान का क्या इलाज है?

भारत के लिए यह मानते रहना कि पाकिस्तान की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकारें भारत के साथ बेहतर संबंधों की हामी होती हैं, एक भ्रम ही है. इसके कारण भी ऐतिहासिक हैं. पाकिस्तान में भारत के साथ तरफ विवाद की मुख्य जड़ों को लेकर एकदम विपरीत अवधारणाएं हैं, जो न सिर्फ सेना बल्कि जनता के मन में भी गहरे तक पैठ चुकी हैं. फिर चाहे वह देश के बंटवारे की बात हो, कश्मीर का मुद्दा हो या 1965 और 1971 के युद्ध होने की वजहें हों. नवाज शरीफ सरकार के साथ भी ऐसा ही है. वह एक मुखौटा है जिसकी आड़ में पाक सेना भारत के खिलाफ छाया युद्ध चलाती रही है और इसे वहां की चुनी हुई सरकारों और जनता के बड़े हिस्से का समर्थन हासिल रहा है.

दशकों से जारी सीमा पार आतंकवाद की कड़ी में पिछले दिनों हुए भयानक पठानकोट हमले और अब उड़ी में हुए एक ऐसे ही कायराना हमले में भारत के 18 जवानों का शहीद हो जाना भारत के इसी भ्रम का नतीज़ा है. भारत पाकिस्तान के साथ लगातार बातचीत की ईमानदार कोशिशें करता रहा लेकिन पाकिस्तान की सेना ने बार-बार यह साबित कर दिया किया कि पाक भले ही भारत से बातचीत का नाटक करता रहे, भारत को लेकर नीतिगत फैसलों में वीटो पॉवर उसका ही होगा.

भारत को यह भी भ्रम है कि अफगानिस्तान, चीन और अमेरिका के रिश्ते पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार के साथ हैं, जबकि हकीकत यह है कि ये तीनों देश पाकिस्तान की सेना के साथ कहीं ज़्यादा गहरे ताल्लुक रखते हैं और उसके रुख को भांपकर ही पाक के बारे में अपनी नीतियां तय करते हैं. ये देश यह भी अच्छी तरह से जानते हैं कि आतंकवाद से लड़ाई के नाम पर पाक की जो मदद की जाती है उसका उपभोग या उपयोग चुनी हुई सरकार नहीं बल्कि पाक सेना करती है. इसके बावजूद उनकी मदद जारी रहती है जिसका उपयोग पाक सेना आतंकवादियों की फैक्ट्रियां लगाने और अस्त्र-शस्त्र ख़रीदने में करती है.

उड़ी हमले के बाद निश्चित रूप से किसी भी सरकार के सब्र का पैमाना छलक जाना चाहिए. लेकिन पाक के खिलाफ भारत के किसी ‘कड़े कदम’ की परिभाषा क्या हो सकती है? युद्धोन्मादियों की चले तो वे कल ही पाक पर हमला करने का आदेश दे दें. ऐसे में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी की भारतरत्न पंडित जसराज जी से कही एक बात याद आती है कि पाक तो 30 मिनट में साफ हो जाएगा पंडित जी, लेकिन भारत 30 साल पीछे चला जाएगा! यह बात मौजूदा केंद्र सरकार भी बखूबी समझती है. इसे पीएम मोदी की समझदारी ही कहा जाएगा कि उन्होंने पाक से बदले की सीधी कार्रवाई जैसी कोई बात नहीं कही क्योंकि वह जानते हैं कि इससे विश्व समुदाय में नकारात्मक संकेत जाएगा और भारत की छवि आक्रामक देश की बनी तो पाक का पलड़ा मजबूत होगा.

भारत में हुई ‘वार रूम’ बैठक और रक्षामंत्री की तीखी प्रतिक्रिया के बावजूद यह मोदी जी की संयमित प्रतिक्रिया का ही नतीजा है कि पाक का पक्का हितैषी माने जाने वाले चीन जैसे देश को भी आतंकवाद फैलाने को लेकर पाक को नसीहत देने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूएन में बोलने से पहले पाक पीएम नवाज शरीफ ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के सामने भारत के खिलाफ हवा बनाने की भरपूर कोशिश की लेकिन उन्हें कोई भाव नहीं मिला. वह यूएसए, ब्रिटेन और तुर्की के नेताओं के सामने भी गिड़गिड़ाए लेकिन उल्टे उनको यही जवाब मिला कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना बंद करे.

अगर भारत सरकार सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों की तरह उत्तेजक व्यवहार करती तो जर्मनी, फ्रांस और इटली इस तरह भारत के पक्ष में डटकर नहीं खड़े होते. रूस भी पाकिस्तान को एम आई-35 हेलीकॉप्टर देने से साफ मना नहीं करता. पीओके में होने जा रहा सैन्य-अभ्यास भारत के आग्रह पर रूस नहीं रोकता. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा संयुक्त राष्ट्र महासभा में बिना नाम लिए ही सही, घड़ियाली आंसू बहाने वाले नवाज शरीफ को लताड़ न लगाते. अमेरिकी सांसद पाक को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश घोषित करने का प्रस्ताव अपने यहां पेश न करते.

पाकिस्तान को वैश्विक-समुदाय से अलग-थलग करने की नीति ही अब भारत के लिए रक्षा-कवच हो सकती है. इसके साथ-साथ पाकिस्तान से सभी राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते समाप्त करने पर भी विचार किया जाना चाहिए. लेकिन परमाणु-संपन्न राष्ट्रों के बीच युद्ध का मशविरा तो कोई विक्षिप्त ही दे सकता है क्योंकि इसमें इतना नुकसान होगा जिसका खामियाजा दोनों देशों की अनगिनत पीढ़ियों को उठाना पड़ेगा. सांप को मारने के लिए लाठी तोड़ने की कोई ज़रूरत नहीं है. लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि सीमाओं की सुरक्षा में अमेरिका, रूस या अन्य देश हमारी कोई मदद नहीं कर सकते.

पाक प्रायोजित घुसपैठ को नाकाम करने के लिए ख़ुफिया-तंत्र मजबूत न किया गया तो हम चाहे जितना भी वैश्विक समर्थन हासिल कर लें, पठानकोट और उड़ी जैसे आतंकी हमलों की आशंका को निर्मूल नहीं किया जा सकता. इस सबके बावजूद देश की जनता को भी अपनी सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने की जगह फिलहाल संयम से ही काम लेना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान तय कर चुका है कि हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे! - लेखक से ट्विटर पर जुड़ने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/VijayshankarC और फेसबुक पर जुड़ने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/vijayshankar.chaturvedi विशेष नोट: एबीपी न्यूज़ ब्लॉग में दिए गए तथ्यों की पुष्टि नहीं करता. तथ्यों की प्रमाणिकता के लिए लेखक स्वयं जिम्मेदार हैं.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

BJP कार्यकर्ता मोशारिफ मीर को TMC समर्थकों ने पीटा, कार्यालय में भी तोड़फोड़, ममता बनर्जी ने आतंकवाद फैलाने का लगाया आरोप
बंगाल में वोटिंग के बीच हिंसा! किसी की कार तोड़ी तो किसी का फोड़ा सिर, जानें कहां-कहां हुआ बवाल
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
West Bengal Election: बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून

वीडियोज

Mumbai Crime: मीरा रोड हमला: कलमा पढ़ने को कहा, फिर चाकू से वार | ATS | Mira Road Crime
Maharashtra: धिरेंद्र शास्त्री को कंट्रोवर्सी पसंद है
Bollywood News:  तीन दिग्गज आए साथ… ‘Kalki 2’ बनेगी इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म? | Khabar Filmy Hain
West Bengal Election: क्या PM Modi की रणनीति से Mamata की नींद उड़ी? | ABP News
Saas Bahu Aur Saazish: Aarambhi का इम्तिहान! अस्पताल में घायलों की सेवा और बेटे के accident का सदमा  | DR. Aarambhi

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
BJP कार्यकर्ता मोशारिफ मीर को TMC समर्थकों ने पीटा, कार्यालय में भी तोड़फोड़, ममता बनर्जी ने आतंकवाद फैलाने का लगाया आरोप
बंगाल में वोटिंग के बीच हिंसा! किसी की कार तोड़ी तो किसी का फोड़ा सिर, जानें कहां-कहां हुआ बवाल
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
Census 2027: दिल्ली में 142 गेस्ट टीचर्स ने जनगणना ड्यूटी से किया इनकार, जाएगी नौकरी? 
West Bengal Election: बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ ’ब्रायन ने पीएम मोदी को किया चैलेंज, बोले- 'आपमें दम है तो...'
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Watch: PBKS vs RR मैच में दर्दनाक हादसा, दर्शक के चेहरे पर लगी गेंद; निकलने लगा खून
Bhooth Bangla BO Day 12: दूसरे मंगलवार भी चला 'भूत बंगला' का जादू, करोड़ों में हुई कमाई, अब टूटेगा 'स्त्री' का रिकॉर्ड
दूसरे मंगलवार भी चला 'भूत बंगला' का जादू, करोड़ों में हुई कमाई
Explained: UAE ने 59 साल बाद OPEC और OPEC+ को छोड़ा! क्या बिखर जाएगा तेल का कोटा तय करने वाला संगठन, US-भारत को फायदा कैसे?
UAE ने 59 साल बाद OPEC छोड़ा! क्या बिखरेगा तेल का कोटा तय करने वाला ग्रुप, भारत को फायदा कैसे?
रॉकेट की तरह चलती है ये कार, 1 सेकंड से भी कम में पकड़ लेती है 100 की स्पीड, जानें डिटेल्स
रॉकेट की तरह चलती है ये कार, 1 सेकंड से भी कम में पकड़ लेती है 100 की स्पीड, जानें डिटेल्स
अपने किचन गार्डन में ऐसे उगाएं हरी प्याज, कम हो जाएगा रसोई का खर्च
अपने किचन गार्डन में ऐसे उगाएं हरी प्याज, कम हो जाएगा रसोई का खर्च
Embed widget