एक्सप्लोरर

बीजेपी ने इतने बड़े बदलाव करके क्या 2024 में कर ली अपनी जीत पक्की?

आप सबने भी टीवी चैनलों पर आने वाले उस विज्ञापन को जरुर देखा होगा, जिसमें उस वस्तु को बेचने वाला किरदार कहता है कि सिर्फ एक ही क्यों बल्कि सारे घर के बल्ब ही बदल डालिये क्योंकि इसमें आपका फ़ायदा ही होगा. हम नहीं जानते कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेतृत्व को ये इहलाम कब और कैसे हुआ लेकिन उसने उस विज्ञापन की टैग लाइन को सच कर दिखाया है.

इसलिये कि अगले लोकसभा चुनाव होने में अभी डेढ़ साल का वक्त बचा है लेकिन उससे पहले ही बीजेपी ने अपने संगठन को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है. यानी हर राज्य में एक ऐसे नये चेहरे को संगठन की कमान सौंप दी गई है, जिसे उस प्रदेश के जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को मानना अब उनकी इच्छा नहीं बल्कि मजबूरी होगी.

जाहिर है कि बीजेपी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा इतना बड़ा और नाजुक फैसला पीएम नरेंद्र मोदी की हरी झंडी मिले बगैर आख़िर कैसे ले सकते थे. बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी पर यकीन करें, तो हर राज्य में बीजेपी का प्रभारी या सह-प्रभारी का नाम सिर्फ एक ही शख्स ने तय किया है, जिसका विरोध करने की हिम्मत फिलहाल तो न कोई जुटा पाया है और नहीं जानते कि पार्टी में वही पुराना माहौल कब लौटेगा.

दरअसल, बीजेपी ने ये बदलाव करके 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले 9 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी अपने घर को दुरुस्त करने का काम किया है. वे राज्य हैं जहां 2023 में चुनाव होने हैं. हालांकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में इसी साल के अंत में चुनाव हो जाएंगे. लेकिन एक बात ये भी है कि पार्टी द्वारा किये गए नामों की घोषणा होते ही कुछ राज्यों से असंतोष की आवाजें दिल्ली के पार्टी मुख्यालय तक भी पहुंच रही हैं. ये अलग बात है कि उस पर ध्यान दिया जाएगा या फिर उसे किसी कूड़ेदान में फेंकते हुए उस स्थानीय नेता को टारगेट कर दिया जायेगा कि वो विपक्ष से मिला हुआ है.

दुनिया के अनगिनत दार्शनिक कह गए हैं कि सत्ता वो खतरनाक नशा है, जिसका असर अफ़ीम से भी सौ गुना ज्यादा है, लेकिन वो कुर्सी ही ऐसी है, जो उसे कभी ये अहसास ही नहीं होने देती कि तू भी एक ऐसे अजीबोगरीब नशे की गिरफ्त में है, जिसे तूने चखा तक नहीं. लेकिन एक कड़वा सच ये भी है कि चूंकि संघ के अनुशासन व संस्कारों से निकली इस पार्टी के अधिकांश नेता आज भी अपने कर्त्तव्यों के प्रति वफ़ादार हैं लेकिन उनके मन में ये टीस तो रहती ही है कि उनसे पूछे बगैर "दिल्ली दरबार" अपने फैसले का फ़रमान आखिर क्यों सुना देता है?

शायद इसीलिये संघ से निकलकर बीजेपी में आये कई बड़े नेता अनौपचारिक बातचीत में ये सवाल उठाते हैं कि फिर बीजेपी और कांग्रेस में फर्क ही क्या रह गया? दस साल तक वहां भी एक ही घर से संगठन भी चल रहा था और सरकार भी. लिहाज़ा, देश की जनता इतनी मूर्ख नही है कि वो ये भी समझ न पाये कि यहां सरकार के साथ ही संगठन की कमान भी किसके हाथ में है.

हालांकि जानकार मानते हैं कि आठ साल पहले देश की सत्ता संभालने के वक़्त से ही पीएम मोदी ने इसका पूरा ख्याल रखा कि सत्ता के नशे में आकर संगठन कहीं इतना मदहोश न हो जाये कि वो रास्ते से भटक जाये. इसलिये उन्होंने सरकार के साथ  संगठन पर भी अनुशासन की लाठी चलाने से न कोई परहेज़ नहीं किया और न ही आज करते हैं. बता दें कि हाल ही में बीजेपी नेतृत्व ने लोकसभा की उन 144  सीटों पर चर्चा करने के लिए गहन आत्म मंथन किया था, जहां वो पिछले चुनाव में हार गई थी. लेकिन बीजेपी सूत्रों से जुड़े लोगों की बातों पर यकीन करें,तो उस बैठक में सरकार के तकरीबन 40 मंत्रियों समेत 140 से ज्यादा सांसद शामिल हुए थे. 

उनकी क्लास लेने यानी उनके संसदीय क्षेत्र में हुए कामकाज का लेखा-जोखा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौजूद थे. जाहिर है कि ऐसी अहम बैठक में पार्टी अध्यक्ष नड्डा के अलावा गृह मंत्री अमित शाह तो मौजूद रहते ही हैं, सो वे भी मौजूद थे. लेकिन सारे सवाल-जवाब सिर्फ मोदी ने ही किए. कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों की इस पेशी के दौरान वहां मौजूद पार्टी के एक बड़े नेता के मुताबिक पीएम मोदी तो तीन घंटे बाद चले गये लेकिन वह बैठक रात 11 बजे तक चलती रही.

शायद यकीन आपको भी नहीं होगा लेकिन उस रात पार्टी मुख्यालय में कार्यरत ढेर सारे लोगों का दावा है कि बैठक से बाहर निकले  एक साथ इतने सारे मंत्रियों के बुझे हुए चेहरों को तो हमने भी पहली बार देखा. सांसदों का तो ये हाल था कि उनके चेहरों की इतनी हवाइयां ही उड़ी हुई थीं कि बस, उन्होंने अपने आंसुओं को किसी तरह से रोक रखा था.

पिछले 34 बरसों की पत्रकारिता का मेरा अनुभव ये रहा है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय में काम करने वाले कारिंदों से अगर आपके अच्छे संबंध हैं, तो वे कभी भी आपको झूठी सूचना या जानकारी नहीं देंगे. लिहाज़ा, मैं तो उन पर पूरा भरोसा करते हुए ही उन हालात के बारे में बता रहा हूं,जिसे उन्होंने अपनी आंखों से देखा भी और महसूस भी किया.

जाहिर है कि मंगलवार को हुई उस बैठक और शुक्रवार को संगठन में इतने व्यापक पैमाने पर हुए फेरबदल का संबंध 2024 के लोकसभा चुनावों से ही है. लेकिन बीजेपी के एक नेता के मुताबिक आपका आकलन आधा सही है और आधा ग़लत. वह इसलिये कि पितृ पक्ष खत्म होने के बाद अगले महीने कैबिनेट में बड़ा बदलाव होने वाला है क्योंकि कई मंत्री 70 पार हो चुके हैं और कई ऐसे हैं जिनके पास दो-तीन मंत्रालयों का कार्यभार है. इसीलिये पीएम मोदी ने ऐसे तमाम मंत्रियों को उस बैठक में तलब किया था, ताकि पता लग सके कि किसका स्कोर औसत से भी कम उसकी छुट्टी होना तय है.

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
आज Hockey World Cup में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
आज हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी

वीडियोज

Sansani | Crime News: 'मौत वाली पैटीज' से बच्चों को बचाओ !
Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
आज Hockey World Cup में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
आज हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी
CJP का इंस्टा अकाउंट हटा, भड़के अभिजीत दीपके
CJP का इंस्टा अकाउंट हटा, भड़के अभिजीत दीपके
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
Bathroom Door Swelling: बाथरूम का दरवाजा नीचे से फूलने लगा है? तुरंत अपनाएं ये आसान हैक्स
बाथरूम का दरवाजा नीचे से फूलने लगा है? तुरंत अपनाएं ये आसान हैक्स
अब पेंशन फंड से भी होगा इलाज, NPS Swasthya में मेडिकल खर्च के लिए मिलेगी रकम
अब पेंशन फंड से भी होगा इलाज, NPS Swasthya में मेडिकल खर्च के लिए मिलेगी रकम
Embed widget