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वेनेजुएला में पुरानी कार खरीदना किसी लग्जरी से कम नहीं, 1995 की कारों की कीमत जानकर रह जाएंगे दंग
Venezuela Car Market: वेनेजुएला में पुरानी कारें भी लग्जरी बन चुकी हैं. आइए जानें आर्थिक संकट, डॉलर सिस्टम और कमी की वजह से 1995 की कारें इतनी महंगी क्यों हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर
Source : freepik
दुनिया के ज्यादातर देशों में पुरानी या सेकेंड हैंड कारें आम लोगों के लिए सस्ता विकल्प मानी जाती हैं, लेकिन वेनेजुएला में हालात बिल्कुल उलट हैं. यहां पुरानी कार खरीदना भी किसी लग्जरी से कम नहीं है. लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट ने आम लोगों की खरीदने की ताकत को काफी कमजोर कर दिया है. महंगाई लगातार बढ़ती गई, लेकिन लोगों की सैलरी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ पाई. ऐसे में कार खरीदना, चाहे वह नई हो या पुरानी, बहुत से लोगों के लिए सपना बन गया है.
1995 की कारें भी हजारों डॉलर में
- वेनेजुएला में हालात इतने खराब हैं कि 1995 मॉडल की पुरानी कारों की कीमत भी 2,200 से 4,400 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी है. हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोगों की कमाई लोकल करेंसी बोलिवर में होती है, जिसकी कीमत बहुत गिर चुकी है. वहीं कारें डॉलर में बेची जाती हैं, जिससे आम नागरिकों के लिए इन्हें खरीदना और भी मुश्किल हो जाता है.
नई कारों की कमी ने बढ़ाया दबाव
- देश में नई कारों की बिक्री लगभग ठप हो चुकी है. इंपोर्ट पर सख्त पाबंदियां, विदेशी मुद्रा की कमी और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से कार कंपनियों ने या तो प्रोडक्शन बंद कर दिया है या बहुत कम कर दिया है. जब बाजार में नई कारें नहीं आतीं, तो लोगों का रुख पुरानी कारों की ओर जाता है. इसी वजह से सेकेंड हैंड कारों की मांग बढ़ गई है और उनकी कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं.
स्पेयर पार्ट्स की कमी से बढ़ी कीमत
- पुरानी कारों की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह स्पेयर पार्ट्स की कमी भी है. कई जरूरी पार्ट्स बाहर से मंगाने पड़ते हैं, लेकिन विदेशी मुद्रा की कमी और नियमों की वजह से यह आसान नहीं है. ऐसे में जो कारें अभी भी अच्छी हालत में हैं, वे और ज्यादा कीमती हो जाती हैं, चाहे वे कितनी ही पुरानी क्यों न हों.
डॉलर में चलता है कारों का बाजार
- हालांकि वेनेजुएला की आधिकारिक मुद्रा बोलिवर है, लेकिन कारों का बाजार ज्यादातर अमेरिकी डॉलर में चलता है. विक्रेता महंगाई से बचने के लिए डॉलर में ही सौदा करना पसंद करते हैं. इससे पुरानी कारें जरूरत नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल बन गई हैं. बता दें कि खराब पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सीमित सप्लाई और कमजोर अर्थव्यवस्था ने वेनेजुएला में पुरानी कारों को भी लग्जरी बना दिया है. यहां उम्र नहीं, बल्कि कार का चलना ही उसकी असली कीमत तय करता है.
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