अब EV खरीदने पर मिलेगी 2 लाख रुपये की छूट और टैक्स माफ! क्या है सरकार का नया प्लान?
Maharashtra EV Policy: महाराष्ट्र सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू कर दी है. इसके साथ ही 15% तक सब्सिडी, हाईवे टोल में छूट और हर 25KM पर चार्जिंग स्टेशन की सुविधा देने का ऐलान किया है.

Maharashtra EV Policy 2025: अगर आप इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो 2025 आपके लिए सुनहरा मौका बन सकता है. दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू कर दी है, जो 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी. इस पॉलिसी का लक्ष्य है कि राज्य की कम से कम 30% गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों, जिससे न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि सड़कों पर शोर भी कम होगा. इस नई नीति के तहत सरकार ने EV खरीदने वालों के लिए कई छूट और फायदे घोषित किए हैं. आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं.
EV खरीदने पर मिलेंगे 2 लाख तक के इंसेंटिव
महाराष्ट्र सरकार की नई EV नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार ने घोषणा की है कि इलेक्ट्रिक कार यानी चार-व्हीलर पर 2 लाख तक की सब्सिडी और इलेक्ट्रिक बसों पर 20 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी. यह लाभ कुल 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 25,000 कमर्शियल चार-व्हीलर और 1,500 इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा. इसके अलावा, अब EV गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और रेनोवेशन पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, जिससे वाहन खरीदने की कुल लागत काफी कम हो जाएगी.
टोल फ्री जर्नी
EV मालिकों के लिए यात्रा को और भी किफायती बनाने के लिए सरकार ने टोल Tax पर भी बड़ी राहत दी है. मुंबई-पुणे और मुंबई-नाशिक एक्सप्रेसवे पर चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को 100% टोल माफी दी जाएगी, जबकि राज्य की अन्य सड़कों पर भी PWD की ओर से टोल फ्री योजना लागू की जाएगी. यह खास सुविधा लॉन्ग ड्राइव करने वालों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी.
हर 25 KM पर होगा चार्जिंग स्टेशन
इस पॉलिसी का एक और बड़ा पहलू है. अब हर 25 किलोमीटर पर हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य होगा. साथ ही, हर सरकारी दफ्तर में EV चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. नई रिहायशी इमारतों में 100% चार्जिंग पॉइंट जरूरी होंगे, जबकि नई कॉमर्शियल बिल्डिंग्स में 50% और पुरानी बिल्डिंग्स में कम से कम 20% पार्किंग स्पेस पर चार्जर लगाना अनिवार्य होगा. इससे न केवल निजी वाहनों को फायदा मिलेगा, बल्कि टैक्सी और कमर्शियल EVs भी बेझिझक चार्ज हो सकेंगी.
सरकारी गाड़ियां भी अब होंगी EV
सरकार ने फैसला किया है कि अब सभी नई सरकारी यूटिलिटी गाड़ियां केवल इलेक्ट्रिक होंगी. शुरुआती चरण में मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, संभाजीनगर और अमरावती जैसे प्रमुख शहरों में 50% सरकारी गाड़ियां EV में बदली जाएंगी. इससे न केवल सरकारी खर्च में कटौती होगी, बल्कि पब्लिक सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग भी बढ़ेगा.
EV टेक्नोलॉजी को मिलेगा बूस्ट
EV टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 15 करोड़ का Research & Development Fund घोषित किया है. इस फंड का उपयोग बैटरी टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, मोटर डेवलपमेंट और वाहन-से-ग्रिड जैसी नई तकनीकों पर रिसर्च के लिए किया जाएगा.इस पूरी पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा करना और वायु प्रदूषण को कम करना है. सरकार का लक्ष्य है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर से 325 टन पीएम 2.5 और 1,000 टन ग्रीनहाउस गैस को खत्म किया जाए. यह नीति केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय रूप से भी महाराष्ट्र को एक साफ-सुथरे और टिकाऊ राज्य की दिशा में आगे ले जाने वाला कदम है.
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