Hero, Bajaj और Honda के लिए बड़ा झटका? बदल सकते हैं बाइक के नियम
Hero, Bajaj और Honda जैसी कंपनियों के लिए बड़ी खबर. सरकार अब टू-व्हीलर्स के लिए भी लाने जा रही है कड़े नियम. जानिए आपकी पसंदीदा बाइक्स और स्कूटरों पर इसका क्या असर पड़ेगा.

भारत देश में बाइक का मार्केट दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक माना जाता है. इस देश में सड़कों पर दौड़ने वाले हर चार वाहनों में से तीन गाड़ी मोटरसाइकिल या स्कूटर होते हैं. लेकिन इसके बाद भी अब तक सरकार का पूरा ध्यान कारों से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर था. लेकिन अब ऐसा नहीं है सरकार अपना फोकस बदलने जा रही है.
ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी ने देश की दिग्गज टू-व्हीलर कंपनियों जैसे हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो और होंडा के साथ मिलकर नए नियमों पर बातचीत शुरू कर दी है. इसके तहत अब कारों की तरह ही दोपहिया वाहनों के लिए भी कड़े कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी नियम लागू किए जा सकते हैं. जो कंपनियों के लिए एक बड़ा चैलेंज साबित होने वाला है. चलिए जानतें हैं कि, यह कौन सा नियम है और कैसे काम करेगा.
क्या हैं ये नियम और कैसे करेगा काम?
अगर आसान भाषा में इस नियम को समझें तो कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (CAFE) नियम किसी एक बाइक पर लागू नहीं होते. बल्कि यह कंपनी द्वारा एक साल में बेची गई सभी गाड़ियों की औसत फ्यूल एफिशिएंसी और कार्बन एमिशन को मापता है. अब तक सिर्फ 4 पहिये वाहन ही इसके दायरे में आते थे.
लेकिन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा है कि शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए टू-व्हीलर्स को भी इस दायरे में लाना बेहद जरूरी है. इसका मतलब यह हुआ कि अब कंपनियों को अपने पूरे पोर्टफोलियो का औसत प्रदूषण स्तर तय सीमा से नीचे रखना होगा जो एक बड़ा सिरदर्द बनने जा रहा है.
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पेट्रोल बाइक्स पर बढ़ेगा दबाव
बता दें कि, इस नए नियम के आने से सबसे बड़ा झटका उन कंपनियों को लगेगा जो मुख्य रूप से पेट्रोल इंजन वाली बाइक्स और स्कूटर बेचती हैं. सरकार द्वारा लाए जा रहे इस बदलाव के बीच कंपनियों ने एक तकनीकी कमेटी के सामने अपनी बात रखी है. निर्माताओं का कहना है कि सरकार ने हाल ही में E20 को पूरी तरह अनिवार्य किया है.
इसलिए कंपनियों को नया माइलेज और एमिशन डेटा तैयार करने के लिए कम से कम छह महीने का वक्त और चाहिए. इसके अलावा दिल्ली जैसे राज्यों में 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन के प्रस्ताव ने भी पेट्रोल बाइक मेकर्स की टेंशन बढ़ा दी है.
इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए भी आयेगा नियम
जबकि इसके अलावा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए भी नए नियम बनेंगे. सरकार अब आपके घर के फ्रिज और एसी की तरह ही इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और बाइक्स के लिए भी 5-स्टार रेटिंग सिस्टम शुरू करने का प्लान बना रही है. यह स्टार रेटिंग गाड़ी की बिजली की खपत और उसकी सर्टिफाइड रेंज के आधार पर तय होगी.
शुरुआती दो सालों के लिए यह रेटिंग सिस्टम स्वैच्छिक रहेगा लेकिन बाद में इसे पूरी तरह अनिवार्य कर दिया जाएगा. इससे ग्राहकों के लिए सबसे बेस्ट और एफिशिएंट इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनना बेहद आसान हो जाएगा.
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