एक्सप्लोरर

Vastu Shastra: भूमि परीक्षण से जानें घर के लिए शुभ-अशुभ जमीन और खुदाई में मिली वस्तुओं के संकेत!

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर, मंदिर या भवन का निर्माण करने से पहले भूमि परीक्षण जरूर करना चाहिए. आइए जानते हैं भूमि परीक्षण क्या होता है? इसे कैसे पहचाने और इसके कितने प्रकार होते हैं?

Vastu For Land: वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी घर, मंदिर या भवन के निर्माण से पहले भू परीक्षा (भूमि परीक्षण) को काफी जरूरी माना गया है. प्राचीन ग्रंथों में साफतौर पर कहा गया है कि, जिस भूमि पर निर्माण कार्य किया जाएगा उसकी प्रकृति, मिट्टी के गुण, आसापास का वातावरण और खुदाई के समय मिलने वाली वस्तुओं का परीक्षण जरूर करना चाहिए.

मान्यताओं के मुताबिक उचित भूमि पर बनाया गया घर सुख-समृद्धि और शांति देता है, जबकि अशुभ भूमि जीवन में बाधाएं और कष्टों को आकर्षित करती है.

सिर्फ सजावट नहीं… सही जगह रखा स्पाइडर प्लांट बदल सकता है घर का माहौल! जानें इसके फायदे?

भूमि के प्रकार उनकी पहचान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जमीन को मुख्य रूप से 4 प्रकारों में बांटा गया है- ब्राह्मणी, क्षत्रिय, वैश्या और शूद्र भूमि. इसका उल्लेख कल्पद्रुम ग्रंथ में देखने को मिलता है. 

“सुगंधा ब्राह्मणी भूमि रक्तगंधा तू क्षत्रिय।
मधुगंधा भवेद् वैश्याम् मद्यगंधा च शूद्रिका।। ” -कल्पद्रुम

इस श्लोक के मुताबिक जिस जमीन से सुगंध आती है, वह ब्राह्मणी भूमि कहलाती है और इसे सबसे श्रेष्ठ माना गया है. इसकी मिट्टी अक्सर सफेद रंग की होती है और इस पर कुश घास पाई जाती है. ऐसी जमीन को शांत, पवित्र और शुभ फल देने वाली जमीन माना गया है. 

जिस भूमि से रक्त जैसी गंध महसूस हो और मिट्टी लाल रंग की होती है, तो उसे क्षत्रिय भूमि कहा गया है. इस भूमि पर आमतौर पर मुंज घास पाई जाती है और इसे साहस, ताकत और पराक्रम से जुड़ा माना जाता है. 

वैश्या भूमि की मिट्टी हरे रंग की होती है और इसमें धान्य या अनाज जैसी सुगंध आती है. यह भूमि बिजनेस, कृषि और आर्थिक उन्नति के लिए अनुकूल मानी जाती है.

वहीं शू्द्र जमीन काले रंग की मिट्टी वाली होती है, और उसमें मद्य (शराब) जैसी गंध आती है. इस जमीन पर अलग-अलग तरह की घास पाई जाती है और इसे सामान्य इस्तेमाल के लिए सही माना गया है.

भूमि के आसापास का वातावरण कैसा होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, केवल मिट्टी ही नहीं, बल्कि जमीन के आसपास का वातावरण भी उसकी गुणवत्ता को दर्शाता है. इस विषय में बृहत्संहिता में कहा गया है कि, यदि किसी भूमि के आसपास सुगंधित पेड़, औषधीय पौधे और हरियाली हो, तो वह भूमि अत्यंत शुभ मानी जाती है. 

ऐसी भूमि को इंसानों के निवास के लिए सही माना गया है, क्योंकि वहां का वातावरण सेहत और समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है. इसके विपरीत यदि भूमि के आसपास कांटेदार पेड़-पौधे, गंदगी, कीचड़ या विषैले जीवों का निवास हो, तो उसे अशुभ माना गया है. 

अच्छी भूमि के संकेत

भूमि के शुभ लक्षणों का वर्णन 'मयमतम्' ग्रंथ में भी मिलता है।

“श्वेतासृक् पीतकृष्णा हयगजनिनदा षड्रसा चैकवर्णा,
गोधान्याम्भोजगन्धोपलतुषरहिता वाक्प्रतीच्युन्नता या।
पूर्वो दग्वारिसारा वरसुरभिमसा शूलहीनास्थिवर्ज्या,
सा भूमिः सर्वयोग्या कणदररहिता सम्मता द्यैर्मुनीन्दैः।। ”
- मयमतम् (अध्याय 201)

इस श्लोक के मुताबिक वह भूमि उत्तम मानी जाती है, जिसकी मिट्टी साफ और एकसमान हो, जिसमें कंकड़ या छिलके न हों, जहां पशुओं और धान्य की सुगंध हो. इसके साथ ही जहां बीज सूखते न हों. ऐसी भूमि को सभी तरह के निवास के लिए उपयुक्त बताया गया है. 

भूमि की पारंपरिक परीक्षा

वास्तु शास्त्र में भूमि की परीक्षा के लिए कुछ पारंपरिक परीक्षण भी बताए गए हैं. इनमें से एक परीक्षण यह है कि जमीन के बीच में करीब एक हाथ चौड़ा और एक हाथ गहरा गड्ढा खोदकर उसी मिट्टी से उसे भर दिया जाए.

यदि गड्ढा भरते वक्त मिट्टी कम पड़ जाए, तो भूमि को अशुभ माना जाता है. यदि मिट्टी बराबर हो जाए, तो भूमि सामान्य मानी जाती है. वहीं मिट्टी बच जाए तो उसे शुभ संकेत माना जाता है. 

एक अन्य परीक्षण में गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दिया जाता है. यदि अगले दिन तक उसमें पानी बना रहे, तो भूमि शुभ मानी जाती है. लेकिन भूमि फट जाए या पानी पूरी तरह सूख जाए तो उसे अशुभ संकेत माना जाता है.

इसके बारे में वास्तु ग्रंथ में कहा गया है कि, “ततो भूमि परीक्षेत वास्तुज्ञानविशारदः, अर्थात् वास्तु के ज्ञाता को सबसे पहले भूमि की परीक्षा जरूर करनी चाहिए।

खुदाई में मिलने वाली वस्तुओं के संकेत

जमीन की खुदाई के दौरान मिलने वाली वस्तुओं को भी शुभ और अशुभ संकेत माना गया है. वास्तु के जानकार कहते हैं कि, यदि खुदाई में हड्डी, कोयला, फटे कपड़े या सांप के अंडे मिलें तो इसे अशुभ माना जाता है और ऐसी भूमि पर निर्माण कार्य से बचना चाहिए. 

वहीं अगर खुदाई के समय शंख, कछुआ, पत्थर, ईंट या धातु जैसी वस्तुएं मिलें, तो इसे शुभ संकेत माना गया है. मान्यताओं के मुताबिक ऐसी भूमि पर घर बनाने से पैसा, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है. 

वास्तु शास्त्र में भूमि परीक्षा केवल धार्मिक परंपरा पर ही नहीं, बल्कि भूमि की प्रकृति और गुणवत्ता को समझने का एक बेहद प्राचीन तरीका है. मिट्टी के रंग, गंध और आसपास का वातावरण और खुदाई के दौरान मिलने वाली वस्तुएं यह संकेत देती हैं कि, जमीन निर्माण कार्य के लिए कितनी सही है.

इसी वजह से प्राचीन ग्रंथों में किसी भी भवन या मंदिर के निर्माण से पहले भूमि परीक्षण काफी जरूरी है.

घर में रखे ये 9 डेकोर आइटम बन सकते हैं बुरी किस्मत का कारण, बढ़ा सकते हैं वास्तु दोष! देखें फोटो

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

सीहोर में दंपत्ति को अगवा कर मारपीट और अपमान का सनसनीखेज मामला, आरोपी गिरफ्तार
सीहोर में दंपत्ति को अगवा कर मारपीट और अपमान का सनसनीखेज मामला, आरोपी गिरफ्तार
Vastu Shastra: क्या आप भी अपने घर के बाहर जूते- चप्पल बिखेर के रखते है तो सतर्क हो जाइए
क्या आप भी अपने घर के बाहर जूते- चप्पल बिखेर के रखते है तो सतर्क हो जाइए
घर के शोकेस में ट्रॉफी और सर्टिफिकेट रखने का सही तरीका जान लें, वरना सफलता हो सकती है ब्लॉक!
घर के शोकेस में ट्रॉफी और सर्टिफिकेट रखने का सही तरीका जान लें, वरना सफलता हो सकती है ब्लॉक!
Astrology: सिर्फ मनी प्लांट ही नहीं, अपनी राशि के अनुसार घर में लगाएं ये खास पौधा घर में आएगी बरकत!
सिर्फ मनी प्लांट ही नहीं, अपनी राशि के अनुसार घर में लगाएं ये खास पौधा घर में आएगी बरकत!
Advertisement

वीडियोज

Sansani: मर्डर से पहले दूल्हे की तैयारी | Crime News | Murder Case | ABP News
Maharashtra News: 4 साल की मासूम से रेप के बाद हत्या | Pune | Crime News | abp News
Chitra Tripathi: बंगाल की चुनावी रेस..किसके पक्ष में जनादेश ? | Bengal Elections | EVM | Mamata
SC से Mamata को 'झटका'..4 मई को क्या? | Mamata | TMC | BJP | PM Modi | Bengal Election 2026
ABP Report: 4 मई की उल्टी गिनती शुरू! बंगाल में सियासी पारा हाई | Mamata | TMC | BJP | PM Modi
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'होर्मुज से निकलने के लिए अगर किसी ने टोल दिया तो...', ईरान संग बातचीत के बीच अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी
'होर्मुज से निकलने के लिए अगर किसी ने टोल दिया तो...', अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी
बिहार में आसमान से बरसने वाली है आग, आज से शुरू होगा भीषण गर्मी का कहर, जानें ताजा अपेडट
बिहार में आसमान से बरसने वाली है आग, आज से शुरू होगा भीषण गर्मी का कहर, जानें ताजा अपेडट
‘हम पर थोपा गया है युद्ध’, ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज तो आया तेहरान का रिएक्शन, कह दी ये बड़ी बात
‘हम पर थोपा गया है युद्ध’, ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज तो आया तेहरान का रिएक्शन, कह दी ये बड़ी बात
MI को हराकर CSK ने लगाई अंक तालिका में छलांग, मुंबई इंडियंस नहीं; ये टीम लुढ़की नीचे
MI को हराकर CSK ने लगाई अंक तालिका में छलांग, मुंबई इंडियंस नहीं; ये टीम लुढ़की नीचे
'मैं इस दुनिया से जा चुका हूं', कनाडा कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ की बातों ने फैंस को किया इमोशनल
'मैं इस दुनिया से जा चुका हूं', कनाडा कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ की बातों ने फैंस को किया इमोशनल
शांति प्रस्ताव या आखिरी दांव? ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका भेजा 14 सूत्रीय फॉर्मूला, ट्रंप ने क्या कहा?
शांति प्रस्ताव या आखिरी दांव? ईरान ने PAK के जरिए US भेजा 14 सूत्रीय फॉर्मूला, ट्रंप ने क्या कहा?
फ्लाइट में बीमार हो गए, अस्पताल में भर्ती होने के बाद कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या आप खुद, जानिए
फ्लाइट में बीमार हो गए, अस्पताल में भर्ती होने के बाद कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या आप खुद, जानिए
DSHM Recruitment 2026 : DSHM ने डेंटल सर्जन समेत कई पदों के लिए निकाली भर्ती, जानें पूरी डिटेल्स
DSHM ने डेंटल सर्जन समेत कई पदों के लिए निकाली भर्ती, जानें पूरी डिटेल्स
Embed widget