Astro: सूर्य के कमजोर होने से घर में पिता और ऑफिस में बॉस से पड़ती है डांट
जन्मकुंडली में सूर्य को महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. सूर्य व्यक्ति को जीवन में यश प्रदान करता है, लेकिन जब यह खराब हो जाए तो परेशानी भी पैदा कर देता है.

नई दिल्ली: सूर्य को राजा माना गया है. जन्मकुंडली में मौजूद सूर्य ही व्यक्ति को यश,वैभव और सम्मान दिलाने में अहम भूमिका निभाता है. कुंडली में मजबूत स्थिति में सूर्य के होने से व्यक्ति को हर काम में सफलता मिलती है और उसकी कीर्ति फैलती है. लेकिन यही सूर्य जब कुंडली में कमजोर हो जाएं तो व्यक्ति को परेशानी में डाल देते हैं. सूर्य जब कमजोर होने लगे तो इसका पता लगाया जा सकता है लेकिन इसके लिए थोड़ा सा ध्यान देना होगा.
सूर्य का जीवन में विशेष महत्व है. सूर्य ही जीवन है. सूर्य को प्रकाश माना गया है. ज्योतिष में सूर्य की महिमा को विस्तार से बताया गया है. इसी तरह से व्यक्ति को सूर्य प्रभावित करता है लेकिन जब यह जन्मकुंडली में कमजोर अवस्था में हो तो व्यक्ति को आंख की परेशानी, परिवार में सदस्यों से मनमुटाव और अपयश का कारण भी बन जाता है. पिता से संबंध भी खराब कर देता है. यहां तक कि ऑफिस में बॉस से भी बिगाड़ करा देता है. बॉस की डांट पड़ने लगती है.
जब सूर्य व्यक्ति की जन्मकुंडली में खराब होने लगते हैं तो इसका पता लगाया जा सकता है. व्यक्ति को जब अचानक खाने में नमक की कमी अधिक महसूस होने लगे तो समझ लें कि व्यक्ति का सूर्य कहीं न कहीं दिक्कत कर रहा है. वहीं दायीं आंख की रोशनी कमजोर होने लगे तो भी समझ लेना चाहिए कि सूर्य की परेशानी शुरू हो गई है. पिता से सहमति नहीं बन रही है तो भी सूर्य कमजोर समझें.
सूर्य जब कमजोर हो जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है. इसको लेकर अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है. जब सूर्य कमजोर महसूस होने लगे तो सूर्य को सुबह नहाकर पूजा करने के बाद जल अर्पित करना चाहिए. इसमें लाल चंदन मिलाने से सूर्य के दोष जल्द दूर होते हैं. ऐसा नियमित करने से सूर्य की अशुभता दूर होने लगती है.
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