एक्सप्लोरर

Crop Compensation: फसल नुकसान का मुआवजा 15 दिन में देगी योगी सरकार, ऐसे बनाई नई पॉलिसी

योगी सरकार ने किसानों को राहत दी है. अब किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा 15 दिन में ही मिल जाएगा. इसके लिए सर्कुलर जारी कर दिया गया है.

Crop Insurance: देश में पहले सूखा, फिर बाढ़ और बाद में बारिश ने जमकर कहर बरपाया. किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है. अलग-अलग स्टेट में लाखों बीघा फसल बर्बाद हो गई है. मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्य सरकारें किसानों की मदद के लिए आगे आई है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी किसानों को मुआवजा देने पर जोर दिया जा रहा है. अब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने ऐसा ही कदम उठाया है, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी, उन्हें बेहद जल्दी ही मुआवजे की धनराशि मिल जाएगी.

उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट में आपदा से होने वाले फसली नुकसान को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है. आदेश के मुताबिक देवी आपदा से फसल बर्बाद होने पर 30 दिन में किसान को पैसा मिल जाएगा. यदि क्षेत्रीय स्तर पर फसल को नुकसान हो रहा है तो 15 दिन में क्षतिपूर्ति का पैसा किसानों के खाते में आ जाएगा. स्टेट गवर्मेंट ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस नुकसान में किसानों के साथ हैं. प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत सभी पीड़ित किसानों को कंपनसेशन मिलेगा. उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है.

ऐसे होगी कार्रवाई
फसल नुकसान की सूचना मिलने पर जिले के रेवेन्यू एवं एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के कर्मचारी फसल नुकसान की सूचना 3 दिनों में डीएम को दे देते हैं. इसके अलावा डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर को लिखित में इसकी सूचना देनी होती है. सूचना मिलने पर 7 दिनों के अंदर डीएम या डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर लिखित रूप से जानकारी बीमा कंपनी को उपलब्ध कराएंगे. उसमें बताया जाएगा कि किस गांव में किस किसान को कितना फसल नुकसान हुआ है. उसका सर्वे कराया जाए. डिस्ट्रिक्ट लेवल पर रिवेन्यू, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट और बीमा कंपनी की अफसरों की एक टीम गठित होगी. यह टीम 15 दिनों में जॉइंट इंस्पेक्शन कर 15 रिपोर्ट सौंप देगी. इसके बाद 30 दिन में प्रभावित फसल का बीमा किसान को मिल जाएगा. यदि स्थानीय स्तर पर फसल का नुकसान हुआ है तो उसका मुआवजा 15 दिन में देने का प्रोविजन है.

72 घंटे में देनी होगी फसल नुकसान की सूचना
आमतौर पर फसलों को नुकसान ओले पड़ने, जलभराव होने, भूस्खलन और आकाशीय बिजली गिरने से होते हैं. यदि ऐसा नुकसान होता है तो इसे आपदा नुकसान माना जाता है. किसान को 72 घंटे के अंदर खुद से बीमा कंपनी को सूचना देनी होगी. सूचना मिलने के बाद 48 घंटे के अंदर बीमा कंपनी सर्वेयर नियुक्त करेगी. अगले 10 दिन में नुकसान का आकलन होगा और बीमा कंपनी 15 दिन में नुकसान का भुगतान देगी. किसानों को उनके खाते में ऑनलाइन ही पैसा भेज दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें :

Stubble Management: केंद्र ने पराली से निपटने के लिए 4 राज्यों 1500 करोड़, 900 करोड़ अभी तक खर्च नहीं

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

PM Kisan Installment: कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? जानें कैसे चेक कर पाएंगे स्टेटस
कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? जानें कैसे चेक कर पाएंगे स्टेटस
कम जगह में लगाएं ये 3 खुशबूदार पौधे, रात में मिलेगी नेचुरल फ्रेगरेंस
कम जगह में लगाएं ये 3 खुशबूदार पौधे, रात में मिलेगी नेचुरल फ्रेगरेंस
अब बाजार नहीं, घर पर उगाएं सेहत से भरा पपीता; जानें आसान तरीका
अब बाजार नहीं, घर पर उगाएं सेहत से भरा पपीता; जानें आसान तरीका
घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  
घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नॉट अवर बिजनेस,' ईरान के युद्धपोत को डुबाने पर कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल तो BJP ने दिया जवाब
'नॉट अवर बिजनेस,' ईरान के युद्धपोत को डुबाने पर कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल तो BJP ने दिया जवाब
नीतीश कुमार के फैसले से उनके गांव के ही लोग नहीं खुश! कहा- RJD को देंगे समर्थन
नीतीश कुमार के फैसले से उनके गांव के ही लोग नहीं खुश! कहा- RJD को देंगे समर्थन
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत... ईरान के ऐलान ने अमेरिका-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, अब क्या करेंगे ट्रंप?
चीन ही नहीं, भारत को भी मिलेगी राहत! ईरान के ऐलान ने US-यूरोप की बढ़ाई टेंशन, क्या करेंगे ट्रंप?
ये दो ओवर रहे भारत की जीत के टर्निंग प्वाइंट, वरना इंग्लैंड ने कर दिया था 'खेला'; चेज हो जाते 254 रन
ये दो ओवर रहे भारत की जीत के टर्निंग प्वाइंट, वरना इंग्लैंड चेज कर देता 254 रन
'ये उसका रोज का है' अनुराग डोभाल के वायरल वीडियो पर भाई ने किया रिएक्ट, बोले- 'वो बीवी को मारता था'
'ये उसका रोज का है' अनुराग डोभाल के वायरल वीडियो पर भाई ने किया रिएक्ट, बोले- 'वो बीवी को मारता था'
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
Citroen Basalt Vs Kia Syros: इंजन और फीचर्स के मामले में कौन सी SUV है बेहतर? यहां जानें अंतर
Citroen Basalt Vs Kia Syros: इंजन और फीचर्स के मामले में कौन सी SUV है बेहतर? यहां जानें अंतर
Strait of Hormuz: क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें कैसे मिला था इसे इसका यह नाम?
Embed widget