किचन गार्डन में कैसे करें तोरई की खेती? गर्मी में नहीं होती ताजी सब्जी की दिक्कत
Ridge Gourd Cultivation Tips: गर्मियों के सीजन में घर की छत या बालकनी पर तोरई उगाना एक स्मार्ट चॉइस है. सही बीज, बड़े साइज के ग्रो बैग और सही मिट्टी के साथ आप आसानी से इसकी बेल तैयार कर सकते हैं.

Ridge Gourd Cultivation Tips: किचन गार्डन में तोरई उगाने का आईडिया एकदम बढ़िया है. क्योंकि गर्मियों की तपती धूप में जब मार्केट की सब्जियां मुरझाई हुई लगती हैं, तब आपके घर की ताजी तोरई स्वाद और सेहत दोनों का लेवल बढ़ा देती है. आजकल की भागदौड़ वाली लाइफ में लोग अपनी छत या बालकनी पर छोटा सा हरा-भरा कोना बनाना पसंद कर रहे हैं और तोरई इसके लिए बेस्ट चॉइस है.
इसे उगाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है. बस आपको थोड़े से एफर्ट्स और सही तकनीक की जरूरत होती है. अगर आप भी ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल के फैन हैं और केमिकल वाली सब्जियों से तौबा करना चाहते हैं, तो यह सही वक्त है अपने गार्डन में इस बेल वाली सब्जी को जगह देने का. तोरई न सिर्फ जल्दी बढ़ती है बल्कि इसकी बेलें आपके गार्डन को एक कूल और वाइब्रेंट लुक भी देती हैं जिससे घर का माहौल पॉजिटिव रहता है.
ऐसे उगाएं किचन गार्डन में तोरई
तोरई की बंपर पैदावार के लिए सबसे पहले आपको हाई-क्वालिटी के हाइब्रिड बीजों पर फोकस करना चाहिए. जो आजकल आसानी से ऑनलाइन या नर्सरी में मिल जाते हैं. मिट्टी तैयार करते समय याद रखें कि तोरई को वेल-ड्रेंड यानी ऐसी मिट्टी पसंद है जिसमें पानी न रुके. इसलिए मिट्टी में कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट और थोड़ी सी नीम खली मिक्स करना एक स्मार्ट मूव होगा. अगर आप गमले या ग्रो बैग का यूज कर रहे हैं. तो कम से कम 15 से 18 इंच का साइज चुनें ताकि जड़ों को फैलने के लिए पूरी जगह मिले.
- बीजों को सीधे मिट्टी में 1 इंच गहराई पर लगाएं और शुरुआत में हल्का पानी स्प्रे करें.
- बीजों को लगाने से पहले 12-24 घंटे पानी में भिगोने से जर्मिनेशन बहुत फास्ट और हेल्दी होता है.
- गमले की मिट्टी तैयार करते समय 40% मिट्टी, 30% कंपोस्ट और 30% रेत का मिक्सचर सबसे बेस्ट रहता है.
सही पोषण के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस का बैलेंस होना चाहिए जिससे बेल की ग्रोथ रॉकेट की तरह तेज हो.
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इन बातों का रखें ध्यान
तोरई एक क्लाइंबर है यानी इसे ऊपर चढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है. इसलिए आप बांस की स्टिक्स या नेट का इस्तेमाल करके एक बढ़िया ढांचा तैयार कर सकते हैं. इसे मल्चिंगच या बेल को ट्रेलिस पर चढ़ाना कहते हैं. जिससे फल मिट्टी के कांटेक्ट में नहीं आते और सड़ने से बच जाते हैं. गर्मियों में तोरई को रोजाना पानी की जरूरत होती है. लेकिन ध्यान रहे कि पानी हमेशा जड़ों में दें. पत्तियों पर नहीं, ताकि फंगस का खतरा कम रहे.
- हर 15-20 दिन में लिक्विड फर्टिलाइजर या किचन वेस्ट से बनी खाद डालने से फ्रूटिंग काफी ज्यादा होती है.
- बेल की 3G कटिंग तकनीक अपनाकर आप एक ही पौधे से तीन गुना ज्यादा तोरई हार्वेस्ट कर सकते हैं.
- अगर कीड़ों का अटैक दिखे तो हफ्ते में एक बार नीम ऑयल का स्प्रे करना एक प्रो-टिप है.
इन छोटी-छोटी मॉडर्न ट्रिक्स को फॉलो करके आप पूरी गर्मी अपनी मेहनत की ताजी और मीठी तोरई का मजा ले सकते हैं.
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Source: IOCL



























