एक्सप्लोरर

क्या है Kakoda Farming? एक बार बो दिया तो 10 साल तक मुनाफा मिलता रहेगा

ककोड़ा की खेती से किसान एक बार बुवाई कर मोटा मुनाफा पा सकते हैं. अच्छी बात यह है कि एक बार बोने के बाद यह फसल खुद ही दोबारा उग आती हैं. उत्पादन भी अच्छा होता है.

Kakoda Cultivation: किसानों तकनीकी सूझबूझ और बेहतर तरीके से खेती कर अच्छा मुनाफा पा सकते हैं. देश में खेती की अलग अलग तरह की प्रजातियां मौजूद हैं. आज ऐसी ही खेती के बारे में बात करने की कोशिश करेंगे. इस सब्जी का नाम थोड़ा अजीब है. मगर मुनाफा बेहद अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि ककोड़ा सब्जी का सही ढंग से उत्पादन कर किसान सालाना लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं. 

पहले जानिए, ककोड़ा क्या है?
इस सब्जी को कद्‌दूवर्गीय श्रेणी में गिना जाता है. ककोड़ा देश में अन्य नाम कर्काेटकी, काकोरा, कंटोला, वन करेला, खेखसा, खेसका, अगाकारा, स्पाइन गार्ड, मोमोर्डिका डायोइका आदि से भी प्रसिद्ध है. इसपर हलके कांटेदार रेशे होते हैं. यह दिखने में छोटे करेले जैसा है. राजस्थान में लोग इसे किंकोड़ा के नाम से जानते हैं.

इस समय करें ककोड़ा की बुवाई 
ककोड़ा की बुवाई करते समय मौसम का ध्यान रखना जरूरी है. लेकिन यदि इसकी खेती सही से की जाए तो बेहतर प्रॉफिट कमा सकते हैं. ककोड़ा की खेती गर्मी और मानसून दो बार की जा सकती है. ककोड़ा का अच्छा उत्पादन गर्मी में किया जा सकता है. इसकी बुवाई का सही समय जनवरी से पफरवरी तक है. मानसून में इसकी बुवाई जुलाई में की जाती है.

खुद ही उगना हो जाती है शुरू
इस फल के साथ अच्छी बात ये है कि एक बार इसकी खेती करने के बाद यह खेत में खुद से ही उगने लगती है. बार बार इसकी बुआई की जाती है. बारिश में ये खुद ही हो जाते हैं. 

जंगल में मिलता है ककोड़ा का बीज
ककोड़ा का बीज बाजार में नहीं मिलता है. न ही एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट या शासन, प्रशासन के स्तर से बीज जिलों में भेजा जाता है. जंगल में ककोड़ा की पैदावार होती हैं. यदि किसी को ककोड़ा की खेती करनी है तो जंगल से बीज लाने होंगे. पकने पर ककोड़ा के बीज खुद ही गिर जाते हैं. कोई भी व्यक्ति जंगल जाकर ककोड़ा के बीज ला सकता है. 

ककोड़ा की ये प्रजाति है बेहतर
ककोड़ा की कई फेमस प्रजातियां हैं. इनमें इंदिरा कंकोड़-1, अम्बिका-12-1, अम्बिका-12-2, अम्बिका-12-3 शामिल हैं. इंदिरा कंकोड़-1 (आरएमएफ-37) को कमाई के लिहाज से अच्छी प्रजातियों में गिना जाता है. इस हाइब्रिड प्रजाति की बुवाई उत्तर प्रदेश, ओडीसा, छत्तीसगढ़ और झारखंड और महाराष्ट्र में की जा सकती है. यह किस्म कीट और कीड़ों से खुद ही बचाव में सक्षम है. बीजों को ट्यूबर्स में उगाने पर 70 से 80 दिन में तैयार हो जाती है. साल दर साल इसकी पैदावार बढ़ जाती है. पहले साल 4 क्विंटल प्रति एकड़, दूसरे साल 6 क्विंटल प्रति एकड़ और तीसरे साल 8 क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार होती है. 

10 साल तक हो जाती है कमाई
इस सब्जी को जंगली सब्जी के रूप में जाना जाता है. किसान इसकी बुवाई कर मोटी आमदनी करते हैं. बाजार में इसकी कीमत 90 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है. जबकि लागत नाममात्र की होती हैं. एक बार इस फसल की बुआई के बाद 8 से 10 साल तक इससे पैदावार ले सकते हैं. 

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें:- इस मोबाइल एप की मदद से स्मार्ट बनेंगे किसान, खेतों में ऑन स्पॉट मिलेगा तकनीकी प्रॉबलम का हाईटैक सोल्यूशन

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

मानसून की देरी से इन फसलों में किसानों को हुआ घाटा, चाय पर भी पड़ा बुरा असर
मानसून की देरी से इन फसलों में किसानों को हुआ घाटा, चाय पर भी पड़ा बुरा असर
Cocoa Farming: अपने फार्म हाउस पर कैसे उगाएं चॉकलेट? स्वाद और सेहत के साथ मिलेगा मोटा मुनाफा
अपने फार्म हाउस पर कैसे उगाएं चॉकलेट? स्वाद और सेहत के साथ मिलेगा मोटा मुनाफा
मॉनसून में टमाटर की फसल देगी रिकॉर्डतोड़ मुनाफा, बस जान लें देखरेख का यह सीक्रेट फॉर्मूला
मॉनसून में टमाटर की फसल देगी रिकॉर्डतोड़ मुनाफा, बस जान लें देखरेख का यह सीक्रेट फॉर्मूला
इस राज्य के किसानों के लिए बड़ा मौका, दाल मिल खोलने पर सरकार देगी 25 लाख की सब्सिडी
इस राज्य के किसानों के लिए बड़ा मौका, दाल मिल खोलने पर सरकार देगी 25 लाख की सब्सिडी

वीडियोज

Sansani | Crime News | Jaipur Murder Case: सरकारी नौकरी के लिए मां का मर्डर ! | ABP News
Monsoon 2026: बारिश से हाहाकार! सड़कें बनीं दरिया, लोग परेशान | Flood | Heavy Rain Alert | IMD
Chitra Tripathi | Janhit: आसमानी आफत की डरावनी तस्वीरें | Flood | Heavy Rain Alert | IMD Alert
Monsoon 2026: आसमानी आफत का कहर, सड़कों पर समंदर जैसा मंजर | Flood | Heavy Rain Alert | IMD
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा में शिवलिंग पूरी तरह पिघला | Pahalgam | Jammu and Kashmir

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Rain Today LIVE Updates: महाराष्ट्र में आई बाढ़ में अबतक 63 की मौत, दिल्ली-NCR के लिए मानसूनी बारिश बनी आफत
LIVE: महाराष्ट्र में आई बाढ़ में अबतक 63 की मौत, दिल्ली-NCR के लिए मानसूनी बारिश बनी आफत
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर बोले- BJP के अहंकार को तोड़ें, कह दी बड़ी बात, 'हर मतदाता को…'
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर बोले- BJP के अहंकार को तोड़ें, कह दी बड़ी बात, 'हर मतदाता को…'
IND Vs ZIM T20 Series 2026: IPL 2026 के चार मैच में 0 विकेट, जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में किया गया शामिल, कौन है ये गेंदबाज?
IPL 2026 के चार मैच में 0 विकेट, जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में किया गया शामिल, कौन है ये गेंदबाज?
ईरान पर एयर स्ट्राइक के बीच ट्रंप ने क्यों लिया भारत-पाकिस्तान का नाम, बोले- 'लाखों लोगों की जान...'
ईरान पर एयर स्ट्राइक के बीच ट्रंप ने क्यों लिया भारत-पाकिस्तान का नाम, बोले- 'लाखों लोगों की जान...'
Guru Dutt Birth Anniversary: 'जिंदगी नरक हो गई है...' मुस्लिम एक्ट्रेस के प्यार में पागल थे गुरु दत्त, पत्नी ने छोड़ दिया था घर
'जिंदगी नरक बन गई...' मुस्लिम एक्ट्रेस के प्यार में पागल थे गुरु दत्त, पत्नी ने छोड़ दिया था घर
Explained: अमेरिकी चुनाव 2028 की तस्वीर साफ! मार्को रूबियो को पछाड़कर ट्रंप के उत्तराधिकारी बने जेडी वेंस, 7 बड़े संकेत
अमेरिकी चुनाव की तस्वीर साफ! ट्रंप के उत्तराधिकारी बने जेडी वेंस, कैसे मार्को रूबियो को पछाड़ा?
'कुछ देर पहले ईरान से फोन आया, वे अब...', ताबड़तोड़ हमलों के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
'कुछ देर पहले ईरान से फोन आया, वे अब...', ताबड़तोड़ हमलों के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
Video: 'पैर नकली लेकिन भक्ति सच्ची' कृत्रिम पैरों से महिला ने पूरी की अमरनाथ यात्रा- वीडियो वायरल
'पैर नकली लेकिन भक्ति सच्ची' कृत्रिम पैरों से महिला ने पूरी की अमरनाथ यात्रा- वीडियो वायरल
Embed widget