घर के गमले में उगाएं मटर, ऐसे करें शुरुआत
सर्दियों में बाजार की महंगी और केमिकल वाली मटर छोड़िए, अब अपने घर के गमले में ही उगाइए एकदम ताजी ऑर्गेनिक मटर. घर पर मटर की उगाने का आसान तरीका क्या है? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

मानसून के बाद सर्दियों में हरी मटर की डिमांड काफी बढ़ जाती है. चाहे मटर पनीर बनाना हो, गर्मागर्म पराठे या फिर पुलाव, ताजी मटर का स्वाद हर डिश में चार चांद लगा देता है. लेकिन बाजार से मिलने वाली मटर में अक्सर केमिकल कलर और कीटनाशकों का डर बना रहता है. तो सीजन की शुरुआत में इसके दाम भी आसमान छूते हैं. ऐसे में अगर आप बिना किसी केमिकल के एकदम ताजी और ऑर्गेनिक हरी मटर अपने घर की छत या बालकनी में उगाना चाहते हैं. तो यह बहुत ही आसान काम है.
इसके लिए आपको किसी बड़े खेत या बड़े से गार्डन की बिल्कुल जरूरत नहीं है. बल्कि आप अपने घर में रखे 2-3 बड़े गमलों में ही आप आसानी से मटर उगा सकते हैं. अगर आपने पहले कोई सब्जी नहीं उगाई तब भी आप हरी मटर को बड़ी आसानी के साथ उगा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं अपने गमले में किस तरह आपको उगानी होगी हरी मटर इसके लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान.
कैसे करें शुरुआत?
अपने घर में किसी भी सब्जी को उगाने के लिए पहले आपको उसके लिए सही जगह की व्यवस्था करनी होती है. मटर को उगाने के लिए आपको पहले एक सही साइज का गमला चाहिए होगा. इसके लिए आपको कम से कम 10 से 12 इंच का गहरा और चौड़ा गमला लेना होगा और गमले के नीचे पानी निकालने के लिए एक ड्रेनेज होल भी करना होगा. इसके बाद आपको गमले की मिट्टी तैयार करनी होगी. गमले की मिट्टी के लिए आपको 50% नॉर्मल बगीचे की मिट्टी तो 30% पुरानी गोबर की खाद और 20% रेत मिला सकते हैं.
यह उपजाऊ मिट्टी मटर की जड़ों के लिए सबसे बढ़िया होती है. अब बात आती है मटर के बीज की तो किसी सर्टिफाइड नर्सरी या फिर बढ़िया बीज भंडार की दुकान से ही हाइब्रिड वैरायटी के ही बीज लेकर आएं. बीजों को मिट्टी में लगाने से पहले आपको 5 से 6 घंटे के लिए उनको सादे पानी में भिगोकर रख देना होगा. इससे बीजों का अंकुरण बहुत जल्दी होता है. मिट्टी में एक से डेढ़ इंच की गहराई में और 3 से 4 इंच की दूरी पर बीज को बो कर हल्का पानी दें.

पौधों को सपोर्ट, पानी और सही धूप
मटर का पौधे की बेल काफी हल्की होती है. इसलिए जैसे ही पौधा 5 से 6 इंच बड़ा हो जाए उसे ऊपर चढ़ाने के लिए किसी सहारे की जरूरत होती है. ऐसे में आप गमले के किनारे पर बांस की डंडिया या फिर जालीदार रस्सी बांधकर उसे सपोर्ट दे सकते हैं. क्योंकि अगर बल जमीन पर लटकेगी तो इससे फंगस का खतरा बढ़ जाएगा.
मटर को अच्छी तरह बढ़ने के लिए रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है. इसलिए गमले को हमेशा बालकनी में या अपनी छत के खुले हिस्से में रखें. पानी देने के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें गमले में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए. लेकिन पानी भरने नहीं देना है. जब मिट्टी की ऊपरी लेयर सूखी दिखे तभी उसमें हल्का पानी डालें. ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ें गल सकती हैं.

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खाद और सुरक्षा का ध्यान
पौधे को जल्दी बढ़ने के लिए और ज्यादा फलियां आने के लिए हर 15 से 20 दिन में आप ऑर्गेनिक खाद दे सकते हैं. खाते से पहले गमले के पास हल्की गुड़ाई जरूर करें. कर जो पौधे पर फूल आने लगे तो फिर आप लिक्विड फर्टिलाइजर भी दे सकते हैं. इससे पौधे को सही मात्रा में पोटाश और फास्फोरस मिलता है. कीड़ों से बचने के लिए आप हर 10 दिन में एक बार नींद का तेल स्प्रे कर सकते हैं.
बीज लगाने के बाद से तकरीबन 50 से 65 दिनों के अंदर आपके पौधे में हरी-भरी मटर की फलियां नजर आने लगेंगी. जब फलियां पूरी तरह गोल हो जाएं और उनमें दाने नजर आने लगे हैं. तो फिर उन्हें आप हाथ से तोड़ सकते हैं और अपने किचन में इस्तेमाल कर सकते हैं.
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