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घर पर उगाएं सरसों का साग, सर्दियों में मक्के की रोटी के साथ चाव से खाएं

सर्दियों में मक्के की रोटी के साथ गरमा-गरम सरसों के साग का मज़ा ही कुछ और है! क्या आप जानते हैं कि बिना किसी केमिकल के आप इसे अपने घर पर ही बेहद आसानी से कैसे उगा सकते हैं?

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  • सर्दियों का स्वादिष्ट सरसों साग सितंबर-अक्टूबर में उगाएं.
  • उपजाऊ मिट्टी, पर्याप्त धूप में बीज एक इंच गहरा बोएं.
  • पौधे 6-8 इंच पर ऊपर से काटें, बार-बार उगेंगे.

सर्दियों के मौसम का नाम आते ही सबसे पहले जिस खाने की तस्वीर हमारी आंखों के सामने तैरने लगती है. वह है गरमा-गरम मक्के की रोटी के साथ सरसों का साग. पंजाब से लेकर पूरे उत्तर भारत में इस डिश को खूब पसंद किया जाता है. बहुत से लोग बाहर जाकर होटलों में इसे खाते हैं लेकिन जो स्वाद घर पर बनाकर खाने में आता है उसको कोई तोड़ नहीं. सरसों का साग बनाने के लिए आपको बाजार से लाने की जरूरत नहीं है. 

आप अपने घर पर ही बड़ी आसानी से इसे उगा सकते हैं. सितंबर और अक्टूबर का यह सुहाना मौसम सरसों का साग उगाने के लिए सबसे बेहतरीन समय माना जाता है. थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी के साथ आप भी अपने घर पर आसानी से इस साग को उगा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इस विंटर स्पेशल सब्जी को उगाने के लिए क्या करना है.

सही से मिट्टी तैयार करें और सही गमला लें

किसी भी पौधे की शानदार ग्रोथ इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस तरह की मिट्टी और माहौल मिल रहा है. सरसों का साग उगाने के लिए सबसे पहले आपको एक ऐसी जगह चुननी होगी जहां दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप आती हो. अगर आपके पास जमीन में जगह नहीं है. तो आप चौड़े गमले और क्यारी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मिट्टी तैयार करते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि वह एकदम भुरभुरी और उपजाऊ होनी चाहिए.

इसके लिए सामान्य मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की सड़ी हुई खाद और थोड़ी सी रेत मिला दें. जिससे पानी कभी भी गमले में रुके नहीं. मिट्टी में नमी का संतुलन होना बहुत जरूरी है क्योंकि जलभराव होने से सरसों के नाजुक पौधे सड़ सकते हैं. अच्छी तरह तैयार की गई यह उपजाऊ मिट्टी आपके पौधों को तेजी से बढ़ने और हरा-भरा रहने में पूरी मदद करती है.


घर पर उगाएं सरसों का साग, सर्दियों में मक्के की रोटी के साथ चाव से खाएं

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बीजों की बुवाई का सही तरीका 

गमले और क्यारी की मिट्टी तैयार करने के बाद अब बारी आती है सही तरीके से बीज बोने की. सरसों के अच्छी क्वालिटी के बीज किसी भी नजदीकी नर्सरी और कृषि बीज भंडार से आसानी से मिल जाते हैं. बीजों को मिट्टी में लगभग आधे से एक इंच की गहराई पर लाइन से बोएं. जिससे कि जब पौधे निकलें तो उन्हें फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. बुवाई के तुरंत बाद हल्के हाथों से पानी का छिड़काव करें जिससे बीज अपनी जगह से हिलें नहीं.

सर्दियों के दिनों में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. इसलिए पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी हल्की सूखी हुई लगे. जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधों की जड़े कमजोर हो सकती हैं. इसलिए सिंचाई हमेशा देख-दाख कर ही करें. कुछ ही दिनों में छोटे-छोटे हरे अंकुर फूटकर बाहर आने लगेंगे. 


घर पर उगाएं सरसों का साग, सर्दियों में मक्के की रोटी के साथ चाव से खाएं

बार-बार मिलेगा ताजा साग

सरसों के साग की सबसे मजेदार बात यह होती है कि इसे सिर्फ एक बार काटकर खत्म नहीं किया जाता. बल्कि इसकी हार्वेस्टिंग का तरीका बेहद खास होता है. जब पौधे लगभग 6 से 8 इंच के हो जाएं और पत्तियां बड़ी और हरी दिखने लगें तो समझ लीजिए कि आपका साग तोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार है. पौधे की पूरी जड़ उखाड़ने की बजाय कैंची मदद से ऊपर-ऊपर के पत्तों और डंडियों को काट लें.

जिससे नीचे से नई पत्तियां और शाखाएं तेजी से फिर से फूटने लगेंगी. इस तरह आप एक ही बार पौधे लगाकर पूरे सीजन भर लगातार ताजा और ऑर्गेनिक सरसों का साग तोड़ते रहेंगे. बिना किसी हानिकारक कीटनाशक और यूरिया के घर पर उगाया गया यह साग स्वाद में तो बेजोड़ होता ही है तो साथ ही यह आपके परिवार की सेहत के लिए भी अच्छा साबित होता है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है.

न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है.

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