एक्सप्लोरर

Fish Farming: तालाब नहीं है तो पिंजरे में भी पाल सकते हैं मछली, इस तरह कम खर्च में मिलेगी जबरदस्त आमदनी

Cage Fish Farming: कर्नाटक के तटीय इलाकों में आईसीएआर-सीएमएफआरआई, मेंगलुरु की मदद से पिंजरा मछली पालन किया जा रहा है. यहां मछलियों के साथ ग्रीन मुसेल्स और सी वीड्स उगाकर किसान अच्छा पैसा कमा रहे हैं.

Fish Farming Techniques: भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में मछलियों की खपत बढ़ती जा रही है. चाहे फिश ऑइल (Fish Oil) हो या फिर मछली से बने दूसरे प्रॉडक्ट्स, बाजार में इन सभी चीजों की डिमांड काफी बढ़ गई है. अकेले भारत में करीब 70 फीसदी लोग मछली का सेवन करते हैं. यही कारण है कि ज्यादातर राज्यों में खेती-किसानी के साथ-साथ मछली पालन (Fish Farming in India) क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है. मछली किसानों के लिये ऐसी तकनीकें (New Fish Farming Technique) इजाद की गई है, जिनके जरिये ये किसान कम खर्च में मछली पालन करके अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. आधुनिक मछली पालन की इन्हीं तकनीकों में शामिल है पिंजरा मछली पालन (Cage Fish Farming), जिसे मेरीकल्चर (Mariculture)भी कहते हैं.

कैसे करें पिंजरा मछली पालन
पिंजरा मछली पालन के तहत सबसे पहले मछलियों की अलग-अलग प्रजातियों को पालन के लिये पिंजरा बनाये जाते हैं. इनकी लंबाई कम से कम  2.5 मीटर, चौड़ाई- 2.5 मीटर चौड़ा और ऊंचाई कम से कम 2 मीटर होनी चाहिये. इस पिंजरे में मछलियों के बीज डालकर बक्से के चारों तरफ सी वीड्स भी लगाये जाते हैं. सी वीड्स यानी जलीय पौधे, जो पानी में ही उगाये जाते हैं. बाजार में मछलियों के साथ सी वीड्स की भी काफी मांग रहती है. इस तरह पिंजरा मछली पालन के साथ सी वीड्स उगाने पर कम खर्च में डबल उत्पादन मिल जाता है और किसानों को काफी फायदा भी होता है. 


Fish Farming: तालाब नहीं है तो पिंजरे में भी पाल सकते हैं मछली, इस तरह कम खर्च में मिलेगी जबरदस्त आमदनी

पिंजरा मछली पालन के फआयदे
पिंजरा मछली पालन तकनीक से मछलियों का विकास तेजी से होता है और कम समय में ही मछलियां बड़ी हो जाती है. 

  • मछली किसान चाहें तो अलग-अलग पिंजरे में अलग-अलग किस्म की मछलियां पालकर दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं.
  • इस तरह पिंजरा में मछली पालन करके कम जल क्षेत्र का घेराव होता है और अधिक उत्पादन लेने में मदद मिलती है.
  • इस तकनीक की मदद से मछलियां स्वस्थ और सुरक्षित रहती है और मछलियों को अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती.
  • पिंजरा में मछली पालन के जरिये प्रबंधन कार्य आसान हो जाते हैं और बार-बार पानी बदलने की समस्या ही खत्म हो जाती है.
  • तालाब और पोखरों में मछलियों का विकास ठीक प्रकार से नहीं हो पाता और खुले वातावरण में मछलियों की चोरी की संभावना भी बनी  रहती है. 
  • वहीं पिंजरा मछली पालन करके कम जोखिमों में मछलियों का बेहतर उत्पादन लेकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं. 


Fish Farming: तालाब नहीं है तो पिंजरे में भी पाल सकते हैं मछली, इस तरह कम खर्च में मिलेगी जबरदस्त आमदनी

इन बातों का रखें खास ध्यान
मछली पालन की इस खास तकनीक के जरिये दो तरह के पिंजरे बनाये जा सकते हैं, जिसमें एक पिंजरा अपने स्थान पर ही टिका रहता है. वहीं दूसरी तरह का पिंजरा पानी में तैरता रहता  है. 

  • एक जगह स्थिर पिंजरा बनाने के लिये कम से कम 5 मीटर गहराई का जल स्रोत होना चाहिये.
  • पानी में तैरने वाला पिंजरा लगाने के लिये जल स्रोत की गहराई 5 मीटर से अधिक होनी चाहिये.
  • पिंजरा में मछलियों का प्रबंधन इस प्रकार करें कि ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित होती रहे.

पिंजरा मछली पालन से आमदनी
जानकारी के लिये बता दें कि कर्नाटक के तटीय इलाकों में ज्यादातर किसान पिंजरा में मछली पालन (Cage Fish Farming in Karnataka) करके अच्छी आमदनी ले रहे हैं. यहां आईसीएआर-सीएमएफआरआई, मेंगलुरु (ICAR-CMFRI, Mangalore) की मदद से मछली किसान पिंजरों में मछलियों के अलावा ग्रीन मुसेल्स (Green Mussels Farming in Cage) और सी वीड्स (Sea Weeds Cultivation) भी उगा रहे हैं. इस तरह 500 पिंजरों में मछली पालन का काम किया जा रहा है, जिससे मछली किसानों को सालाना 10 करोड़ तक की आमदनी (Income From Cage Fish Farming) हो रही है.  

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

इसे भी पढ़ें:-

Dairy Farming: 2 लाख डेयरी किसानों को मिल रहे हैं स्मार्ट डेयरी कार्ड, इस तरह उठा सकते हैं योजना का लाभ

Subsidy Offer: हर गांव के 5 किसानों को मिलेगा 10,800 रुपये का अनुदान, इस खेती के लिये ट्रेनिंग भी दी जायेगी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ट्रैक्टर खरीदने से पहले, किसान भाई जानें ये जरूरी बातें
ट्रैक्टर खरीदने से पहले, किसान भाई जानें ये जरूरी बातें
इस हरी सब्जी से किसानों को होगा मोटा मुनाफा
इस हरी सब्जी से किसानों को होगा मोटा मुनाफा
Solar Fencing: खेत में Solar Fencing क्यों जरूरी, इससे क्या होता है फायदा?
खेत में Solar Fencing क्यों जरूरी, इससे क्या होता है फायदा?
खेत में मौसम स्टेशन लगाने के फायदे, जानें कितनी होगी कमाई?
खेत में मौसम स्टेशन लगाने के फायदे, जानें कितनी होगी कमाई?

वीडियोज

Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला
TMKOC के पुराने Episodes आज भी क्यों हैं Hit? Asit Modi ने बताया Comedy का Secret

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘भारत की सहनशीलता को न समझें...’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद
‘भारत की सहनशीलता को न समझें...’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद
JPSC मामले में बड़ा खुलासा, ₹100 करोड़ की वसूली का था प्लान
JPSC मामले में बड़ा खुलासा, ₹100 करोड़ की वसूली का था प्लान
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान, BRICS समिट में लेंगे हिस्सा
भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान, BRICS समिट में लेंगे हिस्सा
क्या बीजेपी और अकाली दल में गठबंधन तय है? 3 घटनाक्रम से समझें
क्या बीजेपी और अकाली दल में गठबंधन तय है? 3 घटनाक्रम से समझें
बिहार: कुएं की गैस से पिता-पुत्र समेत 4 की मौत, मोटर ठीक करने के दौरान हादसा
बिहार: कुएं की गैस से पिता-पुत्र समेत 4 की मौत, मोटर ठीक करने के दौरान हादसा
सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें! कितने साल में निकलेगा पूरा खर्च?
सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें! कितने साल में निकलेगा पूरा खर्च?
Embed widget