एक्सप्लोरर

Delhi Tree Protection Act: दिल्ली में पेड़ों को नुकसान पहुंचाया तो मिलेगी इतनी सजा, तुरंत दर्ज होगी FOR

नई प्रक्रिया के अनुसार पेड़ों से जुड़े अपराधों की शिकायत ग्रीन हेल्पलाइन, समर्पित पोर्टल, ग्रीन दिल्ली ऐप, अन्य सरकारी मोबाइल ऐप, लिखित आवेदन के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है.

Delhi Tree Protection Act: राजधानी दिल्ली में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने या पेड़ों की अवैध कटाई करने वालों के लिए बच निकलना पहले जितना आसान नहीं होगा. लंबे समय से ऐसे मामलों की जांच प्रक्रिया धीमी होने और कानूनी कार्रवाई में देरी की शिकायत सामने आती रही है. इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग ने दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 1994 के तहत नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी लागू की है. नई व्यवस्था के तहत शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई तुरंत शुरू होगी और मामले की जांच को प्राथमिकता के आधार पर दो महीने के अंदर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है. नई एसओपी में शिकायत दर्ज होने से लेकर जांच, सबूत जुटाने, सुनवाई और कानूनी कार्रवाई तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से तय किया गया है. इसके साथ ही वन अधिकारियों, क्विक रिस्पांस टीमों और कंट्रोल रूम की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई है. 

शिकायत मिलते ही दर्ज होगी फर्स्ट ऑफेंस रिपोर्ट 

नई प्रक्रिया के अनुसार पेड़ों से जुड़े अपराधों की शिकायत ग्रीन हेल्पलाइन, समर्पित पोर्टल, ग्रीन दिल्ली ऐप, अन्य सरकारी मोबाइल ऐप, लिखित आवेदन के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है. शिकायत मिलने के बाद संबंधित रेंज ऑफिसर को दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट की धारा 22 के तहत फर्स्ट ऑफेंस रिपोर्ट दर्ज करनी होगी. इसके बाद मामले की जानकारी रियल टाइम में फॉरेस्ट कंट्रोल रूम, डिवीजन कंट्रोल रूम, बीट अधिकारी और संबंधित जमीन के मालिकाना हक वाली एजेंसी को भेजी जाएगी. 

मौके पर तुरंत पहुंचेगी क्विक रिस्पांस टीम 

एसओपी के तहत शिकायत मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा जाएगा. टीम की जिम्मेदारी होगी कि वह अवैध गतिविधि को तुरंत रोके और स्थिति को यथावत बनाए रखें. टीम मौके पर पहुंचकर जियो रेफरेंस फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करेगी. संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान दर्ज की जाएगी और पेड़ काटने के लिए इस्तेमाल हो रहे औजारों, मशीनों, वाहनों या दूसरे उपकरणों का विवरण रिकॉर्ड किया जाएगा. अगर कोई व्यक्ति अपनी पहचान बताने से इनकार करता है, गलत जानकारी देता है या उसके फरार होने के आशंका होती है तो उसे आगे की कार्रवाई के लिए रेंज ऑफिसर के सामने पेश किया जा सकता है. 

ये भी पढ़ें-बिहार के किसानों के खाते में सरकार ने डाले 200 करोड़, आपके अकाउंट में आए या नहीं? ऐसे करें चेक

पेड़ों को खतरा होने पर पहले ही लग सकेगी रोक 

नई एसओपी में केवल कटाई ही नहीं, बल्कि उन गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की आशंका हो. इनमें पेड़ों के आसपास खुदाई, निर्माण कार्य, मिट्टी का कटाव, जड़ों को नुकसान पहुंचाना या ऐसी बेरिकेडिंग शामिल है, जिससे पेड़ों की स्थिति प्रभावित हो सकती है. ऐसी परिस्थितियों में बीट अधिकारी पेड़ों की तस्वीर और लोकेशन रिकॉर्ड करेंगे. साथ ही संबंधित जमीन मालिक एजेंसी और स्थानीय पुलिस को सूचना देंगे. जरूरत पड़ने पर वृक्ष अधिकारी धारा 20 के तहत रोक संबंधी आदेश भी जारी कर सकते हैं. 

सुनवाई के लिए नहीं पहुंचने पर जारी हो सकता है वारंट 

नई एसओपी के प्रावधान के अनुसार अगर कोई आरोपी नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई के लिए नहीं पहुंचता है या गवाह जरूरी डॉक्यूमेंट प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो वृक्ष अधिकारी गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा जिन लोगों के खिलाफ पेड़ों को नुकसान पहुंचाने या अवैध कटाई में शामिल होने के सबूत मिलते हैं, उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने की कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली में 24 घंटे संचालित होने वाले फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और डिवीजन कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे. 

ये भी पढ़ें-जून में धान की जगह बोएं ये फसलें, कम समय और कम लागत में होगी छप्परफाड़ कमाई

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Farming vs Job: खेती छोड़ नौकरी या नौकरी छोड़ खेती, जानिए किसमें है ज्यादा फायदा?
खेती छोड़ नौकरी या नौकरी छोड़ खेती, जानिए किसमें है ज्यादा फायदा?
Animal Medicine Scheme: मवेशियों की दवाएं औने-पौने दामों पर, सरकार के इन स्टोर्स से खरीदने पर मिलती है भारी छूट
मवेशियों की दवाएं औने-पौने दामों पर, सरकार के इन स्टोर्स से खरीदने पर मिलती है भारी छूट
Plants For Farmhouse Garden: आपके फार्महाउस पर जमकर फलेंगे फूलेंगे ये पौधे, नर्सरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर
आपके फार्महाउस पर जमकर फलेंगे फूलेंगे ये पौधे, नर्सरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर
Rice Farming: धान की खेती में ये गलती पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
धान की खेती में ये गलती पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
Advertisement

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश
हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश
चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया, जानें अब क्या कहा?
चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया, जानें अब क्या कहा?
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
Explained: वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह... तो कहीं विरोध! इसके नतीजे अच्छे या बुरे?
वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह, कहीं विरोध! नतीजे अच्छे या बुरे?
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
पाकिस्तान की इस ब्यूटी क्रीम से हो रही किडनी की बीमारी, भारत सरकार ने लगाया बैन
पाकिस्तान की इस ब्यूटी क्रीम से हो रही किडनी की बीमारी, भारत सरकार ने लगाया बैन
Embed widget