धान खरीदी में बड़ा बदलाव! अब OTP नहीं, इस तरीके से होगी पहचान
धान किसानों के लिए बड़ी खबर है. इस बार धान खरीदी के नियमों में कई बड़े बदलाव हुए हैं. अब सिर्फ ओटीपी से काम नहीं बनेगा बल्कि फिंगरप्रिंट से जांच करानी होगी. यहां जानें नए नियमों में क्या-क्या बदला.

Paddy Procurement 2026: छत्तीसगढ़ में धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए बड़ी खबर है. इस बार धान खरीदी के नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब किसानों को सरकारी खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए सिर्फ ओटीपी से काम नहीं चलेगा, बल्कि फिंगरप्रिंट यानी उंगली के निशान से अपनी पहचान भी साबित करनी होगी.
इसके अलावा धान बेचने के लिए मिलने वाले टोकन के नियम भी बदल गए हैं. ऐसे में अगर किसान बिना जानकारी के खरीदी केंद्र पहुंचते हैं, तो उन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती है. आइए जानते हैं नए नियमों में क्या-क्या बदला है.
बिना फिंगरप्रिंट के नहीं बेच पाएंगे धान
नए नियमों के मुताबिक, अब धान बेचने के लिए किसानों को फिंगरप्रिंट के जरिए अपनी पहचान की जांच करानी होगी. पहले केवल मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से भी यह काम हो जाता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया है. धान बेचने के दौरान किसान या उनकी तरफ से अधिकृत व्यक्ति को फिंगरप्रिंट देना होगा. इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि, खरीदी केंद्र जाने से पहले अपनी पहचान से जुड़ी जरूरी जानकारी और कागजात ठीक करवा लें, ताकि धान बेचते समय कोई दिक्कत न आए.
टोकन में बराबर बांटी जाएगी धान की मात्रा
धान खरीदी के लिए मिलने वाले टोकन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. अब अगर किसी किसान को धान बेचने के लिए एक से ज्यादा टोकन मिलते हैं, तो कुल मात्रा सभी टोकन में बराबर बांटी जाएगी. मान लीजिए किसी किसान को 120 क्विंटल धान बेचना है और उसे दो टोकन मिलते हैं, तो हर टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा. इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन मिलने पर हर टोकन में 100-100 क्विंटल धान बेचने की अनुमति होगी.
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कम धान बेचने पर बची मात्रा हो जाएगी रद्द
किसानों को सबसे ज्यादा ध्यान इस नियम पर देना होगा. अगर किसी किसान को 100 क्विंटल धान बेचने का टोकन मिला है, लेकिन वह खरीदी केंद्र पर सिर्फ 80 क्विंटल धान ही बेचता है, तो बाकी 20 क्विंटल की मात्रा रद्द हो जाएगी. नए नियमों के मुताबिक, बची हुई मात्रा को अगले टोकन में जोड़ने की सुविधा नहीं मिलेगी. इसलिए किसान जितना धान बेचने का टोकन बनवाएं, उतनी मात्रा लेकर ही खरीदी केंद्र पहुंचने की तैयारी करें.
धान बेचने से पहले जरूर करें ये काम
किसानों को सलाह दी गई है कि टोकन बनवाने से पहले अपने पास मौजूद धान की मात्रा अच्छी तरह जांच लें. साथ ही खरीदी केंद्र जाने की तारीख, टोकन में दर्ज मात्रा और फिंगरप्रिंट से जुड़े नियम भी समझ लें. अगर किसी बात को लेकर परेशानी हो, तो पहले अपनी धान खरीदी समिति से जानकारी ले लें.
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