Afghanistan Crisis : अफगानिस्तान में युद्ध खत्म या युद्ध शुरू ? | Hunkaar
अफ़ग़ानिस्तान से बाहर जाने की इस कदर बेचैनी है कि हवाई जहाज़ के पहियों से ख़ुद को बांध रहे हैं...प्लेन में चढ़ने के लिए अफ़रातफ़री मचा रहे हैं...तालिबान से अपनी जान बचाने के लिए जान गंवाने तक को तैयार हैं...महिलाएं इतनी ख़ौफ़ज़दा हैं कि वो ऊपर वाले से मौत मांग रही हैं क्योंकि अगर वो बच गईं तो या तो उन्हें मजबूर होकर तालिबानी आतंकियों से शादी करनी पड़ेगी या फिर मुश्किल से मिली अपनी हर आज़ादी को उन्हें गंवाना पड़ेगा...आख़िर ऐसा क्या हुआ कि पिछले 24 घंटे में 20 साल पीछे चला गया अफ़ग़ानिस्तान? क्यों न कहें कि अफ़ग़ानिस्तान की बर्बादी की स्क्रिप्ट अमेरिका ने लिखी थी? क्या अब तालिबान पाकिस्तान के प्यादे की तरह इस्तेमाल नहीं होगा? और सवाल ये भी कि तालिबानी आतंक से निपटने के लिए अब भारत क्या करेगा?




























