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Delhi में Shaheed Bhagat Singh Seva Dal कैसे पेश कर रही है इंसानियत की मिसाल?
कोरोना महामारी से हो रही मौत के बाद परिजन मृतक के शव को हाथ लगाना तो दूर, अंतिम संस्कार से पहले आखिरी बार उनका चेहरा तक नहीं देख पा रहे हैं. इतना ही नहीं, संकट के इस समय में अंतिम संस्कार का अधिकार भी बेटे या संगे-संबंधी के पास नहीं रह गया है, बल्कि अब यह दायित्व एक संस्था निभा रही है.
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