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Rubika Liyaquat के साथ Debate : महाराष्ट्र में मदिरा से प्रेम, पर मंदिरों से बैर क्यों?
प्रमुख मंदिरों के प्रशासन का कहना है कि उन्हें सरकार के फैसले का इंतजार है. हम भक्तों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते. मंदिर और मॉल में अंतर है.
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प्रशांत अग्रवालप्रेसिडेंट, नारायण सेवा संस्थान
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