प्रमुख मंदिरों के प्रशासन का कहना है कि उन्हें सरकार के फैसले का इंतजार है. हम भक्तों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते. मंदिर और मॉल में अंतर है.