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क्या सिर्फ सत्ता के लिए 'सेक्युलर' हुई Shiv Sena ? Master Stroke
1992 में जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया तो बाल ठाकरे ने सीना ठोक कर कहा कि ये काम हमारे लोगों ने किया और मुझे इसका अभिमान है. 1993 में जब मुंबई में दंगे हुए तो ठाकरे बोले कि हमें ऐसे मुसलमान इस देश में नहीं चाहिए जिनका शरीर यहां है और मन पाकिस्तान में. अब सोचिए कि ऐसे बयान देने वाले बाल ठाकरे के बेटे अगर ये कहें कि आज से वो सेक्युलर हो गए हैं तो इस पर क्या कहा जाए. शायद यही कारण है कि उद्धव के शपथ लेने के बाद से सोशल मीडिया पर हैशटैग Sorry Bala Saheb ट्रेंड कर रहा है. उद्धव ठाकरे ने आज भगवा कुर्ते में सेक्युलर होने की शपथ ली और इस शपथ के तुरंत बाद सिद्धिविनायक मंदिर जाकर हिंदू होने का धर्म निभाया. अब सवाल है कि क्या शिवसेना का कथित सेक्युलरिज्म सिर्फ सत्ता पाने के लिए है या फिर वाकई उद्धव ठाकरे अगले 5 साल कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष घुट्टी पीकर सरकार चलाएंगे ?
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