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हरियाली तीज पर कैसे और कब करें पूजा-पाठ? बता रहे हैं गुरुजी पवन सिन्हा
हरियाली तीज पर कैसे और कब करें पूजा-पाठ?
उपहार देने के लिए सूर्योदय से रात के 10.06 मिनट तक है. इसी समय के बीच पूजा-पाठ करें. चांदी का सिक्का चावल के साथ बेटी की मां और बेटी को दें. घर की कलह दूर करने में लाभ होगा. शमी के पेड़ की जड़ लोहे के डिब्बे में रखकर बेटी को दें. शिव-पार्वती जी की उपासना करने से भी लाभ होगा.
हरियाली तीज मनाए जाने का कारण?
सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. शिव जी से मिलीं मां पार्वती. 107 जन्म लेने के बाद शिव जी से मिलीं थीं मां पार्वती. हर जन्म में कठिन तप किया. 108वें जन्म में बहुत कठोर तप किया. तपस्या के बाद भगवान शिव ने पार्वती जी को पत्नी के रूप में अपनाया. चारों ओर हरियाली होती है. उत्सव का माहौल होता है. शिव-पार्वती के गीत गाए जाते हैं .
उपहार देने के लिए सूर्योदय से रात के 10.06 मिनट तक है. इसी समय के बीच पूजा-पाठ करें. चांदी का सिक्का चावल के साथ बेटी की मां और बेटी को दें. घर की कलह दूर करने में लाभ होगा. शमी के पेड़ की जड़ लोहे के डिब्बे में रखकर बेटी को दें. शिव-पार्वती जी की उपासना करने से भी लाभ होगा.
हरियाली तीज मनाए जाने का कारण?
सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. शिव जी से मिलीं मां पार्वती. 107 जन्म लेने के बाद शिव जी से मिलीं थीं मां पार्वती. हर जन्म में कठिन तप किया. 108वें जन्म में बहुत कठोर तप किया. तपस्या के बाद भगवान शिव ने पार्वती जी को पत्नी के रूप में अपनाया. चारों ओर हरियाली होती है. उत्सव का माहौल होता है. शिव-पार्वती के गीत गाए जाते हैं .
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सुधीर कुमारएडिटर, वाइल्ड लाइफ टुडे
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