कार में लंबे समय तक चलाते हैं ब्लोअर तो हो जाएं सावधान, जा सकती है आपकी जान
ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय कार में वेंटिलेशन बना रहना जरूरी है. इसलिए शीशे पूरी तरह बंद करने से बचें. कई मामलों में ज्यादा देर तक बंद केबिन में रहने से जान जाने का खतरा भी रहता है.

आमतौर पर सर्दी आते ही लोग कार में ब्लोअर चलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते हैं. वहीं कई बार लोग कार के शीशे पूरी तरह बंद करके घंटों तक ब्लोअर चलाते रहते हैं, लेकिन यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इसके अलावा कई बाद ऐसी छोटी सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप कार में लंबे समय तक ब्लोअर चलाते हैं तो आपको सावधान क्यों हो जाना चाहिए और इससे आपकी जान भी कैसे जा सकती है.
ब्लोअर चलाकर शीशे बंद करना हो सकता है खतरनाक
अक्सर देखा जाता है कि ठंड से बचने के लिए लोग कार के सभी शीशे बंद कर लेते हैं और ब्लोअर चला देते हैं. ऐसे में इससे कुछ देर तक तो आराम मिलता है, लेकिन धीरे-धीरे कार के अंदर घुटन महसूस होने लगती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय कार में वेंटिलेशन बना रहना बहुत जरूरी है. इसलिए शीशे पूरी तरह बंद करने से बचें और समय-समय पर थोड़ा खोलते रहे. वहीं जैसे घर में लंबे समय तक हीटर चलाने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, उसी तरह कार में भी ब्लोअर या हीटर ज्यादा देर तक चलाने से अंदर ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है. इससे सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, चक्कर और सुस्ती जैसी दिक्कतें हो सकती है. कई मामलों में ज्यादा देर तक बंद केबिन में रहने से जान जाने का खतरा भी रहता है.
कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने से होती है घुटन
ब्लोअर लंबे समय तक चलाने पर कार के केबिन में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ सकती है. यह कंडीशन खासतौर पर तब ज्यादा खतरनाक हो जाती है, जब कार में बच्चे मौजूद हो. कई बार लोग बच्चों को कार में बैठाकर बाहर किसी काम से चले जाते हैं, जो बड़ी गलती साबित हो सकती है. ऐसी कंडीशन में किसी भी तरह की अनहोनी हो सकती है. ऐसे में अगर आप ब्लोअर या हीटर चला रहे हैं, तो बच्चों को कभी भी कार में अकेला छोड़कर न जाएं. बंद गाड़ी में हवा का प्रवाह रुकने से बच्चों को घुटन महसूस हो सकती है और उनकी मौत भी हो सकती है.
रिसर्क्युलेशन मोड का करें सही इस्तेमाल
ड्राइविंग के दौरान ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय रिसर्क्युलेशन मोड पर ध्यान देना जरूरी है. साथ ही ताजी हवा के लिए फ्रेश एयर वेंट या शीशे थोड़े खुले रखें. इससे केबिन में ऑक्सीजन बनी रहती है और घुटन का खतरा कम होता है. वहीं लंबे समय तक ब्लोअर चलाने से सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि गाड़ी पर भी असर पड़ता है. इससे माइलेज कम हो सकता है और अगर इंजन बंद होने पर ब्लोअर चलता रहा तो बैटरी डिस्चार्ज होने का खतरा भी रहता है.
किन बातों का रखें ध्यान?
- ब्लोअर चलाते समय गाड़ी के शीशे पूरी तरह बंद न करें.
- समय-समय पर ताजी हवा आने दें.
- बच्चों को कार में अकेला न छोड़ें.
- ज्यादा देर तक फुल स्पीड पर ब्लोअर न चलाएं.
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Source: IOCL
























