''...जन्म कब लेना है और कब मरना है ये तो हम डिसाइड नहीं कर सकते, लेकिन कैसे जीना है ये हम डिसाइड करते हैं''. दिल बेचारा का ये डायलॉग जिंदगी को जीने की एक अलग उम्मीद जगाता है लेकिन इस ऑनस्क्रीन बोलने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी जिंदगी खुद अपने हाथों ही ले ली. आज उनकी आखिरी और बहुप्रक्षिशित फिल्म 'दिल बेचारा' रिलीज हो गई है और इस फिल्म में उन्हें पर्दे पर देखने के बाद कुछ पलों के ऐसा महसूस होता है मानो वो कहीं गए ही नहीं और यहीं हमारे बीच हैं.. लेकिन ये सच नहीं है.इस वीडियो के जरिए जानिए कैसी है सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा.
एक्सप्लोरर
Dil Bechara Movie Review: मौत से पहले ज़िंदगी खुल के जीने की आंखें नम करने वाली कहानी |ABP Uncut
SHOW LESS
और देखें
टॉप हेडलाइंस
इंडिया
मध्य प्रदेश
दिल्ली NCR
इंडिया
























