मनीष गुप्ता मर्डर केस: भारत में यूपी पुलिस पर सबजे ज्यादा आपराधिक मामले, सीएम योगी की फजीहत कर दी
मनीष गुप्ता. कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर. अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर जाते हैं. एक होटल में रुकते हैं. पुलिस आती है. उनकी तलाशी लेती है. उनसे मारपीट करती है और इतनी मारपीट करती है कि मनीष गुप्ता की मौत हो जाती है. इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाता है. छह पुलिसवालों को सस्पेंड किया जाता है. मायावती ट्वीट कर सीबीआई जांच की मांग करती हैं. अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलकर खुद 20 लाख रुपये देते हैं और सरकार से दो करोड़ के मुआवजे की मांग करते हैं. लेकिन बात खत्म नहीं होती है. बात तो यहां से शुरू होती है. क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान लेते हैं. इस केस का ही नहीं...पूरे पुलिस महकमे का...और कहते हैं कि यूपी के एजीडी लॉ एंड ऑर्डर और डीजी इंटेल दो कमेटी बनाकर पूरे प्रदेश में पुलिसवालों के चरित्र का रिव्यू करें. साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर किया जाए और उन्हें नौकरी से भी बर्खास्त किया जाए. अब इस फैसले की वजह क्या है और क्यों यूपी पुलिस की इन हरकतों से पूरा यूपी शर्मसार हो रहा है, देखिए इस वीडियो में.
























