Voter List Revision: EC पर सवाल, 'वोटों की चोरी' पर पक्ष-विपक्ष में भयंकर भिड़ंत | Chitra Tripathi
देश में चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र में 'वोटों की चोरी' कर सरकार बनाने और हरियाणा में चल रहे मामलों का जिक्र किया गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में वोट का डेटा न देने और गुजरात के वडोदरा में शाम 5 बजे के बाद लाखों वोट पड़ने पर भी सवाल उठे हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग पर सवाल पूछने पर BJP उसे बचाने आ जाती है और मीडिया दोनों को बचाने आ जाता है. विपक्ष का गला दबाकर देश में लोकतंत्र खत्म करने की बात कही गई है. 2019 के वोटों के मिलान पर भी सवाल उठाए गए हैं. तेजस्वी यादव ने मांग की है कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान तत्काल रोका जाए और चुनाव के बाद यह काम कराया जाए. असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा है कि जिन मतदाताओं ने 2024 में वोट दिया, 2025 में उनसे उनकी पहचान क्यों पूछी जा रही है. एक पक्ष का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले होता है. वहीं, दूसरे पक्ष ने पुलवामा जांच, विदेश नीति और वैक्सीन ट्रायल पर भी सवाल उठाए हैं. बिहार में 8 करोड़ लोगों का वेरिफिकेशन एक महीने में होने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.




































