Kanwar Yatra Nameplate Controversy: UP से लेकर Uttarakhand तक नेम प्लेट पर छिड़ा विवाद! 02 July 2025
'स्वामी यशवीर' और उनके 'संगठन' द्वारा दुकानों के नेम प्लेट की जाँच की जा रही है. यह कार्रवाई, कथित तौर पर धर्म के आधार पर पहचान सत्यापित करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिसने एक तीखी बहस छेड़ दी है. चर्चा के दौरान, इन जाँचों में शामिल लोगों की तुलना 'Pahalgam आतंकवादियों' से की गई, जिसमें एक प्रतिभागी ने सीधे तौर पर कहा, "दुकानदारों की पैंट उतारने वाले और पहलगाम के आतंकवादियों में क्या अंतर?" बहस में इस बात पर जोर दिया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने नेम प्लेट के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं, और उनका पालन सुनिश्चित करना सरकार की एकमात्र जिम्मेदारी है, न कि निजी संस्थाओं की. ऐसी गतिविधियों को 'अतिवाद' और कानून को अपने हाथ में लेने के रूप में चिंता व्यक्त की गई. खाद्य अपमिश्रण अधिनियम और खाद्य सुरक्षा कानून 2006 का भी उल्लेख किया गया, जो खाद्य व्यवसाय संचालन को नियंत्रित करते हैं. प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि देश संविधान और स्थापित कानूनों के तहत चलता है, और किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून प्रवर्तन के कार्यों को हथियाने का अधिकार नहीं है. यह मुद्दा आगामी 'सावन का महीना' और 'कांवड़ यात्रा' के संदर्भ में विशेष रूप से संवेदनशील हो जाता है, जिससे माहौल खराब करने वालों के खिलाफ तत्काल सरकारी हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की जा रही है.





































