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राम रहीम को फरलो मिलने की चर्चा इतनी क्यों हो रही है ? | Bharat Ki Baat
राजनीति का सिद्धांत रचने वाले जर्मन दार्शनिक कार्ल मार्क्स ने कहा था कि धर्म जनता की अफीम है.. और ये सच्चाई है कि राजनीति और धर्म हमेशा साथ-साथ चलते रहे हैं..खासतौर से चुनावों में तो हमेशा से धर्म का बोलबाला रहा है...चुनाव आते ही नेताओं को मंदिर और बाबाओं की याद आने लगती है..





































