₹350 बनाम ₹60 हेयरकट! ऐप vs लोकल सैलून की कीमत पर छिड़ी बहस, इंटरनेट पर मजेदार चर्चा
मुंबई निवासी अनिरुद्ध केजरीवाल ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने घर पर हेयरकट के लिए Urban Company के जरिए ₹350 में सर्विस बुक की थी.

तेजी से बढ़ती ऐप इकोनॉमी ने हमारी जिंदगी को आसान तो बनाया है, लेकिन क्या हम इस सुविधा के लिए जरूरत से ज्यादा कीमत चुका रहे हैं? मुंबई के एक शख्स का अनुभव अब इसी सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ रहा है. एक साधारण हेयरकट की कीमत में आए भारी अंतर ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम सुविधा के नाम पर कितना ज्यादा भुगतान कर रहे हैं.
₹350 बनाम ₹60 का हेयरकट, क्या है मामला
मुंबई निवासी अनिरुद्ध केजरीवाल ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने घर पर हेयरकट के लिए Urban Company के जरिए ₹350 में सर्विस बुक की थी. लेकिन स्टाइलिस्ट के देर से आने की वजह से उन्होंने बुकिंग कैंसिल कर दी. इसके बाद जब वह बाहर निकले, तो उन्हें अपने घर के पास ही एक छोटा सा सैलून मिल गया, जहां उन्होंने सिर्फ ₹60 में हेयरकट करवाया.
The Cost of Convenience in India
— Anirudh Kejriwal (@AnirudhKejriwal) June 13, 2026
Booked an Urban Company haircut ~ ₹350.
Not my usual thing…don’t love the idea of a makeshift salon setup in my living room, but I’d just moved to a new area and the nearest barbershop on Google Maps was 1.5km away. Didn’t feel like making the…
सुविधा की असली कीमत क्या है
इस अनुभव के बाद अनिरुद्ध ने कहा कि दोनों जगह सर्विस में ज्यादा फर्क नहीं था, लेकिन कीमत में करीब 6 गुना अंतर था. उनके मुताबिक, ₹300 अतिरिक्त सिर्फ “सुविधा” की कीमत थी, यानी घर बैठे सर्विस मिलना. उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कई बार ऐप पर मिलने वाली सर्विस और लोकल सर्विस देने वाले लोगों की स्किल लगभग समान होती है, फर्क सिर्फ प्लेटफॉर्म और सुविधा का होता है.
ऐप इकोनॉमी पर उठे बड़े सवाल
इस पोस्ट के बाद लोगों ने Instant delivery प्लेटफॉर्म्स के बिजनेस मॉडल पर भी चर्चा शुरू कर दी. कई यूजर्स का मानना है कि ये कंपनियां असल में प्रोडक्ट या सर्विस नहीं, बल्कि “सुविधा” बेचती हैं. यानी आपको समय बचाने, लाइन में न लगने और घर बैठे सब कुछ मिलने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं.
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सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन
इस मुद्दे पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई. कुछ यूजर्स ने कहा कि वह खुशी-खुशी सुविधा के लिए ज्यादा पैसे देते हैं, क्योंकि इससे समय बचता है और झंझट खत्म होता है. एक यूजर ने लिखा, “महीने में एक बार घर पर हेयरकट मिल जाए, तो मैं इसके लिए पैसे देने को तैयार हूं.” वहीं कुछ लोगों ने कहा कि लोकल दुकानों और सर्विस प्रोवाइडर्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे सस्ती और अच्छी सर्विस देते हैं.
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