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पढ़ाई करने के लिए सरकार की तरफ से कितना मिलता है लोन?

शिक्षा प्राप्त करना आम इंसान की जेब पर भारी पड़ सकता है. इसके लिए सरकार छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध करवाती है.यह कितना होता है और क्या होती है प्रक्रिया आइए जानते हैं.

Education Loan: शिक्षा हर भारतीय नागरिक का वो अधिकार है जिसे उससे कोई नहीं छीन सकता. लेकिन आज के दौर में शिक्षा बहुत महंगी है, और इसे प्राप्त करना आम इंसान की जेब पर भारी पड़ सकता है. इसके लिए सरकार छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध करवाती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको सरकार पढ़ाई के लिए कितना लोन देती है और इसकी क्या प्रक्रिया रहती है.

देश के बड़े बैंको में है व्यवस्था

देश के कई बड़े बैंक जैसे स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक बेहद सस्ती दरों पर छात्रों को एजुकेशन लोन दे रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान शिक्षा क्षेत्र को कई सारे तोहफे दिए. इनमें से एक है आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन के लिए 10 लाख तक का लोन. यह लोन केवल देश के शिक्षण संस्थानों के लिए दिया जाएगा. इतना ही नहीं, छात्रों को तीन फीसदी ब्याज दर पर लोन मिलेगा और उन्हें हर साल कुल राशि का 3 परसेंट अमाउंट सीधे ई-वाउचर के रूप में प्राप्त होगा. हर साल एक लाख छात्रों को ये सुविधा मिलेगी और इस पर तीन परसेंट की वार्षिक छूट मिलेगी.

फिलहाल इतना लगता है ब्याज

अभी भी देश में छात्रों को पढ़ाई के लिए लोन दिया जाता है और ब्याज से लेकर अमाउंट तक का अंतर बैंक की पॉलिसी के हिसाब से होता है. मोटे तौर पर देखें तो फिलहाल बैंक 7.15 प्रतिशत से लेकर 15.20 प्रतिशत तक ब्याज पर एजुकेशन लोन देते हैं. हालांकि ये बहुत से दूसरे कारणों पर भी निर्भर करता है. आज के बजट के मुताबिक ब्याज कम लिया जाएगा और 10 लाख तक के लोन पर स्टूडेंट्स को छूट भी मिलेगी.

इस तरह तय होता है लोन का अमाउंट

फिलहाल देखा जाए तो अधिकतर बैंकों में माता या पिता की सैलरी के आधार पर कैंडिडेट को लोन मिलता है. उनकी सैलरी के 65 परसेंट हिस्से को लोन के रूप में प्राप्त किया जा सकता है. वहीं जिनके पास ये विकल्प नहीं होता उन्हें किसी न किसी प्रकार की गारंटी देनी होती है और उसके बाद ही बैंक लोन देते हैं. आगे इस प्रक्रिया में सरकार बदलाव ला सकती है.

यह होती है प्रक्रिया

लोन कितना मिलेगा ये कई चीजों पर निर्भर करता है. जैसे आपके कॉलेज की रैंकिंग, वहां की फीस, किताबों से लेकर हॉस्टल तक का खर्च, वगैरह. इन खर्चों का आकलन करने के बाद दस से बीस लाख तक का लोन दिया जाता है और ब्याज अच्छी खासी मात्रा में देना पड़ता है. आज के बजट के मुताबिक अब आर्थिक रूप से कमजोर कैंडिडेट्स को कम ब्याज दर पर लोन मिलने की व्यवस्था की जाएगी. खासकर दस लाख तक के लोन के लिए बहुत कम ब्याज देना होगा. इसके लिए अलग अलग बैंको की अलग अलग प्रक्रियाएं होती है, जिसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अप्लाई कर सकते हैं.

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शेख इंजमाम उल हक

हजरत शेख इंजमाम को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. भारत की शाही संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के गवाह राजस्थान से उनका संबंध है. भारत की शिक्षा नगरी के तौर पर मशहूर कोटा उनकी कर्मभूमि है, जहां हर साल हजारों युवक बड़े-बड़े सपने लेकर, आईआईटी–जेईई और नीट की तैयारी के लिए इस शहर को अपना बसेरा बनाते हैं, लेकिन इंजमाम को इस शहर का ये माहौल रास नहीं आया और उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाए पत्रकार बनने का फैसला किया. हालांकि, कोटा से 72 किमी दूर एक छोटे से गांव सीसवाली में जन्म लेने वाले इंजमाम ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई इसी शहर से की.

बचपन से हिंदी में रुचि और लगाव उन्हें पत्रकारिता के लिए दिल्ली खींच लाया. जहां उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री ली. उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में MA और एम.फिल. की डिग्री भी हासिल की.

इंडिया न्यूज़ और विकिपीडिया के लिए कार्य करने के बाद इंजमाम एबीपी लाइव से बतौर ट्रेनी जुड़े और अब प्रमोट होकर बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शेख इंजमाम का हिंदी और उर्दू से खासा लगाव है और दोनों भाषाओं में शौकिया शायरी भी करते हैं. उन्होंने कई कविताएं रची हैं और अनेक साहित्यिक लेखों का सृजन किया है. साहित्य की एक अन्य विधा व्यंग्य भी उनका पसंदीदा विषय है.

ट्रेंडिंग और राजनीति उनकी पसंदीदा बीट है. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर की वजह से वो रोजाना के ट्रेंड और सोशल मीडिया पर पनपने वाले विचारों की बखूबी समझ रखते हैं.

शेख इंजमाम को घूमना पसंद है और उन्होंने भारत के कई शहरों और देहात का सफर किया है और वहां के रीति रिवाज, रहन सहन और सामाजिक ताने बाने को खूब समझते हैं.

इंजमाम को फिल्में देखने और गाने सुनने का भी शौक है. अमरीश पुरी और सलमान खान को वह अपने पसंदीदा अभिनेताओं में शुमार करते हैं. सूफी और क्लासिकल म्यूजिक भी उन्हें रुहानी सुकून देता है. उन्हें फिल्मी अभिनेताओं, कलाकारों और नेताओं के इंटरव्यू देखने का भी शौक है.

भाषा पर मजबूत पकड़ और लेखन की विभिन्न शैली में गहरी समझ रखने की वजह से वो खूबसूरत अंदाज़ में बड़ी आसानी से खबरों को पेश करने में सफल रहते हैं.

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