एक्सप्लोरर

Explained: AI में सॉफ्टवेयर नहीं, चिप-बिजली का खेल कैसे? US में 72% कंप्यूटिंग पावर, भारत 1.6% पर

भारत तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी में है. 2025 में देश की डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.5 GW थी, जो 2030 तक बढ़कर 10 GW तक पहुंच सकती है. इससे बिजली की मांग लगभग 57 TWh तक पहुंचने का अनुमान है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में जब भी कोई नई क्रांति का जिक्र होता है, तो सबकी नजर एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर पर जाती है. हालांकि, सच्चाई यह है कि AI कोई जादू नहीं, बल्कि सिलिकॉन और बिजली से चलने वाला एक बेहद महंगा 'फिजिकल इंजन' है. AI के लिए दो चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं- हाई-एंड चिप्स (कंप्यूटिंग पावर) और बेशुमार बिजली (ऊर्जा). इन दोनों मोर्चों पर जब हम ताजा आंकड़ों के आईने में दुनिया को देखते हैं, तो तस्वीर बेहद चौंकाने वाली और साफ नजर आती है.

अमेरिका चिप्स के मामले में दुनिया की करीब 72% कंप्यूटिंग पावर अपने पास रख चुका है. चीन घरेलू चिप बनाने की जद्दोजहद में फंसा है. यूरोप इस दौड़ में कहीं पीछे छूटता दिख रहा है और भारत सिर्फ 1.6% वैश्विक कंप्यूट शेयर के साथ शुरुआती पायदान पर खड़ा है. यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी आर्थिक और भू-राजनीतिक ताकत की लड़ाई है. एक्सप्लेनर में बारीकी से समझते हैं कि कौन कहां खड़ा है और भारत के लिए असली चुनौती क्या है...

चिप (कंप्यूटिंग पावर): अमेरिका की बढ़त और चीन की मजबूरी

AI के लिए जरूरी हाई-एंड चिप्स में अमेरिका की पकड़ बाकी दुनिया से बहुत आगे है. Epoch AI के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में दुनिया भर में जो भी नई AI कंप्यूटिंग कैपेसिटी जोड़ी गई, उसका करीब 78% हिस्सा अकेले अमेरिका के खाते में गया.


Explained: AI में सॉफ्टवेयर नहीं, चिप-बिजली का खेल कैसे? US में 72% कंप्यूटिंग पावर, भारत 1.6% पर

चीन की स्थिति थोड़ी पेचीदा है. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से चीन को सबसे आधुनिक चिप्स (जैसे Nvidia) आसानी से नहीं मिल पाते. नतीजतन, 2026 में चीन अपने देश में जितनी AI चिप्स बना सकता है, वह अमेरिका के कुल उत्पादन का सिर्फ 1-2% ही है. हालांकि, मजबूरी में चीन ने अपना घरेलू बाजार विकसित करना शुरू कर दिया है.

अनुमान है कि 2026 तक चीन के अपने AI चिप बाजार में घरेलू कंपनियों की हिस्सेदारी 50% तक पहुंच जाएगी. तकनीकी तौर पर वे अभी अमेरिका से काफी पीछे हैं और उन्हें सबसे एडवांस मशीनरी (EUV लिथोग्राफी) न मिलने की वजह से रफ्तार धीमी है.

यूरोप चिप निर्माण में ऐतिहासिक रूप से कमजोर रहा है. वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 10% से भी कम है, हालांकि EU का लक्ष्य 2030 तक इसे 20% करने का है. भारत की स्थिति अभी बहुत शुरुआती है. देश में Tata का गुजरात प्लांट और HCL-Foxconn की नोएडा यूनिट सेमीकंडक्टर बनाने की शुरुआत कर रही है, लेकिन ये परियोजनाएं अभी शुरुआती दौर में हैं और इनमें देरी भी हो रही है.

बिजली: AI की भूख और उसका असर

AI डेटा सेंटर बिजली के बहुत बड़े उपभोक्ता हैं. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, दुनिया भर में डेटा सेंटरों की बिजली खपत 2024 के करीब 415 TWh से बढ़कर 2030 तक लगभग 945 TWh हो जाएगी. इस बढ़ोतरी का करीब 80% हिस्सा अकेले अमेरिका और चीन का होगा.

अगर 2024 से 2030 के बीच बिजली की मांग में होने वाली बढ़ोतरी को देखें, तो:

  • अमेरिका: अनुमानित 240 TWh की अतिरिक्त मांग है, यानी 2024 के स्तर से 130% की बढ़ोतरी. प्रति व्यक्ति डेटा सेंटर बिजली खपत के मामले में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है. 2024 में 540 kWh, जो 2030 तक 1,200 kWh से ज्यादा होने का अनुमान है.
  • चीन: अनुमानित 175 TWh की अतिरिक्त मांग है, यानी 170% की बढ़ोतरी.
  • यूरोप: अनुमानित 45 TWh की अतिरिक्त मांग है, यानी 70% की बढ़ोतरी.

भारत की स्थिति अभी छोटी है, लेकिन वह तेजी से बढ़ने की तैयारी में है. 2025 में देश की डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.5 GW थी, जो 2030 तक बढ़कर 10 GW तक पहुंच सकती है. इससे बिजली की मांग लगभग 57 TWh तक पहुंचने का अनुमान है.

भारत सरकार की आर्थिक समीक्षा में यह भी स्वीकार किया गया है कि बिजली, पानी और वित्त जैसी बुनियादी चीजें AI इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार में 'बाधा' बन सकती हैं.

भारत के लिए असली चुनौती क्या है?

भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी IT प्रतिभा है, लेकिन AI का खेल सिर्फ सॉफ्टवेयर या सर्विसेज का नहीं है. यह हार्डवेयर (चिप) और ऊर्जा (बिजली) का खेल है. गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों ने भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 67.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत खुद के सेमीकंडक्टर और पर्याप्त बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं कर पाता, तो वह सिर्फ विदेशी AI सिस्टमों को होस्ट करने वाला देश बनकर रह जाएगा, न कि अपनी खुद की AI ताकत बनाएगा.

कुल मिलाकर चिप में अमेरिका की बढ़त लगातार बढ़ रही है, बिजली में भी वह सबसे आगे है. चीन दोनों मोर्चों पर अपनी घरेलू क्षमता बढ़ाने की जद्दोजहद में है. यूरोप दोनों में पीछे है और भारत के पास बड़ा अवसर है, लेकिन जमीन पर उतारने के लिए चिप निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों में ठोस कदम उठाने होंगे.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी के BJP उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
Live: वाराणसी के BJP MLC उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs
Advertisement
Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी के BJP उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
Live: वाराणसी के BJP MLC उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
Pulav Masala Recipe: घर में ऐसे बनाएं पुलाव मसाला, इन चीजों को जरूर करें शामिल
घर में ऐसे बनाएं पुलाव मसाला, इन चीजों को जरूर करें शामिल
Maharashtra Farmer Relief: महाराष्ट्र में सरकार दे रही 5000 रुपये, आज ही निपटाएं ये काम वरना नहीं आएगा पैसा
महाराष्ट्र में सरकार दे रही 5000 रुपये, आज ही निपटाएं ये काम वरना नहीं आएगा पैसा
Embed widget