किसी और के डिवाइस में तो नहीं चल रहा आपका Google अकाउंट? ऐसे करें पता
Google Account: आप गूगल की मदद से सभी डिवाइसेज के बारे में पता लगा सकते हैं जहां आपका गूगल अकाउंट खुला हुआ है.

- गूगल अकाउंट की सुरक्षा के लिए लॉगइन डिवाइस जांचें।
- अनजान डिवाइस मिलने पर तुरंत साइन आउट करें।
- सुरक्षा बढ़ाने के लिए पासवर्ड बदलें, 2-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें।
Google Account: आज के समय में Google अकाउंट सिर्फ ईमेल भेजने तक ही सीमित नहीं रह गया है. Gmail, Google Drive, Photos, YouTube, Contacts और कई सारी सर्विसेज का डेटा भी गूगल अकाउंट से कनेक्ट रहता है. ऐसे में अगर आपका Google अकाउंट किसी पुराने फोन, लैपटॉप या किसी दूसरे डिवाइस में लॉगिन है तो आपकी पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ सकती है. हालांकि, गूगल आपके ये फीचर देता है कि आप पता लगा सकें कि आपका अकाउंट किन डिवाइसेज में लॉगइन है.
कैसे देखें कहां लॉगइन है आपका अकाउंट
दरअसल, आप गूगल की मदद से सभी डिवाइसेज के बारे में पता लगा सकते हैं जहां आपका गूगल अकाउंट खुला हुआ है. इसके लिए सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर में Google अकाउंट खोलें. इसके बाद Manage your Google Account पर जाएं. यहां आपको Security सेक्शन दिखाई देगा. अब नीचे स्क्रॉल करके Your devices या Manage all devices ऑप्शन पर टैप करें.
यहां आपको उन डिवाइस की पूरी लिस्ट दिखाई देगी जिनमें आपका Google अकाउंट हाल ही में इस्तेमाल हुआ है. इसमें फोन, टैबलेट, कंप्यूटर या दूसरे डिवाइस शामिल हो सकते हैं.
डिवाइस की जानकारी भी मिलेगी
इसके साथ ही किसी डिवाइस पर टैप करने पर Google आपको उससे जुड़ी सभी जानकारी भी दे देता है. इसमें डिवाइस का नाम, आखिरी बार अकाउंट इस्तेमाल किए जाने का समय और कई बार लोकेशन की भी जानकारी उपलब्ध करा देता है. इससे आपको ये समझने में मदद मिल सकती है कि दिख रहा डिवाइस आपका अपना है या नहीं.
अनजान डिवाइस दिखे तो क्या करें?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस दिखाई देता है जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हैं तो उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. ऐसे में उस डिवाइस को खोलकर Sign out का ऑप्शन चुनें जिससे उस डिवाइस में आपका अकाउंट अपने आप बंद हो जाएगा.
इसके बाद अपने अकाउंट का पासवर्ड बदल देना ज्यादा बेहतर ऑप्शन रहता है. इससे आपके डेटा लीक होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.
पासवर्ड बदलने के साथ ये काम भी करें
बताते चलें कि सिर्फ पासवर्ड बदल देना ही अकाउंट की सेफ्टी के लिए काफी नहीं होता है. इसके साथ-साथ आपको कुछ एक्सट्रा सेफ्टी फीचर्स का भी इस्तेमाल करना चाहिए. अकाउंट की सुरक्षा स्ट्रांग करने के लिए 2-Step Verification जरूर ऑन रखें. इसमें पासवर्ड के अलावा एक्सट्रा वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है. इससे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए केवल पासवर्ड के आधार पर आपके अकाउंट का एक्सेस लेना मुश्किल हो जाता है.
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