ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन कितने की आती है, किसानों को इससे कितना फायदा?
ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन दूध निकालने का काम आसान बनाती है. इसकी कीमत, क्षमता, रखरखाव और किसानों के लिए होने वाले फायदों के बारे में जानिए...

दूध का काम करने वाले किसानों के लिए रोज गाय या भैंस का दूध निकालना काफी मेहनत वाला काम होता है. खासकर जब पशुओं की संख्या ज्यादा हो, तो दूध निकालने में काफी समय और मेहनत लगती है. ऐसे में ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन किसानों के लिए काम आसान कर सकती है. यह मशीन दूध निकालने का काम मशीन की मदद से करती है, जिससे किसान का समय और मेहनत दोनों बचते हैं.
इस मशीन को खरीदने से पहले हर किसान के दिमाग में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर इस ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन की कितनी कीमत होगी और इस मशीन से डेयरी बिजनेस से जुड़े किसानों को कितना फायदा होगा? चलिए जानते हैं...
ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन कितने की आती है?
ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन की कीमत उसकी मोटर, बकेट की संख्या, दूध रखने की क्षमता और काम करने की रफ्तार पर निर्भर करती है. छोटे किसानों के लिए 20 से 25 लीटर की सिंगल बकेट मशीन करीब 20 हजार से 30 हजार रुपये में मिल सकती है. कुछ मशीनों की कीमत 30 से 40 हजार रुपये के आसपास भी है. वहीं डबल बकेट मशीन करीब 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा की हो सकती है. बड़े डेयरी फार्म के लिए चार बकेट वाली मशीनों की कीमत 1 लाख रुपये से ऊपर भी जा सकती है. कुछ बाजार लिस्टिंग में 20 लीटर की मशीन करीब 29,500 रुपये और चार बकेट वाली मशीन करीब 1.42 लाख रुपये में दिखाई गई है. इसलिए मशीन खरीदने से पहले किसान को अपने पशुओं की संख्या और रोज होने वाले दूध के काम के हिसाब से मशीन चुननी चाहिए. सिर्फ सस्ती मशीन देखकर खरीदना सही नहीं है, क्योंकि मोटर की ताकत, बकेट की क्षमता, मशीन की सफाई और सर्विस की सुविधा भी देखना जरूरी है.
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किसानों को इससे कितना फायदा होता है?
इस मशीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दूध निकालने में लगने वाली मेहनत और समय कम हो जाता है. किसान को हर पशु का दूध हाथ से निकालने की जरूरत नहीं पड़ती. मशीन में वैक्यूम पंप और पाइप की मदद से दूध बकेट में पहुंचता है. अच्छी मशीन दूध को सीधे स्टील के बर्तन में जमा करती है, जिससे साफ-सफाई रखना भी आसान हो जाता है. कुछ मशीनों में 25 लीटर की स्टील बकेट और 0.75 एचपी मोटर जैसी सुविधाएं मिलती हैं. हालांकि मशीन खरीदने के बाद बिजली, सफाई, रबर लाइनर और समय-समय पर सर्विस का खर्च भी आता है. इसलिए किसान को यह देखना चाहिए कि उसके पास कितने पशु हैं और रोज कितनी मात्रा में दूध निकाला जाता है. अगर पशु कम हैं, तो छोटी मशीन लेना ज्यादा सही हो सकता है. वहीं ज्यादा पशुओं वाले डेयरी फार्म में बड़ी मशीन समय और मजदूरी बचाने में ज्यादा मदद कर सकती है.
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