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पीलीभीत: हमले के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बाघ को पीट पीट कर मार डाला
पीलीभीत में एक दिल दहलानेवाला वीडियो सामने आया है। इसमें गांववालों ने एक बाघ को घेरकर पीट पीट कर मार डाला। जानकारी के मुताबिक बाघ ने हमला कर नौ ग्रामीणों को घायल कर दिया था।

पीलीभीत, एबीपी गंगा। पीलीभीत में नौ ग्रामीणों को घायल करने के बाद आक्रोशित लोगों ने बाघ को लाठी,डंडो और भालों से पीट पीट कर मार डाला। घायल बाघ वन विभाग के अधिकारियों के सामने तड़प तड़प कर मर गया। गांव वालों की माने तो मामला थाना पूरनपुर के गांव मंटेना का है वहीं वनविभाग की माने तो गांव से लगे माला दियूरिया रेंज के जंगल के अंदर की है। बुधवार को एक बाघ ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया जिसमें नौ लोग घायल हो गये। गुस्साये ग्रामीणों ने बाघ को घेर लिया फिर क्या था, पूरा गांव बाघिन के ऊपर उतर गया और इतना मारा कि वो अपनी जगह से भी नहीं हिल पा रही थी। घायल ग्रामीणों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा था,वहीं घायल बाघ बेचैन हो कर एक जगह पर पड़ा रहा। बाघ इतना चोटिल था कि हिल भी नहीं पा रहा था। ग्रामीण और वनविभाग के अधिकारी बाघिन को तड़पता देखते रहे और रात दो बजे बाघ ने दम तोड़ दिया और इधर गांव वालों और प्रशासन में गरमा गरमी रही। रात में एक बार तो ग्रामीणों ने एसडीएम की गाड़ी के साथ तोड़ फोड़ की। फिलहाल बाघ का शव वनविभाग के पास है। पोस्टमॉर्टम के बाद गांववालों पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों पर बाघ ने हमला किया। वनविभाग से हमने शिकायत की तो भी हमारी बात नहीं सुनी गई। गांववालों ने आक्रोशित हो कर बाघ पर हमला किया। लेकिन मौत की असली वजह वन विभाग है। बाघ की पिटाई के बाद दस घंटे तक घायल बाघ एक ही जगह पर तड़पता रहा, किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की और दो बजे बाघ ने दम तोड़ दिया। गांव वालों पर तो एफआईआर की तैयारी हो रही है लेकिन वन विभाग की लापरवाही पर भी कार्रवाई होनी चाहिये। जिला अधिकारी पूरे मामले की जांच अपने स्तर से करा रहे हैं।
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Source: IOCL

























